इश्क़ आख़िरी - 10 Harshali द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

इश्क़ आख़िरी - 10

आकाश ने अपने दिल पे हाथ रख कर मन में सोचा , ये मेरा दिल इतनी जोरों से क्यों धड़क रहा है ,आकाश ने एक नजर अमृता की और देखा , कमरे की लाइट्स अभी भी जल रही थी ।




सबसे पहले आकाश ने अमृता के चेहरे पर से किताब उठाकर साइड के टेबल पर रख दी , उसने देखा तो वो एक लव स्टोरी की किताब थी , अच्छा तो इसको लव स्टोरी पढ़ना पसंद है आकाश ने मन में ही सोचा । आकाश ने देखा की आज अमृता की बालों की लट उसके चेहरे पर नही थी , उसने उसको कंबल ओढ़ा दिया और उसके कमरे के बाहर जा कर खड़ा हो कर किसीको कॉल करने लगा । वो बोल तो कॉल पर रहा था लेकिन उसकी नजर सिर्फ सोए हुए अमृता की और थी । बीच में ही अमृता ने अंगड़ाई ली और उसकी आंख खुल गई । अमृता की नजर बाहर खड़े आकाश पर चली गई जो उसे ही देख रहा था , अमृता के कदम अब आकाश की और बढ़ने लगे , जैसे ही अमृता आकाश के सामने आके खड़ी हुई आकाश के हाथ में से फोन गिर गया । तुम अभी तक जाग रहे हो ? ऑफिस में से कब आए ? अमृता ने आकाश से सवाल करते हुए कहा । ये क्या अभी अभी ही आया हूं , अभी सोने के लिए ही जाने वाला था , लेकिन एक कॉल आ गया, आकाश ने अमृता से कहा। तुमने कुछ खाया ? अमृता ने बहुत ही सॉफ्ट टोन मैं आकाश से पूंछा । नहीं अभी इतने रात को किसे बोलूंगा की मुझे खाना दे , माँ को भी कल जाना है तो उसे उठना ठीक नहीं होगा , और मैं तो कभी किचन में भी नही गया हूं , मुझे तो ये भी पता नहीं है की चायपत्ती और शक्कर कहा रखी है आकाश ने अमृता से कहा । बस इतनी सी बाद , मैं तुम्हे खाना दे देती हूं चलो नीचे अमृता ने कहा । अरे नही अमृता तुम्हे मेरे लिए इतनी मेहनत लेने की जरूरत नही है , तुम जाओ जाके सोजाओ आकाश ने कहा । अच्छा तो तुम ऐसे नहीं मानोगे , अमृता आकाश का हाथ पकड़कर उसको अपने साथ नीचे ले गई और टेबल पर बिठा दिया , पांच मिनट में आती हूं बोलकर अमृता वहा से किचन में चली गई ।

वही बाहर बैठा हुआ आकाश अपने हाथ की और देख कर स्माइल कर रहा था । पांच मिनट के बाद अमृता खाने लेकर आती है । तुम भी मेरे साथ थोड़ा खाना क्यों नहीं खा लेती ? एटलेस्ट आधी रोटी तो खा सकती हो ना ! मुझे कंपनी मिल जायेगी प्लीज ,आकाश ने अमृता से रिक्वेस्ट करते हुए कहा । ठीक है आधी रोटी खा लेती हूं । अमृता और आकाश खाते खाते बाते कर रहे थे । इस सब के दौरान आकाश को एक कॉल आ जाता है , तुम्हे इतनी रात को भी कॉल्स आते है क्या ! डिनर भी ठीक से करने नहीं देते ! अमृता ने कंप्लेंट करते हुए कहा । वो मुझे इतनी रात को कॉल कर कहे है इसलिए तुम्हे शिकायत है ? अगर तुम कहो तो फोन स्विच ऑफ कर दू ? आकाश ने अमृता से पूछा । और आकाश की ये बात अमृता के दिल में हलचल पैदा करने के लिए काफी थी । वो...वो नही ऐसी बात नहीं है तुम कॉल रिसीव कर लो मैं वेट करती हूं ,अमृता ने अपनी नजरे चुराते हुए कहा। वहा आकाश काम के बारे में कॉल पर बात कर रहा था और यहां अमृता बैठे बैठ ही झपकी ले रही थी । उसने अपनी प्लेट साइड की और अपने दोनों हाथ अपने गालों पर रखकर आकाश को देखने लगी , और देखते ही देखते अमृता की वही आंख लग गई । नींद में अमृता ने अपने हाथ को आकाश के हाथ पर रख दिया । जैसे ही आकाश को रियलाइज हुआ उसने झट से कॉल काट दिया । ओ शीट मैं भी कितना बुद्धू हूं , अमृता ने आज मेरे लिए नींद से उठकर खाना सर्व किया, और मैं कॉल पर बात कर रहा था , आकाश ने मन मैं ही खुद को कोसते हुए कहा । फिर से अमृता के बालों की वो लट उसके गाल पर आ गई । आकाश ने मन मैं कहा , हाए....क्या कयामत लग रही है , इतना मासूम चेहरा , शांत पर गहरी आंखे , ये हवा में लहराते बाल, आकाश ये सब सोच कर मुस्कुरा ही रहा था तभी वहा राधा आ जाती है । अरे बेटा कब आए तुम ? और खाना कब खाया ? ये अमृता यहा क्यों सो रही है ? राधा एक के बाद एक सवाल पूछती ही जा रही थी । माँ धीरे अमृता सो रही है , वो में अपने कमरे में जा रहा था तो अमृता की तभी नींद खुली और उसने मुझे खाना परोसा फिर उसकी यहां आंख लग गई , लेकिन माँ आप क्यों जाग रही है अभी तक , कल जाना है ना आपको ? अरे , जब अपना बेटा बाहर होगा तो एक मां को नींद कैसी आ सकती है ! तुम्हे खाना परोसने के लिए ही उठी थी लेकिन शायद तुमने खा लिया, राधा ने आकाश से कहा । हां माँ , अभी अमृता का क्या करू ? उठाता हूं इसे , आकाश ने राधा से कहा । अरे बेटा अब ये नहीं उठेगी क्यों की उसने दवाई ली है , आज वो बनारस देखने गई थी ना तो जब वापस आई तब उसके सिर में दर्द था इसलिए मैंने ही दवाई दी थी राधा ने कहा । लेकिन उसने मुझे कुछ बताया नही आकाश झट से बोल पड़ा । अब क्या सारी बातें अमृता तुझे बताएगी ? राधा ने घूरते हुए आकाश से पूछा । आकाश ने टॉपिक चेंज करते हुए कहा , माँ आप सोने के लिए जाना , में देखता हूं, अमृता को कमरे मैं छोड़ दूंगा मैं । ठीक है ध्यान से और संभाल कर लेके जाना कहकर राधा वहा से चली जाती है । आकाश फिर से अमृता को एक टक देखने लगता है ,आकाश उसको आवाज लगाकर उठाने की कोशिश करता है लेकिन अमृता पर दवाई का असर कुछ ज्यादा ही हुआ होता है । आकाश मन मैं ही सोचता है , क्याा अब मुझे अमृता को अपने गोद में उठा कर उसके कमरे में सुलाना पड़ेगा !



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priti thakur

priti thakur 4 महीना पहले

Aage ki story kab aayegi ishq akhiri kii

Preeti G

Preeti G 4 महीना पहले