मिस फाइटर प्लेन

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आइए मिलते है इस कहानी की मुख्य नायिका से ईशानी शर्मा, जिसकी उम्र 23 साल है गोरा रंग, मध्यम कद, बादामी मोटी - मोटी आंखे जो कभी एक जगह नहीं टिकती, थोड़े घुंघराले कमर तक लंबे बाल जो हमेशा बिखरे रहते है लेकिन यह बिखरे बाल ईशानी की खूबसूरती में चार चांद लगा देते है गुलाब की नन्ही पंखड़ियों के समान छोटे छोटे होंठ मुस्कुराने पर थोड़े फेल जाते हैं चेहरा ऐसा कोई भी भाव छुपा नहीं पाता, स्वभाव से थोड़ी चुलबुली ,थोड़ी शर्मीली , दूसरों के प्रति दया भाव रखने वाली,

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मिस फाइटर प्लेन - 1

आइए मिलते है इस कहानी की मुख्य नायिका से ईशानी शर्मा, जिसकी उम्र 23 साल है गोरा रंग, मध्यम बादामी मोटी - मोटी आंखे जो कभी एक जगह नहीं टिकती, थोड़े घुंघराले कमर तक लंबे बाल जो हमेशा बिखरे रहते है लेकिन यह बिखरे बाल ईशानी की खूबसूरती में चार चांद लगा देते है गुलाब की नन्ही पंखड़ियों के समान छोटे छोटे होंठ मुस्कुराने पर थोड़े फेल जाते हैं चेहरा ऐसा कोई भी भाव छुपा नहीं पाता, स्वभाव से थोड़ी चुलबुली ,थोड़ी शर्मीली , दूसरों के प्रति दया भाव रखने वाली, हंसी मजाक के साथ अपनी जिम्मेदारियों को अच्छे ...और पढ़े

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मिस फाइटर प्लेन - 2

आरव के लुक को देख कर हर लड़की आरव को अपने सपनों का राजकुमार बनाना चाहती है लेकिन इस साल के नौजवान को लड़कियों में कोई दिलचस्पी नहीं है आरव है ही इतना हैंडसम लेकिन.... दिक्कत इस बात की है किआरव ने अपनी इमेज लोगो के सामने बहुत भयानक बना रखी है लोगो को आरव सिंह के नाम से पसीने छूटने लग जाते है.......आरव ने लोगों के दिलों में अपनी पहचान घमंडी, गुसेल, बुझ दिल इंसान की छाप छोड़ रखी है...... हालांकि बचपन से आरव ऐसा नहीं है वह ओर उसका दिल ही जनता है वह इतना कठोर कैसे ...और पढ़े

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मिस फाइटर प्लेन - 3

आरव घर में बहुत स्ट्रीक होकर रहता था दादी को छोड़ कर सभी घर वाले उससे डरते थे आरव घर में दादी के अलावा और किसी से मतलब था भी नहींआरव का एक ओर चेहरा था जो सिर्फ दादी के सामने ही आता था दादी उसके लिए सब कुछ थी जो आरव बाहर वाले के लिए हैवान था वहीं दादी के सामने बच्चा बन जाताबच्चों की तरह दादी से प्यार करता रोजाना ऑफिस से आने के बाद दादी की गोद में घंटों सोता अपनी मां को याद करता रहताइधर ईशानी क्लास में बैठी परेशान हो रही खुद से ही ...और पढ़े

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मिस फाइटर प्लेन - 4

नैना : पानी पीने के बहाने क्लास से बाहर निकल जाती है |ईशानी मन में भगवान को कहती हैईशानी भगवान जी प्लीज इस बार बचा लेना अगली बार पक्का पढ़ लूंगी।नैना स्टाफ रूम के बाहर खड़ी होकरनैना : may I come in sirप्रोफेसर शुक्ला : yes come inनैना : सर आपको मालती मैम बुला रही हैप्रोफेसर शुक्ला : ठीक है मैं आता हुप्रोफेसर शुक्ला स्टाफ रूम से बाहर चले जाते है इसी तरह नैना दूसरे प्रोफेसर को भी किसी ना किसी बहाने से स्टाफ रूम से बाहर निकाल देती है।नैना ईशानी को इशारा कर देती है जो पहले ही ...और पढ़े

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