प्रस्तावना भारत एक ऐसा देश है जहाँ प्रकृति को केवल संसाधन नहीं, बल्कि 'माता' माना जाता है। जब पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और जंगलों के कटने सेपरेशान है, तब हमारे देश के एक राज्य ने सदियों पुरानी परंपरा के जरिएपर्यावरण की रक्षा की एक मिसाल पेश की है। यह कहानी है देवभूमिहिमाचल प्रदेश की, जहाँ 'देवता' खुद जंगलों की रक्षा करते हैं। जंगल बंधन: एक अनोखी परंपरा हिमाचल प्रदेश के बायोडायवर्सिटी डिपार्टमेंट के एक सर्वे के अनुसार, यहाँ के 12 जिलों के लगभग 500 से अधिक जंगलों को 'देवताओं ने बांधरखा है' । इसे स्थानीय भाषा में 'जंगल बंधन' कहा जाता है। यहाँ केपूर्वजों ने पर्यावरण को बचाने के लिए कानून का नहीं, बल्कि 'आस्था' कारास्ता चुना। उन्होंने प्रकृति को माँ माना और स्थानीय देवताओं को उसकारक्षक नियुक्त कर दिया ।

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प्रेरणास्पंदन - 1

अध्याय:आस्थाऔरप्रकृतिकाअटूटबंधनप्रस्तावनाभारतएकऐसादेशहैजहाँप्रकृतिकोकेवलसंसाधननहीं,बल्कि'माता'मानाजाताहै।जबपूरीदुनियाग्लोबलवार्मिंगऔरजंगलोंकेकटनेसेपरेशानहै,तबहमारेदेशकेएकराज्यनेसदियोंपुरानीपरंपराकेजरिएपर्यावरणकीरक्षाकीएकमिसालपेशकीहै।यहकहानीहैदेवभूमिहिमाचलप्रदेशकी,जहाँ'देवता'खुदजंगलोंकीरक्षाकरतेहैं।जंगलबंधन:एकअनोखीपरंपराहिमाचलप्रदेशकेबायोडायवर्सिटीडिपार्टमेंटकेएकसर्वेकेअनुसार,यहाँके12जिलोंकेलगभग500सेअधिकजंगलोंको'देवताओंनेबांधरखाहै'।इसेस्थानीयभाषामें'जंगलबंधन'कहाजाताहै।यहाँकेपूर्वजोंनेपर्यावरणकोबचानेकेलिएकानूनकानहीं,बल्कि'आस्था'कारास्ताचुना।उन्होंनेप्रकृतिकोमाँमानाऔरस्थानीयदेवताओंकोउसकारक्षकनियुक्तकरदिया।जनोगदेवता:प्रकृतिकेपहरेदारशिमलासेलगभग40किलोमीटरदूरठियोगनामकाएकगाँवहै।यहाँकेजंगलोंकीरक्षा'जनोगदेवता'करतेहैं।मान्यताहैकियेदेवताप्रकृतिमाँकीसुरक्षाकेलिएसदैवतत्पररहतेहैं।इसआस्थाकाअसरइतनागहराहैकियहाँकेनिवासीजंगलसेएकसूखीपत्तीतकनहींउठातेऔरनहीकिसीपेड़कोनुकसानपहुँचातेहैं।बिनाकानूनकीसुरक्षाहैरानीकीबातयहहैकिइनजंगलोंमेंकहींभीयहनहींलिखाकि'पेड़काटनाअपराधहै'या'कुल्हाड़ीलेजानावर्जितहै'।इसकेबावजूद,कोईभीव्यक्तियहाँकुल्हाड़ीलेकरजानेकीहिम्मतनहींकरता।यहडरनहीं,बल्किप्रकृतिकेप्रतिसम्मानऔरअपनीपरंपरापरअटूटविश्वासहै।पर्यावरणकाउपहारइससंरक्षणकापरिणामयहहैकियहाँकीहवाआजभीशुद्धऔरताजीहै।इनजंगलोंमेंजानेपरएकनईऊर्जाऔरजीनेकीइच्छाजागृतहोतीहै।ये'देववन'जैव-विविधता(Bio-diversity)केभंडारहैं,जहाँपशु-पक्षीऔरदुर्लभवनस्पतियाँसुरक्षितहैं। अध्याय:मीराबेलामॉडल–अनुभवऔरउत्साहकासंगमप्रस्तावनाआजकेदौरमेंमेडिकलसाइंसकीतरक्कीकेकारणमनुष्यकीऔसतआयुबढ़गईहै।दुनियाभरमेंबुजुर्गोंकीसंख्याबढ़रहीहै,लेकिनइसकेसाथहीएकनईसमस्यापैदाहुईहै—बुजुर्गोंकाअकेलापनऔरयुवाओंमेंअनुभवकीकमी।इसखाईकोपाटनेकेलिएदुनियामेंएकअनोखाप्रयोगशुरूहुआहै,जिसे'मीराबेलामॉडल' (Mirabella Model)कहाजाताहै।क्याहैमीराबेलामॉडल?अमेरिकाकेएरिजोनामेंविकसितयहमॉडलएकऐसी20मंजिलाइमारतकीकल्पनाकरताहैजहाँएकहीछतकेनीचेबुजुर्गऔरकॉलेजजानेवालेयुवाछात्रएकसाथरहतेहैं।इसइमारतकेएककमरेमेंयदिकोईसेवा-निवृत्तप्रोफेसरयाडॉक्टरअकेलेरहरहेहैं,तोठीकबगलकेकमरेमेंहॉस्टलकीतरहछात्ररहतेहैं।एक-दूसरेकेपूरक:ज्ञानकाआदान-प्रदानयहमॉडलकेवलसाथरहनेकानहीं,बल्किसीखनेकाएकजरियाहै।•बुजुर्गोंकीभूमिका:जोबुजुर्गडॉक्टर,इंजीनियरयाप्रोफेसररहेहैं,वेअपनीक्लासेसकेबादखालीसमयमेंछात्रोंकोपढ़ातेहैंऔरउन्हेंअपनेवर्षोंकेअनुभवसेमिलीअनमोलसलाहदेतेहैं।•युवाओंकीभूमिका:इसकेबदलेमेंछात्रबुजुर्गोंकोआजकेदौरकासंगीत,पेंटिंगऔरडिजिटलगैजेट्सचलानासिखातेहैं।वेबुजुर्गोंकोनएजमानेकेगानोंऔरतकनीकसेजोड़करउन्हेंउत्साहितरखतेहैं।सकारात्मकपरिणामइसमॉडलकेलागूहोनेसेजोआंकड़ेसामनेआएहैं,वेअद्भुतहैं:1.छात्रोंकीक्षमता:अनुभवीशिक्षकोंकेसानिध्यमेंरहनेसेछात्रोंकीज्ञानक्षमतामें15 तककीवृद्धिदेखीगईहै।2.बुजुर्गोंकामानसिकस्वास्थ्य:युवाओंकेसाथसमयबितानेसेबुजुर्गोंमेंहोनेवालाअवसाद(Depression)30 तककमहोगयाहै।