शहर में उस दिन सुबह से ही बारिश हो रही थी। आसमान बादलों से ढका था और कॉलेज की सड़क पर जगह-जगह पानी जमा था। आरव हमेशा की तरह कॉलेज के बस स्टॉप पर अकेला खड़ा था। हाथ में किताब थी, लेकिन उसका ध्यान किताब में नहीं था। वह बार-बार अपनी घड़ी देख रहा था। “आज बस भी इतनी देर क्यों कर रही है?” तभी पीछे से किसी के तेज़ कदमों की आवाज़ आई।
पहला प्यार - 1
Part 1 — पहली मुलाकातशहर में उस दिन सुबह से ही बारिश हो रही थी।आसमान बादलों से ढका था कॉलेज की सड़क पर जगह-जगह पानी जमा था।आरव हमेशा की तरह कॉलेज के बस स्टॉप पर अकेला खड़ा था।हाथ में किताब थी, लेकिन उसका ध्यान किताब में नहीं था।वह बार-बार अपनी घड़ी देख रहा था।“आज बस भी इतनी देर क्यों कर रही है?”तभी पीछे से किसी के तेज़ कदमों की आवाज़ आई।एक लड़की बारिश से बचने की कोशिश करते हुए दौड़ती हुई बस स्टॉप की तरफ आ रही थी।उसके हाथ में तीन किताबें थीं।वह शायद बहुत जल्दी में थी।अचानक उसका ...और पढ़े
पहला प्यार - 2
वह तस्वीरमीरा पूरी रात सो नहीं पाई।उसके हाथ में वही पुरानी तस्वीर थी।तस्वीर में दो छोटे बच्चे एक साथ थे।लड़की के चेहरे पर वही मुस्कान थी जो आज मीरा के चेहरे पर थी।और लड़का…मीरा उस चेहरे को जितना देखती, उसका दिल उतनी तेजी से धड़कने लगता।उसने तस्वीर पलटी।पीछे सिर्फ एक तारीख लिखी थी—15 जुलाई 2012और नीचे एक नाम—“आरव”मीरा की आँखें फैल गईं।“ये कैसे हो सकता है?”उसे अपने बचपन की बहुत कम बातें याद थीं।बस एक धुंधली-सी याद…बारिश…एक छोटा-सा घर…और एक लड़का जो उससे कह रहा था—“डरो मत, मैं तुम्हारे साथ हूँ।”अचानक मीरा के कमरे की लाइट बंद हो गई।वह ...और पढ़े
पहला प्यार - 3
अधूरी यादअगली सुबह आरव की आँखें खुलीं तो उसके दिमाग में पिछली रात की वही बात घूम रही थी।“अगर बेटे को मीरा से प्यार हो गया… तो वही पुरानी कहानी फिर शुरू होगी।”आरव बिस्तर से उठा और सीधे अपने पिता के कमरे में गया।“पापा।”उसके पिता अखबार पढ़ रहे थे।उन्होंने अखबार नीचे रखा।“क्या हुआ?”आरव ने सीधे पूछा,“आप मीरा के परिवार को जानते हैं?”कमरे में अचानक खामोशी छा गई।उसके पिता ने कुछ सेकंड तक आरव को देखा।“तुमने ये नाम कहाँ से सुना?”“बस इतना बताइए कि आप जानते हैं या नहीं।”“आरव, इस बारे में बात मत करो।”“क्यों?”“क्योंकि ये बहुत पुरानी बात है।”आरव ...और पढ़े
पहला प्यार - 4
Part 4 — तस्वीर में तीसरा इंसानआरव फर्श पर पड़ी तस्वीर को घूर रहा था।तस्वीर में वह और मीरा बच्चे थे।दोनों मुस्कुरा रहे थे।लेकिन उनके पीछे खड़ा तीसरा आदमी…उसका चेहरा तस्वीर में थोड़ा धुंधला था।आरव ने तस्वीर उठाई।“पापा… ये कौन है?”उसके पिता ने तस्वीर देखते ही नजरें फेर लीं।“इसे वापस रख दो।”“पहले बताइए ये कौन है।”“आरव, मैंने कहा इसे रख दो।”“नहीं!”आरव की आवाज पहली बार इतनी तेज हुई।“बारह साल से आप मुझसे ये सब छिपाते रहे। अब मैं जानना चाहता हूँ।”उसके पिता कुछ देर चुप रहे।फिर बोले,“मुझे नहीं पता।”आरव हैरान रह गया।“आपको नहीं पता?”“नहीं।”“तो फिर आप डर क्यों रहे ...और पढ़े
पहला प्यार - 5
Part 5 — अमन कौन है?पुराने घर के अंदर अचानक खामोशी छा गई।आरव और मीरा दरवाजे के पास खड़े आदमी को देख रहे थे।आदमी की उम्र लगभग तीस साल थी।उसके हाथ में वही पुरानी तस्वीर थी।आरव ने पूछा,“तुम अमन हो?”आदमी ने हल्की मुस्कान के साथ कहा,“हाँ।”मीरा ने तुरंत पूछा,“तुम्हें हमारे बचपन के बारे में कैसे पता?”अमन कुछ कदम आगे आया।“क्योंकि मैं उस दिन वहाँ था।”आरव का चेहरा गंभीर हो गया।“15 जुलाई 2012 को?”अमन ने सिर हिलाया।“हाँ।”मीरा ने पूछा,“उस दिन हुआ क्या था?”अमन ने जवाब देने के बजाय कमरे की टूटी हुई खिड़की की तरफ देखा।“तुम दोनों बहुत छोटे थे।”“और ...और पढ़े