एक घर… जो गहरे अंधेरे में डूबा था। चारों तरफ़ एक भयावह सन्नाटा पसरा हुआ था। सिर्फ़ घड़ी की टिक-टिक… टिक-टिक… उस सन्नाटे को चीर रही थी। घर के एक कोने में एक ग्यारह साल की बच्ची दुबकी बैठी थी। उसने अपने मुँह पर हाथ रख लिया था। चेहरे से पसीना टपक रहा था और साँसें तेज़ होती जा रही थीं। तभी सन्नाटे को चीरते हुए वो बच्ची चीख पड़ी "माँ!" वो एकटक सामने देख रही थी !

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Oyy Mr. Vampire - 1

एक घर… जो गहरे अंधेरे में डूबा था।चारों तरफ़ एक भयावह सन्नाटा पसरा हुआ था।सिर्फ़ घड़ी की टिक-टिक… टिक-टिक… सन्नाटे को चीर रही थी।घर के एक कोने में एक ग्यारह साल की बच्ची दुबकी बैठी थी।उसने अपने मुँह पर हाथ रख लिया था।चेहरे से पसीना टपक रहा था और साँसें तेज़ होती जा रही थीं।तभी सन्नाटे को चीरते हुए वो बच्ची चीख पड़ी "माँ!"वो एकटक सामने देख रही थी !सामने का मंजर इतना भयानक था कि उसकी रगों में खून जम गया !एक आदमी ने एक औरत का गला दबोच रखा था।वो आदमी धीरे से पीछे मुड़ा…उसकी नज़रें सीधे ...और पढ़े

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Oyy Mr. Vampire - 2

स्नोसिटी बिलकुल अपने नाम की तरह ही था। यहाँ अक्सर बर्फबारी होती रहती थी। ये शहर दिखने में जितना था, उतना ही रहस्यमय भी। इस शहर के अंदर कई राज़ दफ़न थे।आज भी तेज़ बर्फबारी हो रही थी। रात का वक़्त था और एक लड़की अँधेरी गलियों में लड़खड़ाते हुए आगे बढ़ रही थी। उसके सिर पर चोट का निशान था, जिससे ख़ून रिस रहा था। लड़की ने अपना जैकेट का हुडी सिर पर डाल लिया क्योंकि बर्फबारी बहुत तेज़ हो गई थी। उसने एक बार इधर-उधर देखा और फिर आगे बढ़ते हुए एक अँधेरे से कोठारी के अंदर ...और पढ़े

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Oyy Mr. Vampire - 3

Snow City :रात का वक़्त…:ध्रुविका ने घूर कर लड़के की ओर देखा ! और फिर अपनी गर्दन टेढ़ी कर और लड़के का हाथ पकड़ लिया ! और उसको पूरा मरोड़ दिया। लड़का चीख पड़ा ! और कुछ ही देर बाद वहाँ बस चीखें ही सुनाई दे रही थीं।ध्रुविका ने एक लड़के का हाथ पकड़कर उसकी पीठ से लगा दिया ! और अपना घुटना उस पर रखते हुए कहा "क्या हुआ? 10 मिनट में सारी मर्दानगी निकल गई क्या हााआ ?"लड़के ने दूसरा हाथ ज़मीन पर मारते हुए कहा "छोड़ दो बहन… आज से किसी को भी नहीं छेड़ूँगा…! आज ...और पढ़े

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Oyy Mr. Vampire - 4

स्नोसिटीरात का वक्त :नशे में धुत होकर खुश होती धरुविका नहीं जानती थी ! कि वो क्या करणे जा है ! और उससे कितना बड़ा कोहराम मचेगा ! धरुविका लड़खडाते कदमो के साथ खुशी में झुमते हुवे आगे बडी ! उसने झुक कर ताबुक के अंदर देखा ! और अगले ही पल उसके आखे बड़ी हो गई ! और धड़कने बड गई ! तेज होती सासों के साथ पीछे लड़खड़ा गई ! उसका सारा नशा एक झटके में उतर गया !अंदर सचमे एक इंसान लेटा हुआ था ! जिसकी आँखे बंद थी ! चाँद की रोशनी उस लड़के पर ...और पढ़े

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Oyy Mr. Vampire - 5

स्नोसिटी :रात का वक़्त :धरुविका जैसे ही पीछे हटी उसका हाथ सामने रखी किसी चीज़ से लग गया ! धरुविका ने अपना हाथ पकड़ लिया ! और पीछे जैसे पैर रखा वो किसी चीज़ से बुरी तरह से टकरा गई ! आह्ह्ह धरुविका चीख पड़ी ! और आगे की ओर गिरने लगी उसकी आँखें बड़ी हो गई नो, नो, नो उसने खुदको संभालने की ! कोशिश कुछ पकड़ना चाहा पर सब नाकामयाब रहा !धड़ाम !वो सीधे खुले हुए ताबुक में उस लड़के के ऊपर जा गिरी ! आह्ह्ह धरुविका ने अपनी आँखें बंद कर ली ! तभी उसको अपने ...और पढ़े

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Oyy Mr. Vampire - 6

स्नोसिटी :रात का वक़्त :शिवाया अपनी कार में बैठी बड़बड़ाए जा रही थी !“आज तो इस लड़की को छोड़ूँगी मैं। समझ क्या के क्या रखा है इसने ख़ुद को… जब वो मन में आए वो करेगी…”**बड़बड़ाते हुए उसने स्टीयरिंग जैसे ही घुमाया, उसकी आँखें बड़ी हो गईं ! और उसने जल्दी से ब्रेक लगा दिया ! और अपनी आँखें बंद कर लीं।“सब ठीक हो भगवान… सब ठीक हो, प्लीज़…” वो बड़बड़ाए जा रही थी।वो आखे बंद करके बैठी थी ! जब बहुत देर बाद उसकी कार की विंडो पर किसी ने नॉक किया।शिवाया ने झट से अपनी आँखें खोलीं ...और पढ़े

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Oyy Mr. Vampire - 7

स्नोसिटी :रात का वक़्त :ध्रुविका ने अपने सामने खड़े लड़के को देखा ! जिसकी आँखें लाल और दाँत लम्बे गए थे।उसकी आँखें बड़ी हो गईं ! उसे एक तेज़ झटका लगा। डर से उसका चेहरा सफ़ेद पड़ गया।“तो क्या… क्या ये लड़का सच में एक पिशाच है?”ये ख़याल आते ही उसका दिमाग सुन्न पड़ गया ! और उसकी साँसें तेज़ हो गईं। वो अपनी जगह पर जम गई ! वो बस फटी आँखों से लड़के को देख रही थी।लड़के ने एक पल को उसकी बढ़ी हुई साँसे ! और सफ़ेद पड़े चेहरे को देखा ! और उसकी बड़ी-बड़ी आँखों ...और पढ़े

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