भारतमेंबढ़तेकदमयहमॉडलअबकेवलविदेशोंतकसीमितनहींहै।भारतकेकोयंबटूरमें'कोलंबियायूनिवर्सिटीजएसोसिएशन'औरबेंगलुरुमें'आशीर्वाद'नामकसंस्थाइसीतरहकेप्रोजेक्ट्सपरकामकररहीहै।यहाँबुजुर्गोंऔरछात्रोंकोएकसाझावातावरणदियाजाताहैताकिवेएक-दूसरेकीशक्तिबनसकें।जीवनकौशल(Life Skills):•समानुभूति(Empathy):बढ़तीउम्रकीचुनौतियोंकोसमझना।•निरंतरसीखना(Lifelong Learning):सीखनाकभीबंदनहींहोता,चाहेवहछात्रहोया80सालकाबुजुर्ग।अध्यायकाप्रेरकसंदेश: बुढ़ापाथकाननहीं,बल्किअनुभवोंकीएकभारीकिताबहै।यदियुवाइसकेपन्नेपलटें,तोजीवनकीराहेंआसानहोजातीहैं।जहाँबुजुर्गोंकासम्मानऔरयुवाओंकाजोशमिलताहै,वहींएकआदर्शसमाजजन्मलेताहै। शब्दार्थ:•अकल्पनीय:जिसकीकल्पनानकीजासके।•अनुदान:सहायताराशि(Grant)।•अवसाद:उदासीयाडिप्रेशन।•नवाचार:कुछनयाकरनेकातरीका(Innovation)। 3.जीवनकौशल(Life Skills):•कृतज्ञता:प्रकृतिहमेंसबकुछदेतीहै,हमाराभीकर्तव्यहैकिहमउसेसुरक्षितरखें।•सामुदायिकजिम्मेदारी:जबपूरासमाजमिलकरकिसीनियमकोमानताहै,तोवहपरंपराबनजातीहै।अध्यायकासंदेश(प्रेरकपंक्तियाँ): पेड़लगाओऐसा,जोस्वर्गकाद्वारहो,जंगलबचाओऐसा,जहाँदेवताओंकावासहो।हिमाचलकीयेगाथा,हमेंबसयहीसिखातीहै,प्रकृतिकीरक्षाही,मानवताकोबचातीहै। अध्याय:मीराबेलामॉडल–अनुभवऔरउत्साहकासंगमप्रस्तावनाआजकेदौरमेंमेडिकलसाइंसकीतरक्कीकेकारणमनुष्यकीऔसतआयुबढ़गईहै।दुनियाभरमेंबुजुर्गोंकीसंख्याबढ़रहीहै,लेकिनइसकेसाथहीएकनईसमस्यापैदाहुईहै—बुजुर्गोंकाअकेलापनऔरयुवाओंमेंअनुभवकीकमी।इसखाईकोपाटनेकेलिएदुनियामेंएकअनोखाप्रयोगशुरूहुआहै,जिसे'मीराबेलामॉडल' (Mirabella Model)कहाजाताहै।क्याहैमीराबेलामॉडल?अमेरिकाकेएरिजोनामेंविकसितयहमॉडलएकऐसी20मंजिलाइमारतकीकल्पनाकरताहैजहाँएकहीछतकेनीचेबुजुर्गऔरकॉलेजजानेवालेयुवाछात्रएकसाथरहतेहैं।इसइमारतकेएककमरेमेंयदिकोईसेवा-निवृत्तप्रोफेसरयाडॉक्टरअकेलेरहरहेहैं,तोठीकबगलकेकमरेमेंहॉस्टलकीतरहछात्ररहतेहैं।एक-दूसरेकेपूरक:ज्ञानकाआदान-प्रदानयहमॉडलकेवलसाथरहनेकानहीं,बल्किसीखनेकाएकजरियाहै।•बुजुर्गोंकीभूमिका:जोबुजुर्गडॉक्टर,इंजीनियरयाप्रोफेसररहेहैं,वेअपनीक्लासेसकेबादखालीसमयमेंछात्रोंकोपढ़ातेहैंऔरउन्हेंअपनेवर्षोंकेअनुभवसेमिलीअनमोलसलाहदेतेहैं।•युवाओंकीभूमिका:इसकेबदलेमेंछात्रबुजुर्गोंकोआजकेदौरकासंगीत,पेंटिंगऔरडिजिटलगैजेट्सचलानासिखातेहैं।वेबुजुर्गोंकोनएजमानेकेगानोंऔरतकनीकसेजोड़करउन्हेंउत्साहितरखतेहैं।सकारात्मकपरिणामइसमॉडलकेलागूहोनेसेजोआंकड़ेसामनेआएहैं,वेअद्भुतहैं:1.छात्रोंकीक्षमता:अनुभवीशिक्षकोंकेसानिध्यमेंरहनेसेछात्रोंकीज्ञानक्षमतामें15 तककीवृद्धिदेखीगईहै।2.बुजुर्गोंकामानसिकस्वास्थ्य:युवाओंकेसाथसमयबितानेसेबुजुर्गोंमेंहोनेवालाअवसाद(Depression)30 तककमहोगयाहै।भारतमेंबढ़तेकदमयहमॉडलअबकेवलविदेशोंतकसीमितनहींहै।भारतकेकोयंबटूरमें'कोलंबियायूनिवर्सिटीजएसोसिएशन'औरबेंगलुरुमें'आशीर्वाद'नामकसंस्थाइसीतरहकेप्रोजेक्ट्सपरकामकररहीहै।यहाँबुजुर्गोंऔरछात्रोंकोएकसाझावातावरणदियाजाताहैताकिवेएक-दूसरेकीशक्तिबनसकें।जीवनकौशल(Life Skills):•समानुभूति(Empathy):बढ़तीउम्रकीचुनौतियोंकोसमझना।•निरंतरसीखना(Lifelong बुढ़ापाथकाननहीं,बल्किअनुभवोंकीएकभारीकिताबहै।यदियुवाइसकेपन्नेपलटें,तोजीवनकीराहेंआसानहोजातीहैं।जहाँबुजुर्गोंकासम्मानऔरयुवाओंकाजोशमिलताहै,वहींएकआदर्शसमाजजन्मलेताहै। शब्दार्थ:•अकल्पनीय:जिसकीकल्पनानकीजासके।•अनुदान:सहायताराशि(Grant)।•अवसाद:उदासीयाडिप्रेशन।•नवाचार:कुछनयाकरनेकातरीका(Innovation)। ...और पढ़े

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प्रेरणास्पंदन - 2-3

