अनजानी मुलाकात लखनऊ की बारिश में भीगती वह शाम कुछ ख़ास थी। गोमती नगर के एक छोटे और शांत कैफे में मंद-मंद संगीत बज रहा था और बाहर की बूंदों की आहट कांच की खिड़कियों पर साफ़ सुनाई दे रही थी। हवा में ताज़ा पिसी हुई कॉफ़ी और सोंधी मिट्टी की महक घुली हुई थी।
प्यार का जाल - 1
एपिसोड 1: अनजानी मुलाकातलखनऊ की बारिश में भीगती वह शाम कुछ ख़ास थी। गोमती नगर के एक छोटे और कैफे में मंद-मंद संगीत बज रहा था और बाहर की बूंदों की आहट कांच की खिड़कियों पर साफ़ सुनाई दे रही थी। हवा में ताज़ा पिसी हुई कॉफ़ी और सोंधी मिट्टी की महक घुली हुई थी।आरव कैफे के एक कोने वाली मेज़ पर बैठा अपनी डायरी में कुछ लिख रहा था। आरव स्वभाव से बेहद शांत, गंभीर और अपनी ही दुनिया में खोया रहने वाला लड़का था। उसके लिए किताबें और उसकी डायरी ही सबसे अच्छे दोस्त थे। वह अपनी ...और पढ़े
प्यार का जाल - 2
कैफे की उस पहली मुलाकात के बाद कई दिन बीत गए थे, लेकिन आरव का मन अब किसी काम नहीं लग रहा था। वह जब भी आँखें बंद करता, उसे रिया का भीगा हुआ चेहरा और उसकी चंचल मुस्कान ही याद आती। आरव रोज़ शाम को उसी समय कैफे पहुँच जाता और उसी कोने वाली मेज़ पर बैठकर दरवाज़े की तरफ़ टकटकी लगाए देखता रहता। उसका दिल हर पल इसी उम्मीद में धड़कता कि शायद आज रिया फिर से उस दरवाज़े से अंदर आए।तीन दिन बाद, उसकी यह उम्मीद हक़ीक़त में बदल गई। शाम के वक्त कैफे का दरवाज़ा ...और पढ़े
प्यार का जाल - 3
बीते कुछ हफ़्तों में आरव की जिंदगी पूरी तरह से करवट ले चुकी थी। जो इंसान कभी अपनी ही को अपना साथी मानता था और लोगों से दूरी बनाकर रहता था, अब सुबह आँख खुलते ही सबसे पहले रिया का ख्याल उसके चेहरे पर एक गहरी और मीठी मुस्कान ले आता था। रिया की चंचलता और उसकी बातें आरव के दिल में इस कदर बस चुकी थीं कि अब उसे अपनी हर खुशी रिया के बिना अधूरी लगने लगी थी। आरव ने मन ही मन यह अटूट फैसला कर लिया था कि आज की शाम वह अपने दिल का ...और पढ़े