हवेली का मुर्दा दूल्हा:जिन्न की दुल्हन

(2)
  • 6
  • 0
  • 1.7k

सयानी की शादी जिस दिन तय हुई, उस दिन से ही हवाओं में एक अजीब सी खामोशी थी। जब उसे उस पुरानी हवेली में दुल्हन बनाकर लाया गया, तो उसे लगा था कि यह सिर्फ एक बड़े परिवार का हिस्सा बनने की शुरुआत है। लेकिन उस हवेली की देहरी पार करते ही, सयानी को एक सिहरन महसूस हुई। वह हवेली नहीं, बल्कि जैसे कोई सोती हुई बला थी, जो आधी रात के बाद अंगड़ाई लेती थी।

Full Novel

1

हवेली का मुर्दा दूल्हा:जिन्न की दुल्हन - भाग 1

सयानी की शादी जिस दिन तय हुई, उस दिन से ही हवाओं में एक अजीब सी खामोशी थी। जब उस पुरानी हवेली में दुल्हन बनाकर लाया गया, तो उसे लगा था कि यह सिर्फ एक बड़े परिवार का हिस्सा बनने की शुरुआत है। लेकिन उस हवेली की देहरी पार करते ही, सयानी को एक सिहरन महसूस हुई। वह हवेली नहीं, बल्कि जैसे कोई सोती हुई बला थी, जो आधी रात के बाद अंगड़ाई लेती थी।यहाँ सयानी का पति, एक ऐसा इंसान था जिसे सयानी ने शादी के बाद से शायद ही कभी दिन के उजाले में देखा हो। ...और पढ़े

2

हवेली का मुर्दा दूल्हा:जिन्न की दुल्हन - भाग 2

सयानी का जन्म एक ऐसी रात को हुआ था जब पूरे गाँव में बिजली गुल थी और आसमान से के गोले की तरह बिजली गिर रही थी. उसकी दादी कहती थीं कि सयानी का जन्म सामान्य नहीं है, क्योंकि पैदा होते ही वह रोई नहीं थी, बल्कि उसकी आँखें कमरे के उस अंधेरे कोने को देख रही थीं जहाँ कोई नहीं था. वह भयानक नहीं थी, लेकिन उसका और बच्चों के चेहरे से कुछ अलग था.जैसे- जैसे सयानी बडी होने लगी, उसके कमरे का वो कोना कभी खाली नहीं रहा. जहाँ गाँव के दूसरे बच्चे शाम ढलते ही अपने ...और पढ़े

3

हवेली का मुर्दा दूल्हा:जिन्न की दुल्हन - भाग 3

गाँव के दूसरे बच्चे शाम ढलते ही अपने घरों में दुबक जाते थे, सयानी अक्सर अपनी खिडकी खोलकर घंटों लगे उस पुराने पीपल के पेड को निहारा करती थी. उसकी माँ, जानकी, जब भी उसे टोकती, सयानी बस मुस्कुराकर कह देती कि" माँ, वो नीली आँखों वाले अंकल कह रहे हैं कि आज रात बहुत ठंड होगी। जानकी का कलेजा यह सुनकर कांप उठता, क्योंकि उस रात वाकई गाँव में बर्फीली हवाएं चलने लगती थीं. सयानी जो भी बात कहती वो हमेशा सच होती.सयानी के स्कूल का पहला दिन भी किसी खौफनाक मंजर से कम नहीं था. जब मास्टर ...और पढ़े

अन्य रसप्रद विकल्प