अध्याय:2मानवताकीअमरजोत जीवनकीराहेंहमेशाफूलोंभरीनहींहोतीं।कभी-कभीइंसानकेजीवनमेंऐसावक्तआताहैजबउसेचारोंओरअंधेराहीअंधेरादिखाईदेताहै।निराशाकेबादलइतनेघनेहोजातेहैंकिव्यक्तिकोअपनीहस्तीऔरइससंसारकीसार्थकतापरसंदेहहोनेलगताहै।ऐसीहीमानसिकस्थितिसेगुजररहाथाएकव्यक्ति,जोअपनीअसफलताओंऔरदुखोंकेबोझतलेदबाहुआसड़ककेकिनारेचलाजारहाथा।उसकेमनमेंयहविचारघरकरगयाथाकियहदुनियानिष्ठुरहैऔरयहाँकिसीकेलिएकोईजगहनहींहै।तभीअचानकउसकीदृष्टिसड़ककेकिनारेएकखंभेपरटंगीएकछोटीसीपर्चीपरपड़ी।जिज्ञासावशवहरुकाऔरउसनेउसपरलिखेशब्दोंकोपढ़ा।उसपर्चीपरलिखाथा:“मैंएकअत्यंतवृद्धमहिलाहूँ।मेरीआँखेंकमजोरहोचुकीहैंऔरमुझेठीकसेदिखाईनहींदेता।चलतेसमययहींकहींमेरा50रुपयेकाएकनोटगिरगयाहै।जिसकिसीभीसज्जनकोवहमिले,कृपयामुझेमेरेघरआकरलौटादें।मेराघरपासकीगलीमेंहीहै।”उसनिराशव्यक्तिकेमनमेंएकहलचलहुई।उसनेसोचाकिवहस्वयंतोदुखीहैही,क्योंनइसवृद्धमहिलाकीमददकरकेकिसीऔरकेचेहरेपरमुस्कानलानेकाप्रयासकियाजाए।भलेहीउसकेपास50रुपयेकावहनोटनहींथा,लेकिनउसनेनिर्णयलियाकिवहअपनीजेबसे50रुपयेउसमहिलाकोदेदेगाताकिउसकीसमस्याहलहोसके।वहगली-कूचोंसेहोताहुआउसपतेपरपहुँचा,जहाँएकटूटी-फूटीऔरजर्जरसीझोपड़ीथी।जैसेहीउसनेदरवाजाखटखटाया,एकबहुतहीवृद्धऔरकमजोरमहिलाबाहरनिकली।उसकीआँखोंमेंछाईधुंधबतारहीथीकिवहसंसारकोस्पष्टदेखनेमेंअसमर्थहै।व्यक्तिनेबड़ेआदरसेकहा, “अम्मा,मुझेसड़कपरआपकावहखोयाहुआ50रुपयेकानोटमिलगयाहै,मैंवहीआपकोलौटानेआयाहूँ।”यहसुनतेहीवहवृद्धमहिलाफफक-फफककररोपड़ी।उसकीआँखोंसेबहतेआँसूदेखवहव्यक्तिअवाकरहगया।उसनेअम्माकोचुपकरातेहुएपूछा, “अम्मा,आपरोक्योंरहीहैं?क्यामैंनेकुछगलतकहदिया?”वृद्धमहिलानेसिसकतेहुएजोकहा,उसनेउसव्यक्तिकेसोचनेकानजरियाहीबदलदिया।अम्माबोलीं, “बेटा,आजसुबहसेतुमसाठवेंव्यक्तिहोजोमुझेवह50रुपयेकानोटदेनेआएहो।सचतोयहहैकिमैंनेवहपर्चीलिखीहीनहींथी।मुझेतोलिखनाभीनहींआताऔरमेरीआँखेंइतनीकमजोरहैंकिमैंदेखभीनहींसकती।शायदकिसीदयालुव्यक्तिनेमेरीगरीबीऔरलाचारीकोदेखकरवहपर्चीवहाँलगादीहोगीताकिलोगमेरीमददकरसकें।”अम्मानेआगेकहा, “बेटा,जितनेभीलोगआए,मैंनेसबकोयहीकहाकिमैंयेपैसेनहींलेसकतीक्योंकिवहमेरानोटनहींहै।औरमैंनेहरकिसीसेयहविनतीकीकिजातेसमयवहपर्चीफाड़देनाताकिकोईऔरपरेशाननहो।लेकिनहरव्यक्तिमुझसेपैसेलेनेकावादाकरकेगयाऔरकिसीनेभीवहपर्चीनहींफाड़ी।हरकोईचाहताथाकिमेरेबादआनेवालाव्यक्तिभीइसबहानेमेरीमददकरे।”उसव्यक्तिकीआँखोंमेंचमकआगई।उसकीनिराशापलभरमेंदूरहोगई।उसेसमझआगयाकिजिसदुनियाकोवहबुरासमझरहाथा,वहदरअसलनेकऔरदयालुलोगोंसेभरीपड़ीहै।अम्मानेउसेभीवहीशर्तदीकिवहजातेसमयपर्चीफाड़दे,लेकिनउसव्यक्तिकामनभीनहींमाना।उसनेवहपर्चीवहींरहनेदीताकिइंसानियतकावहसिलसिलाचलतारहेऔरकिसीजरूरतमंदकीमददहोतीरहे।उसनेमहसूसकियाकिजबहमदूसरोंकेलिएजीनाशुरूकरतेहैं,तोहमारेअपनेदुखछोटेलगनेलगतेहैं।यहघटनाहमेंसिखातीहैकिसमाजमेंअच्छाईकभीखत्मनहींहोती।छोटे-छोटेनेककार्यमिलकरएकविशालपरिवर्तनलासकतेहैं।जीवनमेंसच्चीखुशीऔरआत्म-सम्मानतबमिलताहैजबहमअपनीस्वार्थकीपरिधिसेबाहरनिकलकरदूसरोंकेआँसूपोंछनेकाप्रयासकरतेहैं।सीख/ नैतिक संदेश"दुनियाउतनीबुरीनहींहैजितनाहमकभी-कभीसोचलेतेहैं।मानवताआजभीजीवितहैऔरदूसरोंकीगुप्तरूपसेकीगईछोटीसीमददभीकिसीकेजीवनमेंआशाकादीपकजलासकतीहै।यादरखिए,जोव्यक्तिदूसरोंकेलिएखुदकोसमर्पितकरताहै,इतिहासऔरसमाजउसेहमेशासम्मानकेसाथयादरखताहै।"अध्याय:3अटूटभरोसेकीविजय मानवीयजीवनमें'भरोसा'एकऐसाशब्दहै,जिसपरदुनियाकेतमामरिश्तोंकीबुनियादटिकीहोतीहै।यहकेवलएकशब्दनहीं,बल्किवहअदृश्यधागाहैजोदोहृदयोंकोजोड़ताहैऔरनामुमकिनकोभीमुमकिनबनानेकासाहसप्रदानकरताहै।इसीअटूटविश्वासकीएकमार्मिककहानीएकयुवाविद्यार्थीकीहै,जिसकेजीवनकाएकमात्रजुनूनक्रिकेटथा।वहअपनेमहाविद्यालयकीक्रिकेटटीमकाहिस्साबननाचाहताथा,लेकिनउसकीखेलप्रतिभासाधारणथी।महाविद्यालयकेकोचसालभरसेउसलड़केकोदेखरहेथे।उन्हेंलगताथाकिइसलड़केमेंवहफुर्तीऔरतकनीकनहींहैजोएकउत्कृष्टखिलाड़ीमेंहोनीचाहिए।जबअंतर-महाविद्यालयप्रतियोगिताकीघोषणाहुई,तोअभ्याससत्रशुरूहुए।वहलड़काप्रतिदिनसुबहसातबजेस्टेडियमपहुँचजाता,लेकिनवहअकेलानहींआताथा।उसकेसाथहमेशाएकवृद्धव्यक्तिहोतेथे,जिन्हेंवहबड़ेप्रेमसेस्टेडियमकीऊपरीसीढ़ियोंपरबिठादेताऔरफिरखुदमैदानमेंपसीनाबहानेउतरजाता।अभ्यासखत्महोनेकेबादवहफिरउनबुजुर्गकाहाथथामकरउन्हेंघरलेजाता।जैसे-जैसेमैचकेदिनकरीबआए,टीमकाचयनहुआ।कोचनेलड़केकोउसकीकमियोंकेकारणमुख्यग्यारहखिलाड़ियोंमेंजगहनहींदी।लड़काबहुतनिराशहुआ,वहकोचकेसामनेगिड़गिड़ाया, "सर,एकबारमुझपरभरोसाकीजिए,मैंटीमकोजितासकताहूँ।"