करीब चार सौ - पांच सौ साल पहले ................... शिवनगर में हुए खौफनाक हादसे के आखिरी दिन एक विचित्र घटना घटी। हुआ यूँ कि आखिरी दिन बाबा बटेश्वर की नज़र गेरुआ धोती में लिपटी जामून के पेड़ का ओट लेकर खड़ी घुॅंघरू पर पड़ गई ... अपनी शक्तियों द्वारा जैसे उन्होंने सारा भेद जान लिया । वो घुॅंघरू को कठोर नजरों से देखते हुए प्रचण्ड स्वर में बोले, " विश्वासघातिनी ! तू ही है ना वो जिसने ठाकुर वीर सिंह के लिए यम का दरवाजा खटखटाया ...... किचकन्या की साथिन यहाँ आ ! "
घुँघरू - 1
करीब चार सौ - पांच सौ साल पहले ...................शिवनगर में हुए खौफनाक हादसे के आखिरी दिन एक विचित्र घटना हुआ यूँ कि आखिरी दिन बाबा बटेश्वर की नज़र गेरुआ धोती में लिपटी जामून के पेड़ का ओट लेकर खड़ी घुॅंघरू पर पड़ गई ... अपनी शक्तियों द्वारा जैसे उन्होंने सारा भेद जान लिया ।वो घुॅंघरू को कठोर नजरों से देखते हुए प्रचण्ड स्वर में बोले," विश्वासघातिनी ! तू ही है ना वो जिसने ठाकुर वीर सिंह के लिए यम का दरवाजा खटखटाया ...... किचकन्या की साथिन यहाँ आ ! "गाँव के कुछ लोग उसे किचकन्या की साथिन जान कर ...और पढ़े
घुँघरू - 2
हैलो फ्रेंड्स ! मैं हूँ विधि आहूजा! ओह ! अच्छा तो आप ये सोच रहे हैं कि मैं आखिर कौन और अच्छी भली चलती कहानी में यूँ बेतरतीब ढंग से कैसे घुस आई। सही है फ्रेंड्स क्योंकि मैं अपना पूरा परिचय आप लोगों को देना तो भूल ही गई। दरअसल ये कहानी मैं ही आपलोगों को सुना रहीं हूँ, न ... ना ... गलत मत समझिए, मैं इस कहानी की नायिका हरगिज़ नहीं हूँ। मैं तो बस स्टोरी टेलर हूँ और इस कहानी की एक मुख्य पात्र भी, तभी तो मैं पूरी कहानी डिटेल में जानती हूँ। जिस पार्टी ...और पढ़े
घुँघरू - 3
वो रात एक आम रात जैसी ही थी, हम दोनों पार्टी से वापस लौट रहे ... मैं शर्लिन को घर वापस ड्रॉप करने जा रही थी। मेरे बीएमडब्लू में धीमा म्यूजिक बज रहा था और मैं लागातार उसे स्वप्निल देव रॉय को लेकर खूब छेड़ रही थी । तभी अचानक से ड्राइवर ने एक झटके में ब्रेक लगा कर गाड़ी रोक दी। यूँ अचानक ब्रेक लगने के कारण गाड़ी पूरी तरह डिसबैलेंस हो गई, राहत की बात सिर्फ़ इतनी थी कि एक्सीडेंट नहीं हुआ, किसी को जरा सा भी नुकसान नहीं पहुंचा ... कार को भी नहीं । पर ...और पढ़े
घुँघरू - 4
कॉफ़ी कॉर्नर में एक नौजवान जोड़ा बैठा था। वह जोड़ा इतना हसीन था कि हर किसी की नज़र उन फिसल रही थी ... सही पहचाना ये जोड़ा स्वप्निल देव रॉय और शर्लिन डी'क्रूज़ का था।हुआ यूँ था कि सुबह - सुबह ही डी'क्रूज़ हाउस में शर्लिन के लिए एक बड़ा सा खुबसूरत बुके पहूँचा जिसमें बस एक छोटा सा चिट था जिस पर एक नंबर लिखा था और नीचे लिखा था, ' आई वांट टू टॉक टू यू अबाउट समथिंग इंपॉर्टेंट, कॉल मी प्लीज। ' - स्वप्निल देव रॉयशर्लिन बुके देख कर मुस्कुराई ...और पढ़े