मेरे ख्वाबो मे जो आए,,,, आ के मुझे छेड़ जाए,,,,, उससे कहो मेरे.... सामने तो आए,,, मेरे ख्वाबो मे जो आए ,,,,ऐ,,,,ऐ,,,, तभी माँ ने अंदर से आवाज लगाई, पहले अंदर आजा नहीं तो सर्दी लग जायेगी...बाद मे अपने राजकुमार को बुलाना ?..... विधि अंदर आते ही टेड़ा मुह करते हुए, "तुम भी ना माँ"...!! हमेशा बीच मे आजाती हो,,,कितना मजा आ रहा था बारिश मे भीगने मे।
Full Novel
प्यार? एक अनकहा एहसास...!! पार्ट 1
प्यार एक अनकहा एहसास...!! मेरे ख्वाबो मे जो आए,,,, आ के मुझे छेड़ उससे कहो मेरे.... सामने तो आए,,, मेरे ख्वाबो मे जो आए ,,,,ऐ,,,,ऐ,,,,तभी माँ ने अंदर से आवाज लगाई,पहले अंदर आजा नहीं तो सर्दी लग जायेगी...बाद मे अपने राजकुमारको बुलाना .....विधि अंदर आते ही टेड़ा मुह करते हुए, "तुम भी ना माँ"...!! हमेशा बीच मे आजाती हो,,,कितना मजा आ रहा था बारिश मे भीगने मे।माँ भी हँसी मे उसकी बात टालते हुए, अरे .....मै कहा बीच मे आयी वोतो तुम्हें बारिश से सर्दी ना लग जाए इसीलिए ...और पढ़े
प्यार? एक अनकहा एहसास...!! पार्ट 2
हैलो : "आई एम अंश".... अंश शर्मा...!!विधि तो बस मुह खोले बिना पलके झपके उसे देखने लगी।उसे तो यकीन नहीं हो रहा था कि वो लड़का जिसके साथ वो रोज इतनी बाते करती हैं वो एकदम से उसके सामने ऐसे आ सकता है ओर वो भी इतनी दूर से....विधि तो अंश को बस देखे जा रही थी क्यों की वो लड़का जिसकी बाते उसे इतनी प्यारी लगती थी उस बातों की वजह से ही उसे अंश से प्यार हुआ था वो सचमुच ही इतना प्यारा था की कोई भी लड़की उसके प्यार मे पड़ जाए...उचां लंबा देखने मे स्मार्ट ...और पढ़े
प्यार? एक अनकहा एहसास...!! पार्ट 3
वैसे,हम दोनों भाई बहन, मॉम डैड बस इतने ही।मगर हमारे पूरे फैमिल की बातकरे तो बहुत बड़ी फैमिल है फैमिली।एक ताऊ जी उनकी फैमिली चाचाजी उनकी फैमिली... और दो बुआ...जब सब किसी फेस्टिवल मे मिलतेहै तो पुरा माहौल बन जाता हैं।जैसे कोई फंक्शन हो।खूब एंजॉय करते है हम सब मिलकर ।विधि : त्योहारों मे मिलते हो, मतलबसब मिल कर नहीं रहते।अंश : सब साथ ही रहते है पर ताऊजी के दो बेटे लंदन मे रहते है जिनकी शादी हो चुकी हैं तो अपनी फैमिली के साथ वही रहते है।तो वो कभी कभी ही आते हैं।चाचा का लड़का मेरी तरह ...और पढ़े
प्यार? एक अनकहा एहसास...!! पार्ट 4
सुबह विधि कॉलेज के लिए तैयार हो रही थी तब मम्मी ने उसे बेसन के लड्डु खिलाये।विधि के ये हैं उसे बहुत पसन्दथे... मगर ये अंश को भी उतने ही पसंद थे तो देख कर मम्मी से कहने लगी....विधि :: अरे,, मम्मी ये कब बनाये आप ने और मुझे अब खिला रही हो....आप को पता है ना ये मुझे कितने पसन्द है।मम्मी : अरे ये मैंने नहीं बनाये तुम्हारी दादी लेकर आयी है।विधि : ओह्ह ...!!मम्मी : क्या ओह्ह...!! अच्छे नहीं है क्या...?? तुम्हे बहुत पसंद है इसीलिए तो दादी लेकर आयी है...विधि : हा.. मम्मी ..!! अगर तुम ...और पढ़े