कोचनेउसकीभावनाओंकासम्मानकरतेहुएउसेएक'अतिरिक्तखिलाड़ी'केरूपमेंटीममेंरखा,इसशर्तकेसाथकियदिकोईखिलाड़ीचोटिलहोगातभीउसेमौकामिलेगा।क्वार्टरफाइनलऔरसेमीफाइनलकेमैचबीतगए,महाविद्यालयकीटीमजीततीरही,लेकिनउसलड़केकोमैदानमेंउतरनेकाअवसरनहींमिला।अजीबबातयहहुईकिसेमीफाइनलकेदिनवहलड़कास्टेडियमनहींआया।कोचकोलगाकिशायदउसनेहारमानलीहै।लेकिनफाइनलमैचकेदिन,जबखेलअपनेरोमांचकमोड़परथा,वहलड़काअचानकस्टेडियमपहुँचा।खेलकीस्थितिविकटथी;जीतकेलिएअंतिमओवरमें24रनोंकीदरकारथीऔरतभीटीमकाएकमुख्यबल्लेबाजचोटिलहोगया।अबकोईविकल्पनहींथा।लड़केनेफिरसेकोचकेपैरपकड़लिएऔरखेलनेकीअनुमतिमाँगी।कोचनेहारकेडरऔरलड़केकीजिदकोदेखतेहुएउसेमैदानमेंभेजदिया।मैदानपरउतरतेहीउसलड़केकेभीतरजैसेकिसीदैवीयशक्तिकासंचारहोगया।उसनेवहकरदिखायाजिसकीकिसीनेकल्पनाभीनहींकीथी—छहगेंदोंपरलगातारछहछक्केजड़करअपनीटीमकोअसंभवजीतदिलादी।पूरास्टेडियमउसकेनामसेगूंजउठा,साथियोंनेउसेकंधोंपरउठालिया,लेकिनकोचकीआँखोंमेंहैरानीथी।वेयहसमझनहींपारहेथेकिएकऔसतखिलाड़ीनेअचानकऐसाकरिश्माकैसेकरदिया।जबशोरथमा,तोकोचनेउसेएकांतमेंबुलाकरपूछा, "बेटा,मैंतुम्हेंसालभरसेदेखरहाहूँ।तुमइतनेअच्छेखिलाड़ीकभीनहींथे।आजयहचमत्कारकैसेहुआ?"लड़केकीआँखोंमेंआँसूभरआए।उसनेकहा, "सर,आपकोयादहैवेबुजुर्गजोरोजमेरेसाथआतेथेऔरसीढ़ियोंपरबैठतेथे?वेमेरेपिताथे।मैंउनसेहमेशाकहताथाकिमैंअपनीटीमकासबसेबेहतरीनखिलाड़ीहूँ।"कोचनेटोकतेहुएकहा, "लेकिनबेटा,वहतोदेखहीनहींसकतेथे,वेतोअंधेथे।"लड़केनेगलाभरतेहुएउत्तरदिया, "जीसर,वेअंधेथे,इसीलिएमैंउनसेझूठबोलपाताथाताकिवेमुझपरगर्वकरसकें।सेमीफाइनलवालेदिनउनकादेहांतहोगया।आजवेऊपरआसमानसेमुझेदेखरहेहैं।आजपहलीबारवेमुझेखेलताहुआदेखपारहेथे।मैंउनकावहभरोसा,जोउन्होंनेमुझपरताउम्ररखा,उसेटूटतेहुएनहींदेखसकताथा।उनकेउसविश्वासकीलाजरखनेकेलिएहीआजमेरेबल्लेनेवहकमालकिया।"कोचकीआँखेंभीभीगगईं;उन्होंनेउसवीरपुत्रकोगलेलगालिया।सचमुच,जबकिसीकाभरोसाहमारेसाथहोताहै,तोहमारीक्षमताएंअनंतहोजातीहैं।सीख/नैतिकसंदेश"यदिआपकोईश्वरपरभरोसाहै,तोआपकोवहीमिलेगाजोभाग्यमेंलिखाहै।लेकिनयदिआपकोस्वयंपरऔरअपनोंकेविश्वासपरभरोसाहै,तोईश्वरभीआपकीतकदीरवैसेहीलिखेगाजैसाआपचाहेंगे।भरोसावहऊर्जाहैजोसाधारणमनुष्यसेभीअसाधारणकार्यकरवालेतीहै।"भूपेंद्र कुलदीप कीअन्य किताबें भी आमेजन पर उपलब्ध हैं कृपया खरीदें और अवश्य पढ़ेंफीडबैक denbhupendrakuldeep76@gmail.com9827153834 ...और पढ़े

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प्रेरणास्पंदन - 4-5

अध्याय:4जीवनकीमशालऔरसंघर्षकासंकल्प मानवजीवनएकऐसीसरिताकेसमानहैजोनिरंतरप्रवाहितहोतीरहतीहै।इसमार्गमेंकईबारबड़े-बड़ेपत्थरऔरचट्टानेंरुकावटबनकरखड़ीहोजातीहैं,किंतुक्याकभीपत्थरोंकीबंदिशसेबहतीहुईनदियांरुकीहैं?कदापिनहीं।नदीअपनारास्तास्वयंबनातीहैऔरउन्हींचट्टानोंकोचीरतेहुएआगेबढ़जातीहै।ठीकउसीप्रकार,हमारेजीवनमेंभीकठिनाइयोंकेपत्थरआतेहैं,परंतुअसलीविजेतावहीहैजोउनहालातोंकीधमकियोंकेआगेअपनीनज़रनहींझुकाता।जीवनकाअर्थकेवलसांसेंलेनानहीं,बल्किहरपरिस्थितिमेंअपनेआत्म-सम्मानऔरसंकल्पकोबनाएरखनाहै।अक्सरलोगभाग्यऔरकिस्मतकारोनारोतेहैं,परंतुसत्यतोयहहैकिकिस्मतकेहरपन्नेपरहमेंअपनीमेहनतसेकिस्मतलिखवानीपड़तीहै।सफलताकिसीथालीमेंपरोसीहुईवस्तुनहींहै,बल्किइसेअपनेपुरुषार्थसेप्राप्तकरनाहोताहै।जिसव्यक्तिकेभीतरएकमशालजैसाजज़्बाहोताहै,वहीअंधेरीरातोंमेंभीप्रेरणाकादीपजलापाताहै।यहजज़्बाहीहैजोइंसानकोथकनेनहींदेताऔरअगरवहगिरभीजाए,तोउसेदोबाराखड़ेहोनेकीशक्तिदेताहै।जीवनमेंहरबारगिरकरफिरसेवापसआनाहीअसलीपराक्रमहै।वक़्तबड़ाबलवानहोताहैऔरकभी-कभीइसकीचोटेंहमारेसुंदरसपनोंकोछीनलेतीहैं।ऐसालगताहैमानोराहोंमेंबिछेकांटेहमारेपैरोंकोछलनीकररहेहोंऔरहरकदमपरएकनयीचुनौतीखड़ीहो।ऐसेसमयमेंकायरपीछेहटजातेहैं,परंतुधैर्यवानव्यक्तिवहीहैजोगगनकोभेदनेवालीहुंकारलगाताहै।जबचारोंतरफअंधेराहो,तबहमेंकिसीऔरकेसहारेकीप्रतीक्षानहींकरनीचाहिए,बल्किअपनेहिस्सेकासूरजखुदखींचकरलानाचाहिए।स्वयंकीक्षमताओंपरविश्वासकरनाहीवहपहलीसीढ़ीहैजोहमेंशिखरतकलेजातीहै।हमेंयादरखनाचाहिएकिसंघर्षहीजीवनकादूसरानामहै।