राना नक्शा*गर्मियों की छुट्टियां थीं। *विक्रम* लखनऊ से नानी के गांव बस्ती गया था। गांव के पीछे घना जंगल था। बड़े बोलते थे - "उस जंगल में मत जाना, वहां रात को अजीब आवाज़ें आती हैं।"एक दिन विक्रम छत पर पतंग उड़ाते समय पुराने टीन के डब्बे में कुछ ढूंढ रहा था। तभी उसके हाथ एक फटी-पुरानी डायरी लगी। डायरी के अंदर पीले कागज पर हाथ से बना *नक्शा* था। नक्शे पर लाल स्याही से लिखा था: *"पीपल के पेड़ के नीचे... जहां 3 चट्टानें हैं... वहीं दबा है राजा का खजाना"*विक्रम की धड़कन तेज हो गई। क्या ये सच में खजाने का नक्शा था? उस रात वो सो नहीं पाया।

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जंगल का खजाना - 1

*अध्याय 1: पुराना नक्शा*गर्मियों की छुट्टियां थीं। *विक्रम* लखनऊ से नानी के गांव बस्ती गया था।गांव के पीछे घना था। बड़े बोलते थे - "उस जंगल में मत जाना, वहां रात को अजीब आवाज़ें आती हैं।"एक दिन विक्रम छत पर पतंग उड़ाते समय पुराने टीन के डब्बे में कुछ ढूंढ रहा था। तभी उसके हाथ एक फटी-पुरानी डायरी लगी।डायरी के अंदर पीले कागज पर हाथ से बना *नक्शा* था। नक्शे पर लाल स्याही से लिखा था:*"पीपल के पेड़ के नीचे... जहां 3 चट्टानें हैं... वहीं दबा है राजा का खजाना"*विक्रम की धड़कन तेज हो गई। क्या ये सच में ...और पढ़े

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