दुनिया में दो तरह की डरावनी कहानियाँ होती हैं।एक, जिन्हें लोग खुद बना लेते हैं...और दूसरी, जिनके बारे में लोग इसलिए बात करना छोड़ देते हैं क्योंकि वे सच होती हैं।आरोही शर्मा ने कभी नहीं सोचा था कि शहर के सबसे पुराने सेंट हेलेना गर्ल्स हॉस्टल में उसका पहला दिन उसकी ज़िंदगी का सबसे बड़ा मोड़ बन जाएगा।हॉस्टल शहर से थोड़ा दूर, घने पेड़ों के बीच बना हुआ था। दिन में देखने पर वह एक सामान्य चार मंज़िला इमारत लगता था, लेकिन शाम होते ही उसकी दीवारों पर पड़ती परछाइयाँ उसे किसी वीरान हवेली जैसा बना देती थीं।
Room no. 407 - 1
Part 1दुनिया में दो तरह की डरावनी कहानियाँ होती हैं।एक, जिन्हें लोग खुद बना लेते हैं...और दूसरी, जिनके बारे लोग इसलिए बात करना छोड़ देते हैं क्योंकि वे सच होती हैं।आरोही शर्मा ने कभी नहीं सोचा था कि शहर के सबसे पुराने सेंट हेलेना गर्ल्स हॉस्टल में उसका पहला दिन उसकी ज़िंदगी का सबसे बड़ा मोड़ बन जाएगा।हॉस्टल शहर से थोड़ा दूर, घने पेड़ों के बीच बना हुआ था। दिन में देखने पर वह एक सामान्य चार मंज़िला इमारत लगता था, लेकिन शाम होते ही उसकी दीवारों पर पड़ती परछाइयाँ उसे किसी वीरान हवेली जैसा बना देती थीं।ऑटो से ...और पढ़े
Room no. 407 - 2
रूम नं. 407भाग – 2 : बंद दरवाज़े के पीछेआरोही का पूरा शरीर डर से काँप रहा था।उसकी आँखें लगे धूल भरे नंबर पर टिक गई थीं—407कमरे का दरवाज़ा आधा खुला था।अंदर इतना अँधेरा था कि कुछ दिखाई नहीं दे रहा था।लेकिन वही आवाज़...वही धीमी, ठंडी फुसफुसाहट..."तुम आ ही गई..."आरोही के पैरों ने जैसे ज़मीन पकड़ ली।वह भागना चाहती थी...लेकिन उसका शरीर उसका साथ नहीं दे रहा था।उसने काँपती आवाज़ में पूछा—"क... कौन है वहाँ?"कुछ सेकंड तक बिल्कुल सन्नाटा रहा।फिर कमरे के अंदर से किसी के हल्के-हल्के हँसने की आवाज़ आने लगी।"ह... ह... ह..."वह ज़ोर से नहीं हँस रही ...और पढ़े
Room no. 407 - 3
भाग – 3 : "मुझे उसी कमरे में रहना है"सुबह के आठ बजे थे।पूरे हॉस्टल में सिर्फ़ एक ही हो रही थी—"नई लड़की के हाथ पर 407 कैसे लिखा आया?"कोई कह रहा था यह अपशकुन है।कोई कह रहा था कि अब वह ज़्यादा दिन हॉस्टल में नहीं रहेगी।लेकिन इन सबसे बिल्कुल अलग...आरोही अपने बिस्तर पर बैठी मुस्कुरा रही थी।उसने हथेली पर बने 407 को गौर से देखा और फिर धीरे से अपनी उँगली फेर दी।"मार्कर भी नहीं है..."वह बुदबुदाई।"तो फिर किसी ने लिखा कैसे?"नैना डरकर बोली,"तुम... तुम हँस क्यों रही हो?"आरोही ने उसकी तरफ देखा।"क्योंकि जितनी डरावनी ये कहानी ...और पढ़े