जोव्यक्तिस्वयंकोपरिश्रमकीअग्निमेंखर्चकरताहै,वहीभविष्यमेंचमकताहै।दुनियाकेवलउन्हींकोयादरखतीहैऔरउन्हींकेबारेमेंजाननेकेलिएउत्सुकरहतीहै,जिन्होंनेअपनेजीवनमेंकठिनसंघर्षकियाहो।इसलिए,जबभीजीवनमेंनिराशाकेबादलमंडराएं,तोघबरानानहींचाहिए।बसएकबारफिरसेखड़ेहोनाहै,अपनीपुरानीगलतियोंसेसीखनाहैऔरनएउत्साहकेसाथजीवनकीलड़ाईलड़नीहै।वापसआनेकायहसंकल्पहीमनुष्यकोअमरबनाताहै।सीख/नैतिकसंदेशइसअध्यायसेहमेंयहशिक्षामिलतीहैकिजीवनमेंकठिनाइयांऔरअसफलताएंकेवलएकपड़ावहैं,मंज़िलनहीं।असलीसाहसइसमेंनहींहैकिहमकभीनगिरें,बल्किइसमेंहैकिहमहरबारगिरकरपहलेसेअधिकमजबूतीकेसाथवापसखड़ेहों।जोव्यक्तिअपनेकर्मऔरमेहनतपरविश्वासरखताहै,वहअपनीकिस्मतस्वयंलिखताहै।हमेंहमेशायादरखनाचाहिएकिजोव्यक्तिआजखुदकोमेहनतमेंखर्चकरताहै,कलदुनियाउसीकासम्मानकरतीहैऔरउसेहीअपनाप्रेरणास्रोतमानतीहै।आत्मविश्वासऔरनिरंतरप्रयासहीसफलताकीकुंजीहै। अध्याय:5कृतज्ञताकाउपहारऔरमाता-पिताकाऋण अन्य किताबे मीता अनकहा अहसास उड़ान भी आमेजन पर उपलब्ध हैंभूपेंद्र कुलदीप9817153834bhupendrakuldeep76@gmail.com ...और पढ़े

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प्रेरणास्पंदन - 6-7

अध्याय:6अनजानफरिश्ते जीवनकेरास्तेकभी-कभीहमेंऐसेमोड़परलेआतेहैं,जहाँहमेंइंसानियतकेनएऔरअद्भुतरूपदेखनेकोमिलतेहैं।यहकहानीएकऐसेहीदिनकीहैजबसंघर्षऔरसादगीकेबीचएकअनोखीघटनाघटी।दोमित्रएकशनिवारकीदोपहररायपुरसेमहासमुंदकीओरजारहेथे।सफरलंबाथाऔरथकानमिटानेकेलिएउन्हेंएककपचायकीतलाशथी।रास्तेमेंएकछोटीसीटपरीदिखाईदी,जहाँएकवृद्धमहिला,जिन्हेंसबप्यारसे'माई'कहतेथे,अपनीदुकानचलारहीथीं।दोनोंनेमाईसेचायकेलिएपूछा,लेकिनमाईनेबड़ेसहजभावसेकहाकिबेटादूधखत्महोगयाहै,इसलिएचायबनानामुश्किलहै।मुसाफिरमित्रोंनेहारनहींमानीऔरउन्होंनेमाईसेकालीचायबनानेकाअनुरोधकिया।माईनेबड़ीममतासेउनकेलिएगरमा-गरमकालीचायबनाई।चायपीनेकेबादजबपैसेदेनेकीबारीआई,तोएकनयासंकटखड़ाहोगया।एकदोस्तकेपाससिर्फसौरुपयेकानोटथाऔरदूसरेकीजेबखालीथी।माईकेपासभीछुट्टेपैसेनहींथे।अभीवेदोनोंदोस्तसोचहीरहेथेकिक्याकियाजाए,तभीवहाँएकमोटरसाइकिलपरदोअनजानव्यक्तिआकररुके।उन्होंनेभीमाईसेचायमांगी,लेकिनमाईनेउन्हेंभीवहीबतायाकिदूधनहींहै।उनअनजानलोगोंनेजबदेखाकिदोलोगपहलेसेवहाँकालीचायपीरहेहैं,तोउन्होंनेमाईसेपूछाकिउनकाहिसाबकितनाहुआ।माईनेबतायाकिउन्होंनेबिनादूधकीकालीचायपीहै।तभीउनअनजानव्यक्तियोंमेंसेएकनेबिनाकिसीझिझककेअपनीजेबसेपैसेनिकालेऔरमाईकेहाथपररखदिए।उन्होंनेबड़ेहीविनम्रस्वरमेंकहा, "माई,चायचाहेवेलोगपीएंयाहम,आपकोआपकीमेहनतकेपैसेमिलनेहीचाहिए।"इतनाकहकरवेलोगवहाँसेचलेगए।जबदोस्तोंकोयहपताचला,तोवेदंगरहगए।वेदौड़करउन्हेंधन्यवाददेनेबाहरगए,लेकिनतबतकवेदोनोंअनजानफरिश्तेधुएँकीतरहओझलहोचुकेथे।वेचाररुपये(उससमयकेहिसाबसे)कोईबड़ीरकमनहींथी,लेकिनउसकेपीछेकाभावकिसीमहानतासेकमनहींथा।उनलोगोंनेउसचायकेपैसेदिएजोउन्होंनेकभीपीहीनहींथी।यहघटनाहमेंसिखातीहैकिभलाकामकरनेकेलिएरिश्तोंयापहचानकीज़रूरतनहींहोती।कभी-कभीअनजानलोगभीहमारेजीवनमेंईश्वरकारूपबनकरआतेहैंऔरहमेंयहएहसासकराजातेहैंकिदुनियामेंआजभीअच्छाईज़िंदाहै।सीख/नैतिकसंदेश:नेकीऔरभलाईकरनेकेलिएकिसीमौकेकाइंतज़ारनकरें।दूसरोंकीमददकरनाऔरकिसीकीमेहनतकासम्मानकरनाहीसच्चीइंसानियतहै।अनजानेमेंकियागयाएकछोटासाभलाकामकिसीकेजीवनपरगहराप्रभावछोड़सकताहै। अध्याय:7विश्वासकीजीत सच्चामित्रवहीहोताहैजोसंकटकेसमयमेंसाथीकासाथनछोड़े।दोस्तीएकऐसापवित्ररिश्ताहैजोखूनकेरिश्तोंसेभीऊपरउठकरविश्वासकीबुनियादपरटिकाहोताहै।यहकहानीदोऐसेहीमित्रोंकीहै,जिनकेदिलमेंदेशभक्तिकाजज्बाकूट-कूटकरभराथा।उन्होंनेबचपनसेएकहीसपनादेखाथा—मातृभूमिकीसेवाकरना।अपनेइसीसपनेकोपूराकरतेहुए,दोनोंनेसेनामेंभर्तीहोकरदेशकीरक्षाकासंकल्पलिया।एकबारसीमापरभीषणयुद्धछिड़गया।चारोंओरसेगोलियाँचलरहीथींऔरदुश्मनकेगोलेबरसरहेथे।इसीघमासानयुद्धकेबीच,एकदोस्तदुश्मनकीगोलीकाशिकारहोकरबुरीतरहघायलहोगयाऔरबीचमैदानमेंगिरपड़ा।दूसरादोस्तअपनेदलकेसाथथोड़ीदूरपीछेकीसुरक्षितस्थिति(position)परथा।घायलदोस्तनेदर्दसेकराहतेहुएअपनेमित्रकोआवाज़दी।