प्यार? एक अनकहा एहसास...!! पार्ट 5
विधि हाथ मे फोन लिए उसकी फोटो देख कर रोने लगी..."कितना प्यार करती हूँतुम्हे अंश"...!! लेकिन तुम्हें उस प्यार कोई कद्र नहीं है।तुम्हें तो बस..??क्या समझा था तुम्हें और तुम क्या निकलेकहते हुए और जोर से रोने लगी।रोते रोते कब सो गयी उसे पता भी ना चला।।रात को मम्मी ने डिनर के वक़्त विधि को आवाज लगायी।।विधि बेटा खाना लग गया है आओ हम सब वेट कर रहे हैं।मम्मी की आवाज से विधि की आँखे खुल गई तो उसने वही से आवाज लगाई।"मुझे भूख नहीं है मम्मी आप लोग खा लो"...।विधि बार बार फोन चेक करती रही, कहीं अंश ...और पढ़े
प्यार? एक अनकहा एहसास...!! पार्ट 6
अब विधि, शादी के लिए मना करें तोकैसे करें उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था...अंश की बात भी ऐसे अचानकनहीं कर सकती थी, लेकिन अंश के बारेमे बताना भी जरूरी था।ऐसे बहुत सारे सवाल उसके दिमाग मेंचल रहे थे। ऐसे में उसे अब अंश से बात करनी थी और ये सब बाते अंश कोबतानी थी।विधि अपने रूम मे गयी और अंश को कॉल कर के, सब बात बता दी और अंश को पापा से मिलकर बात करने के लिए कहा...लेकिन अंश ने अभी एक्साम हैतो कुछ दिन शादी की बात को टालने के लिए कहा।लेकिन विधि नही मानी ...और पढ़े
प्यार? एक अनकहा एहसास...!! पार्ट 7
विधि के पढ़ाई के यह दो साल भी बीत गये...लेकिन अंश की कोई खबर नही आयी ना वो आया।।।आगे...दस बाद..."अभय उठो ना...!! ऑफिस नहीं जानाहै क्या आज", माही भी सोयी ही हैं...ये बाप बेटी की नींद भी ना कुंभकर्ण से कम नही।किसी बात की कोई खबर नहीं रहती, अगर मै ना उठाऊ इनको...तो पता नही पूरे दिन सोते रहेगे...!!विधि अकेली ही किचन मे काम करतेहुए बोले जा रही थी। उधर अभय और माही दोनो रजाई के अंदर से सब बातें सुनकर मुस्कुरा रहे थे।विधि फिर से हाथ का काम छोड़ कर बेडरूम मे जाती है और दोनों को फिर ...और पढ़े
प्यार? एक अनकहा एहसास...!! पार्ट 8
विधि ने जब वो पैकेज खोला तोउसमे वही टैडी था, जिसे माही नेलेने की जिद की थी।विधि समझ गयी यह किसने भेजाहै। लेकिन यह समझ नहीं आरहा थाकी अब क्या करे ...अगर अभय पूछेतो उसे क्या बताये।।विधि इसी उलझन में बैठी थी कीमाही भी स्कूल से घर आगयी।टैडी को देख कर माही तो बहुतखुश हुईं।।माही :" थैंक यू, मम्मा"..!! आप लेआयी मेरा टैडी... थैंक यू आप बहुत अच्छी हो.."लव यू मम्मा"..!!कहते हुए मम्मी के गले लग गयी।अब विधि बताये भी तो क्या वो बसचुप थी।।शाम को जब अभय घर आया तोमाही के हाथ मे टैडी देख कर विधिसे पूछ ...और पढ़े