तुम्हारी शादी है

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एक शहर की लड़की गांव घूमने आती है। उसे क्या पता था कि इस गांव से वापस जाने का रास्ता बंद हो जाएगा। क्या वो लड़की इस जबरदस्ती के रिश्ते को कभी अपनाएगी? या इस कैद से भाग जाएगी? और जब उसके घर वालों को पता चलेगा तो क्या होगा? जानने के लिए सुनिए ये दर्द, प्यार और टकरार से भरी पूरी कहानी। अगर आपको ये कहानी पसंद आए

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तुम्हारी शादी है - 1

Rajasthanजहां सबसे ज्यादा रेत पाई जाती हैं , वो गर्म इलाके में रेत के टीलों पर कुछ जीप तेजी दौड़ रही थी उनमें से एक आदमी दूरबीन लेकर दूर-दूर तक देखते हुए ,"I don't know boss" कहां है? शाम को इतना इंपोर्टेंट काम करना है। और बॉस का कुछ पता नहीं चल रहा है। बोलते हुए अपनी दूरबीन को और ज्यादा जूम कर दूर दूर तक फैला रेत को देखने लगता है ।वहां पर भी उसे कुछ नजर नहीं आ रहा था। तभी एक लड़का चिल्लाते हुए , अद्विक कहां हो तुम? जानते हो ना आज की शाम कितनी ...और पढ़े

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तुम्हारी शादी है - 2

अधिरा जिसे धीरे-धीरे होस आ रहा था , उसकी आंखें अभी हल्की सी ढूंढ ली थी वह अपनी आंखें कर पुरी पूरी तरीके से खोलती है।उसकी उसकी गहरी काली आंखें पीकॉक ब्लू आईज से जाकर मिलते हैं। आआह्ह्हह्ह्अद्वीक को अपने इतने नज़दीक देख उसकी जोर दार चीख निकल जाती है।वह उठकर पर बैठती है ।उसका ब्लाउज जो सिर्फ डोरियों पर अटका हुआ था , और अद्विक के डोरी खोलने से उसका ब्लाउज खिसक कर नीचे गिर जाता है अधीरा की आंखें और बड़ी हो जाते हैं । उसके होंठ दर से फड़फड़ाना लगते हैं ।अब आगे,अधीरा अपनी बड़ी-बड़ी पलके ...और पढ़े

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तुम्हारी शादी है - 3

होटल ताज,एक लड़की जल्दी से भागते हुए सीधा रूम नंबर 402 में घुस जाती हैं । और उस रूम अंदर से लॉक करते हुए अपने सीने पर हाथ रख गहरी सांस ले अपने हाथ में पहनी हुई रिस्ट वॉच पर वक्त देखते हैं उसमें अभी 8:30 हो रहे थे , वह लड़की खुद से जल्दी कर अधिरा जल्दी कर वरना वो बीस्ट तेरे पीछे यहां तक पहुंच गया तो, बहुत बड़ी गड़बड़ हो जाएगी " बोलते हुए वह इधर-उधर देखते हैं । और जल्दी से दरवाजा खोल दूसरे वाले रूम में जाते हैं , जल्दी करो फटाफट अपना सामान ...और पढ़े

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तुम्हारी शादी है - 4

रात के 10:00 ,शेखावत हवेली को खूबसूरती से सजाया गया था। वह इस वक्त किसी सोने के महल की लग रही थी। जहां हर तरफ सिर्फ धूमधाम और चहल-पहल थी। बाहर गार्डन में आतिश बाजिया हो रही थी। वही दरवाजे पर बड़ी-बड़ी लाल कलर की थालियां रखी हुई थी जो तांबे की थी और उसे पर लाल कलर का रंग डाला हुआ पानी था। जिसे आता कहते हैं। वही दरबार से कुछ एक औरत जो काफी बुजुर्ग लग रही थी। वह सिर पर दुपट्टा डालें बाहर की तरह देख रही थी।जैसे उनकी बेचैन नजरों को किसी के आने का ...और पढ़े

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