वहपुकारउसकेदोस्तकेकानोंतकपहुँचगई।जैसेहीउसनेअपनेदोस्तकीपुकारसुनी,उसनेमैदानकीओरदौड़नेकीकोशिशकी।तभीउनकेसेनाकेबड़ेअधिकारी(मेजर)नेउसेरोकतेहुएकहा, "मैंनेतुमसेपहलेहीकहाथाकितुम्हाराजानाबेकारजाएगा।तुम्हारादोस्तमरचुकाहै।"उसवक्तउससिपाहीनेजोजवाबदिया,उसनेसबकीआँखेंनमकरदीं।उसनेनमआँखोंसेकहा, "नहींसर,मेराजानाबेकारनहींगया।जबमैंवहाँपहुँचा,तबउसकीसाँसेंचलरहीथीं।उसनेजैसेहीमुझेदेखा,उसकेचेहरेपरएकप्यारीसीमुस्कानआईऔरउसनेधीरेसेकहा—'दोस्त,मुझेपूरायकीनथाकितुमज़रूरआओगे।'सर,मैंउसकीजानतोनहींबचापाया,लेकिनउसकेमुझपरबनेउसविश्वासऔरहमारीइतनेसालोंकीदोस्तीकोज़िंदारखनेमेंज़रूरकामयाबरहा।"यहकहानीहमेंसिखातीहैकिजीवनमेंदोस्तीसेबड़ाकोईधननहींहोता।जबदुनियासाथछोड़देतीहै,तबभीएकसच्चादोस्तहमारेसाथखड़ारहताहै।दोस्तीकामतलबकेवलसाथहँसना-खेलनानहीं,बल्किएक-दूसरेकेभरोसेकोहरपरिस्थितिमेंकायमरखनाहै।सीख/नैतिकसंदेश:दोस्तीकीसच्चीपरखसंकटकेसमयहीहोतीहै।पैसाऔरपदवापसमिलसकतेहैं,लेकिनएकबारखोयाहुआविश्वासऔरसच्चादोस्तदोबारानहींमिलता।अपनेमित्रोंकेविश्वासकोकभीटूटनेनदें,क्योंकिदोस्तीहीवहताकतहैजोहमेंकभीअकेलामहसूसनहींहोनेदेती।मेरी अन्य किताबें मीता अनकहा अहसास उड़ान आमेजन पर उपलब्ध है कृपया पढ़ें और फीडबैक देंभूपेंद्र कुलदीप bhupendra kuldeepbhupendrakuldeep@gmail.com ...और पढ़े

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प्रेरणास्पंदन - 8-9

अध्याय:8अनुभवकीपतवारऔरसंकल्पकासंसार जीवनकापथकिसीविशालमहासागरकीभांतिहै,जहाँसमयकीलहरेंनिरंतरअपनामिजाजबदलतीरहतीहैं।कभीस्थितियाँशांतहोतीहैं,तोकभीसंकटोंकाभीषणज्वारउठताहै।ऐसेमेंमनुष्यकीसफलताइसबातपरनिर्भरनहींकरतीकिलहरेंकितनीऊँचीहैं,बल्किइसपरनिर्भरकरतीहैकिउसकेहाथोंमें'अनुभव'कीपतवारकितनीसशक्तहै।सच्चामार्गदर्शकवहीहैजोआनेवालीपीढ़ीकोकेवलकिनारेपरबैठनानहींसिखाता,बल्किउसेवक्तकीनब्जपहचानकरनावखेनेकीकलासिखाताहै।अनुभववहअमूल्यधनहैजोहमेंविपरीतपरिस्थितियोंमेंभीअडिगरहनासिखाताहै।सच्चासाहसवहनहींहैजोकेवलसुखकेदिनोंमेंदिखाईदे,बल्किअसलीवीरतातोघोरपीड़ाकेक्षणोंमेंभीमुस्कुरातेरहनेमेंहै।जबजीवनकाअंधकारगहराहोनेलगेऔरदुःखकीघड़ियाँमनुष्यकोचारोंओरसेघेरलें,तबअनुभवकासारहीकामआताहै।यहसारहमेंबताताहैकिकष्टस्थाईनहींहैंऔरमुस्कुराहटवहअस्त्रहैजोबड़ीसेबड़ीवेदनाकोभीछोटाकरदेतीहै।जोव्यक्तिअपनेअनुभवोंसेसीखताहै,वहनकेवलस्वयंप्रकाशितहोताहै,बल्किदूसरोंकेलिएभीप्रेरणाकाप्रकाशस्तंभबनजाताहै।मुश्किलेंकभीबताकरनहींआतीं,वेअचानकसामनेखड़ीहोजातीहैं।ऐसीस्थितिमेंकायरव्यक्तिअपनीआवाज़खोदेताहै,किंतुएकदृढ़निश्चयीव्यक्तिअपनीआवाज़कोइतनाबुलंदकरताहैकिमुश्किलोंकेहौसलेपस्तहोजातेहैं।हमेंअपनेभीतरहिम्मतोंकीएकऐसीतलवारविकसितकरनीचाहिए,जोहरबाधाकोकाटकरआगेबढ़नेकामार्गप्रशस्तकरे।यहहिम्मतकिसीबाज़ारमेंनहींमिलती,बल्किसंघर्षकीभट्टीमेंतपनेकेबादप्राप्तहोतीहै।अपनीआवाज़औरअपनेइरादोंकोइतनामजबूतबनानाहीजीवनकावास्तविकउद्देश्यहोनाचाहिए।अंतिमलक्ष्यकेवलयात्राकरनानहीं,बल्किमंजिलोंकोजीतकरइतिहासकेनएपन्नेलिखनाहै।हरव्यक्तिकेभीतरसपनोंकाएकझिलमिलातासंसारहोताहै,लेकिनउनसपनोंकोहकीकतकीधरतीपरउतारनेकेलिएनिरंतरप्रयासकीआवश्यकताहोतीहै।जबअनुभव,मुस्कुराहटऔरहिम्मतएकसाथमिलतेहैं,तबमनुष्यएकऐसेगौरवशालीभविष्यकानिर्माणकरताहैजिसकीमिसालदीजासके।हमेंअपनीअसफलताओंकोअंतनहीं,बल्किअनुभवकीएकनईसीढ़ीमाननाचाहिएजोहमेंनईमंजिलोंकीओरलेजातीहै।सीख/नैतिकसंदेशयहअध्यायहमेंयहमहत्वपूर्णशिक्षादेताहैकिअनुभवहीजीवनकीसबसेबड़ीपाठशालाहै।कठिनसमयमेंमुस्कुरानाऔरअपनीहिम्मतकोशस्त्रकीतरहउपयोगकरनाहीएकसफलव्यक्तित्वकीपहचानहै।हमेंपरिस्थितियोंकागुलामबननेकेबजायअपनीमेहनतऔरबुद्धिमानीसेसमयकारुखमोड़नेकाप्रयासकरनाचाहिए।जबहमअपनेअनुभवोंसेसीखकरहिम्मतकेसाथआगेबढ़तेहैं,तोहमनकेवलअपनीमंजिलप्राप्तकरतेहैं,बल्किइतिहासमेंअपनानामभीस्वर्णअक्षरोंमेंअंकितकरदेतेहैं।दृढ़संकल्पऔरअनुभवकामेलहीजीवनकोसार्थकबनाताहै। अध्याय:9समयकीपुकारऔरमानवताकाहाथ मनुष्यकेजीवनमेंसफलताकामार्गकभीभीसीधाऔरसरलनहींहोता।