एक बड़ी सी आलीशान बिल्डिंग के कांफ्रेंस रूम के अंदर कुछ लोग बैठे हुए थे। उनके ड्रेसिंग सेंस को देखकर कोई भी कह सकता है कि वो कपड़े इतने महंगे है , की कोई आम बिजनेसमैन तो उन्हें अफोर्ड नही कर सकता। उन्ही में से एक आदमी अपनी मुट्ठी भींचते हुए बोला, "हमे कार्तिक की कंपनी को जल्द से जल्द अपने नाम कराना होगा , जिस तरह से वो कम्पनी आगे ग्रो कर रही है उससे वो दिन दूर नहीं जब हमारे बिज़नेस को लोग पूछेंगे भी नहीं |"

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जादुई दुनियां - 1

एक बड़ी सी आलीशान बिल्डिंग के कांफ्रेंस रूम के अंदर कुछ लोग बैठे हुए थे। उनके ड्रेसिंग सेंस को कोई भी कह सकता है कि वो कपड़े इतने महंगे है , की कोई आम बिजनेसमैन तो उन्हें अफोर्ड नही कर सकता।उन्ही में से एक आदमी अपनी मुट्ठी भींचते हुए बोला, "हमे कार्तिक की कंपनी को जल्द से जल्द अपने नाम कराना होगा , जिस तरह से वो कम्पनी आगे ग्रो कर रही है उससे वो दिन दूर नहीं जब हमारे बिज़नेस को लोग पूछेंगे भी नहीं |"तभी उन्हीं लोगों में से एक काफी मोटे आदमी ने अपने मुंह से ...और पढ़े

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जादुई दुनियां - 2

वीर के कॉल उठाते ही। अचानक एक इंसान की राक्षसों की तरह हस्ती हुई image सामने आ गई। वीर उन्हें देखकर गिरते-गिरते बचता है। screen पर वीर के बचपन के दोस्त अनुराग के पिता प्रकाश मित्तल थे।प्रकाश शिंदे वीर को अपने बेटे जैसा ही मानते थे। वीर के पिता, कार्तिक और वह बहुत अच्छे दोस्त हुआ करते थे, वीर के पिता ने बुरे वक्त में प्रकाश अंकल की बहुत मदद की थी और अब वीर के पिता के गुजर जाने के बाद वह वीर और उसकी फैमिली का ध्यान रखना अपनी जिम्मेदारी समझते थे।वीर , प्रकाश अंकल को स्क्रीन ...और पढ़े

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