आज में बात करने वाली हुं एक लड़की के बारे में है थोड़ी सी नटखट , चुलबुली जिसे देख मन बस उसी के पास चला इतनी भोली शक्ल की कोई उससे नफ़रत न कर सके । हां, बहुत छोटी सी ही है सिर्फ ४ साल की पर उसके सपने बहुत बड़े हैं पर कहते हैं ना कि जीवन में जितने बड़े सपने होंगे उतना ही कठिन रास्ता होता है। किसी ने कहा है कि "हमेशा सपने ऊंचे देखने चाहिए"
कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक - 1
आज में बात करने वाली हुं एक लड़की के बारे में है थोड़ी सी नटखट , चुलबुली जिसे देख बस उसी के पास चला इतनी भोली शक्ल की कोई उससे नफ़रत न कर सके ।हां, बहुत छोटी सी ही है सिर्फ ४ साल की पर उसके सपने बहुत बड़े हैं पर कहते हैं ना कि जीवन में जितने बड़े सपने होंगे उतना ही कठिन रास्ता होता है।किसी ने कहा है कि "हमेशा सपने ऊंचे देखने चाहिए"लोग सपने तो ऊंचे देख लेते हैं पर ये भूल जाते हैं कि सपने पुरे करने के लिए महेनत की भी जरूरत पड़ती है।अच्छा ...और पढ़े
कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक - 2
"गुनाह करना , गुनाह सहना और गुनाह होते देखना ये भी एक अपराध ही है।"अब तक दृष्टि ने पढ़ना शुरू ही किया था कि उसके पिता को थोड़ा सा शक होने लगा की ये दृष्टि पुरे दिन घर पर तो होती ही नहीं।बहुत दिनों तक ऐसा चलता रहा फिर उन्होंने एक बार याद करके पुछ ही लिया कि " ये तेरी बेटी घर पे दिखाई क्यों नहीं देती । कुछ कांड तो नहीं कर रही ना ।पर उन्होंने अपनी बच्ची के भविष्य के लिए या तो बात टाल देती या तो झुठ बोल देती । ऐसे कुछ दिन तो ...और पढ़े
कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक - 3
अब आपको पता ही होगा कि दृष्टि के पिता मोहनलाल को उसकी पढ़ाई और उनके झुठ के बारे में चल गया था। दृष्टि के पिता एक गुस्से वाले होंने के साथ ही बहुत चालाक है। उन्हें पता है कि जबरदस्ती करने से एक दिन दो दिन वो उनकी बात मानेगी पर उनसे जुठ बोलकर अपनी इच्छा का ही करेगी ।" हर पुरुष को यही लगता है कि स्त्री को अपने निर्णय लेने का कोई हक नहीं होता उसको सिर्फ पुरुषो इच्छा अनुसार ही चलना होता है।"इसलिए उन्होंने पहले तो बड़ी आसानी से उन्हें समझाया और उसकी एक गन्दी योजना ...और पढ़े
कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक - 4
मोहनलाल के मित्रों ने कुछ दिन का समय मांगा था। तो फिर कुछ दिन सभी मित्र निर्धारित समय और पर जमा हुए।दुसरी तरफ मोहनलाल के मित्रों ने बहुत सोचने के बाद ये सुझाव दिया की या तो उसकी शादी करवा दिजिए या फिर नाता कर दिजिए ऐसे आपको पैसे भी मिल जाएगे और आपकी मुश्किल भी हल हो जाएगी।अब घर आ कर वो यही सोच रहा था कि कोई ऐसा लड़का ढूंढा जाए जो उसी की तरह उसे घर में बांधे रखे । मोहनलाल ने लड़के की तलाश शुरू कर दी। बहुत सारे लड़के देखने के बाद कई दिनों ...और पढ़े