कईबारजबहमअपनीमंज़िलकेबिल्कुलकरीबहोतेहैं,तभीकोईअनजानीबाधाहमारेसामनेदीवारबनकरखड़ीहोजातीहै।ऐसेकठिनक्षणोंमेंव्यक्तिकाआत्मविश्वासडगमगानेलगताहै,लेकिनयहीवहसमयहोताहैजबधैर्यऔरसहीमार्गदर्शनकीसबसेअधिकआवश्यकताहोतीहै।यहकहानीएकऐसीहीयुवतीकीहै,जिसनेअपनीवर्षोंकीकठिनतपस्याऔरपरिश्रमसेएकमहत्वपूर्णसरकारीपरीक्षाउत्तीर्णकीथी।उसकेसपनेअबहकीकतबननेहीवालेथे,लेकिनदस्तावेज़ोंकेसत्यापन(verification)केदिनएकतकनीकीसमस्यानेउसेसंकटमेंडालदिया।अधिकारियोंनेउससेउसकीमुख्यशैक्षणिकउपाधि(Degree)कीमांगकी,जोउससमयउसकेपासउपलब्धनहींथी।निराशाकेगहरेसागरमेंडूबीवहयुवतीरोतेहुएएकवरिष्ठअधिकारीकेपासपहुँची।उसकीआँखोंकेआँसूउसकीउसमेहनतकेथेजोअबव्यर्थहोतीप्रतीतहोरहीथी।यहाँहमेंजीवनकाएकबहुतबड़ासत्यसीखनेकोमिलताहै—यहसंसारभलेहीकितनाभीव्यस्तक्योंनहो,लेकिनआजभीयहाँमानवताजीवितहै।जबउसवरिष्ठअधिकारीनेउसयुवतीकीपीड़ाकोसमझा,तोउन्होंनेकेवलसांत्वनानहींदी,बल्कितुरंतसक्रियतादिखाई।उन्होंनेप्रशासनिकबाधाओंकोकिनारेरखकरअपनीटीमकोनिर्देशितकियाऔरमात्रएकघंटेकेभीतरउसयुवतीकीडिग्रीतैयारकरवादी।यहघटनाहमेंसिखातीहैकियदिसत्ताऔरव्यवस्थामेंबैठेलोगसंवेदनशीलहों,तोवेकिसीकाबुझताहुआभविष्यफिरसेरोशनकरसकतेहैं।डिग्रीहाथमेंआतेहीउसयुवतीकेपाससमयबहुतकमथा।उसेतुरंतदूसरेशहरपहुँचकरअपनीकाउंसलिंगप्रक्रियामेंशामिलहोनाथा।अधिकारीनेउसेप्रोत्साहितकरतेहुएकहाकिवहहारनमानेऔरवहांजाकरअपनीस्थितिकोस्पष्टरूपसेसाझाकरे।उसयुवतीनेवैसाहीकिया।उसनेवहांकेअधिकारियोंसेप्रार्थनाकीऔरअपनीवास्तविकताकोईमानदारीसेसामनेरखा।सत्यकीशक्तिऔरसमयपरकीगईमददकापरिणामयहहुआकिउसेकाउंसलिंगमेंशामिलकरलियागया।कुछदिनोंबाद,जबवहयुवतीअपनेनियुक्तिपत्र(Appointment Letter)केसाथवापसलौटी,तोउसकीआँखोंमेंदुखकेनहींबल्किकृतज्ञताऔरसफलताकेआँसूथे।यहसंस्मरणहमेंदोगहरेसंदेशदेताहै।पहलायहकियदिआपएककठिनऔरवास्तविकस्थितिसेगुजररहेहैं,तोमददमांगनेमेंकभीसंकोचनकरें।दुनियामेंअच्छेलोगोंकीकमीनहींहै;बसआवश्यकताहैसहीसमयपरसहीद्वारखटखटानेकी।दूसरासंदेशयहहैकिसमयपरकीगईएकछोटीसीमददकिसीकापूराजीवनबदलसकतीहै।हमारीसंवेदनशीलताऔरहमाराएकछोटासाप्रयासकिसीकेसंघर्षकोसफलतामेंबदलसकताहै।सीख/नैतिकसंदेशइसअध्यायसेहमेंयहशिक्षामिलतीहैकि'मानवता'और'समयबद्धता'जीवनकेदोसबसेबड़ेगुणहैं।जहाँएकओरव्यक्तिकोविपरीतपरिस्थितियोंमेंघबरानेकेबजायपूरीईमानदारीसेसमाधानकीतलाशकरनीचाहिए,वहींदूसरीओरसमर्थव्यक्तिकोसामर्थ्यहोनेपरदूसरोंकीसहायताकेलिएसदैवतत्पररहनाचाहिए।समयपरमिलासहयोगकेवलएककार्यसिद्धनहींकरता,बल्किएकमनुष्यकाभविष्यसुरक्षितकरताहै।हमेंसदैवदूसरोंकेप्रतिसहानुभूतिरखनीचाहिए,क्योंकिहमाराएकछोटासानेककामकिसीकेजीवनकीसबसेबड़ीपूंजीबनसकताहै।bhupendra ...और पढ़े

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प्रेरणास्पंदन - 10-11

अध्याय:10अमरसपनेऔरसेवाकासंकल्प मनुष्यकेजीवनमेंसपनोंकामहत्वकेवलएकलक्ष्यतकपहुँचनेकानहीं,बल्किव्यक्तित्वकोगढ़नेकाहोताहै।अक्सरऐसाहोताहैकिहमबड़ेचावसेकोईसपनादेखतेहैं,उसकेलिएकड़ीमेहनतकरतेहैं,लेकिनसमयऔरपरिस्थितियोंकेचक्रमेंफँसकरवहसपनाकहींपीछेछूटजाताहै।परंतुक्यासपनावास्तवमेंकभीमरताहै?सत्यतोयहहैकियदिउद्देश्यपवित्रहो,तोनियतिउसेपूराकरनेकाअवसरअवश्यप्रदानकरतीहै।यहकहानीवायनाडकीएकसाहसीमहिला,एन.एस.विजयाकुमारीकीहै,जिनकाजीवनहमेंसिखाताहैकिसेवाकाजज़्बाउम्रऔरसमयकीसीमाओंसेपरेहोताहै।विजयाकुमारीआज57वर्षकीहैंऔरएकआंगनवाड़ीकार्यकर्ताकेरूपमेंसमाजकीसेवाकररहीहैं।लेकिनआजसेलगभग34वर्षपहले,उन्होंनेएकयुवामनसेपुलिसबलमेंभर्तीहोनेकासपनादेखाथा।उन्होंनेकठिनप्रशिक्षणलिया,परीक्षाएँउत्तीर्णकींऔरउन्हेंनियुक्तिपत्रभीमिलगयाथा।परंतुउससमयकेसामाजिकपरिवेशऔरपिताकीइच्छाकेकारणउन्हेंअपनेउससपनेकीबलिदेनीपड़ी।वेपुलिसकीवर्दीतोनपहनसकीं,लेकिनउनकेभीतरलोगोंकीमददकरनेऔरसमाजसेवाकरनेकीजोअग्निथी,वहकभीठंडीनहींहुई।वेसदैवईश्वरसेप्रार्थनाकरतीथींकिउन्हेंएकऐसाअवसरमिलेजहाँवेमानवताकेलिएखुदकोसमर्पितकरसकें।हालहीमेंवायनाडमेंहुईभीषणभूस्खलनकीत्रासदीनेजबपूरीदुनियाकोझकझोरकररखदिया,तबविजयाकुमारीकेभीतरकीवहीसेवाभावनाजागउठी।दुर्घटनाकीखबरसुनतेहीवेबिनाकिसीसंकोचकेअपनीस्कूटीउठाकरघटनास्थलपरपहुँचगईं।उन्होंनेस्थानीयपुलिससेएकस्वयंसेवक(वॉलिंटियर)केरूपमेंकार्यकरनेकानिवेदनकिया।जहाँबड़े-बड़ेयोद्धाभीविचलितहोरहेथे,वहाँ57वर्षकीइसमहिलानेअदम्यसाहसकापरिचयदिया।उन्होंनेआपदाकेमलबेसेलगभग100लोगोंकीसहायताकीऔरअपनीजानकीपरवाहकिएबिना17शवोंकोबाहरनिकाला।विजयाकुमारीकाकार्यकेवलबचावतकसीमितनहींथा।उन्होंनेउनक्षत-विक्षतअंगोंकोसमेटाऔरउन्हेंउनकेपरिजनोंतकपहुँचानेमेंमददकी,जिसेदेखकरकिसीकाभीकलेजाकांपजाए।यहकोईसामान्यसाहसनहींथा;यहउनकेउस34सालपुरानेसपनेकापुनर्जन्मथाजोसमाजकीरक्षाकरनाचाहताथा।राज्यशासननेभीउनकेइसअभूतपूर्वसेवाभावकोसराहाऔरउन्हेंपुरस्कृतकिया।विजयाकुमारीकीयहकहानीसिद्धकरतीहैकिवर्दीभलेहीनमिलीहो,लेकिनउनकाचरित्रएकरक्षकसेकमनहींथा।सीख/नैतिकसंदेशइसअध्यायसेहमेंयहमहानसीखमिलतीहैकि'सपनेकभीनहींमरते'।परिस्थितियाँयापारिवारिककारणभलेहीआपकेमार्गमेंबाधाबनजाएँ,लेकिनयदिआपकेइरादेनेकहैं,तोप्रकृतिआपकोअपनालक्ष्यपूराकरनेकादूसराअवसरज़रूरदेतीहै।सफलताकाअर्थकेवलपदप्राप्तकरनानहींहै,बल्किउसपदकेपीछेकेमूल्योंकोअपनेजीवनमेंउतारनाहै।हमेंनिस्वार्थभावसेसमाजसेवाकेलिएसदैवतत्पररहनाचाहिए।यादरखें,ईश्वरआपकेधैर्यकीपरीक्षालेसकताहै,लेकिनवहआपकीसच्चीभावनाकोकभीव्यर्थनहींजानेदेता। अध्याय:11ज्ञानकालेखनऔरगणेशोत्सवकारहस्य भारतीयसंस्कृतिमेंगणेशचतुर्थीकापर्वअत्यंतहर्षऔरउल्लासकेसाथमनायाजाताहै।हमसभीजानतेहैंकिइसदिनभगवानश्रीगणेशहमारेघरोंमेंपधारतेहैंऔरदसदिनोंकेउपरांतअनंतचतुर्दशीकोहमउन्हेंविदाईदेतेहैं।शास्त्रोंकेअनुसार,गणेशजीकाआगमनऔरप्रस्थानदोनोंहीपरमकल्याणकारीमानेजातेहैं।इसकेपीछेएकअत्यंतप्राचीनऔररोचकपौराणिककथाछिपीहै,जोहमेंज्ञान,एकाग्रताऔरभक्तिकेगहरेअर्थसमझातीहै।यहकथाउससमयकीहैजबमहर्षिवेदव्यासजीकोमहानशास्त्रोंकीरचनाकरनीथीऔरउन्हेंएकऐसेलेखककीआवश्यकताथीजोउनकेविचारोंकीगतिकेसाथतालमेलबिठासके।जबमहर्षिवेदव्यासनेभगवानसेअपनीइसआवश्यकताकेलिएनिवेदनकिया,तबउन्हेंविघ्नहर्ताभगवानश्रीगणेशकोआमंत्रितकरनेकासुझावमिला।गणेशचतुर्थीकेहीदिनमहर्षिनेभगवानगणेशकासादरसत्कारकियाऔरउन्हेंअपनेनिवासपरएकदिव्यआसनपरविराजमानहोनेकाअनुरोधकिया।यहींसेशास्त्रोंकेलेखनकीवहअद्भुतप्रक्रियाआरंभहुई,जिसनेमानवताकोज्ञानकाअनमोलखजानादिया।महर्षिवेदव्यासशास्त्रोंकावाचनकरतेरहेऔरबुद्धिकेदेवताश्रीगणेशउन्हेंनिरंतरलिपिबद्धकरतेरहे।यहलेखनकार्यलगातारदसदिनोंतकचलतारहा।इसदौरानमहर्षिवेदव्यासनेईश्वरकीदिव्यलीलाओंऔरगीताकेगूढ़भावोंकाऐसाअद्भुतवर्णनकियाकिसुननेवालेऔरलिखनेवालेदोनोंहीभक्तिकेरसमेंडूबगए।कहाजाताहैकिइनदिव्यभावोंकेआवेगकेकारणभगवानश्रीगणेशकेशरीरकातापमानबढ़नेलगाऔरदसवेंदिन,यानीअनंतचतुर्दशीतकउनकाशरीरबुरीतरहतपनेलगा।महर्षिवेदव्यासनेजबयहदेखा,तोउन्होंनेभगवानकीतपनकोशांतकरनेकेलिएउनकेबदनपरठंडीमिट्टीकालेपलगायाऔरउन्हेंशीतलजलसेस्नानकराया।यहीकारणहैकिआजभीहमगणेशचतुर्थीपरप्रतिमाकीस्थापनाकरतेहैंऔरदसदिनोंतकभक्तिभावसेउनकीपूजाकरनेकेबादअनंतचतुर्दशीकोजलमेंउनकाविसर्जनकरतेहैं।मिट्टीकीप्रतिमाऔरजलकायहसंगमवास्तवमेंउसीपौराणिकघटनाकीयाददिलाताहैजबभगवानकेशरीरकीतपनशांतकीगईथी।यहउत्सवहमेंयहभीसिखाताहैकिजिसप्रकारगणेशजीनेपूर्णएकाग्रताकेसाथज्ञानकोलिपिबद्धकिया,हमेंभीअपनेजीवनमेंज्ञानकास्वागतकरनाचाहिएऔरअपनेभीतरकीबुराइयोंकोशांतकरसमाजकीभलाईकेलिएकार्यकरनाचाहिए।सीख/नैतिकसंदेशइसअध्यायसेहमेंयहशिक्षामिलतीहैकिज्ञानकीप्राप्तिऔरउसकासंरक्षणहीजीवनकावास्तविकउद्देश्यहोनाचाहिए।भगवानगणेशकाजीवनहमेंसिखाताहैकिबुद्धिऔरविवेककाउपयोगसदैवलोककल्याणकेलिएकरनाचाहिए।जिसप्रकारगणेशजीनेमहर्षिवेदव्यासकेवचनोंकोबिनारुकेलिखा,उसीप्रकारहमेंभीअपनेलक्ष्योंकेप्रतिदृढ़निश्चयीऔरएकाग्रहोनाचाहिए।उत्सवकेवलबाहरीरीति-रिवाजनहींहैं,बल्किवेहमेंअपनेभीतरकीतपनयानीक्रोधऔरअहंकारकोशांतकरशीतलबननेकीप्रेरणादेतेहैं।सच्चीभक्तिवहीहैजोहमेंएकबेहतरऔरसेवाभावीमनुष्यबनाए।bhupendra kuldeep9827153834bhupendrakuldeep76@gmail.com ...और पढ़े

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