जिंदगी के पार जिंदगी कहते हैं जिंदगी एक रहस्य से भरा हुआ है एक पजल की तरह जिंदगी की हर मोड़ हर रास्ता है जिसे सुलझाना आसान नहीं और जिंदगी की कहानी एक पजल है हमें नहीं पता कि किन्हे जिंदगी सौगात में क्या देता है पर जिंदगी सौगात मै एक चीज देती है जो शगुन से भरी होती है एक लंबी नींद एक लंबा सपना
Full Novel
जिंदगी की दूसरे किनारा - 1
जिंदगी की दूसरा किनारापार्ट 1 जिंदगी के पार जिंदगीकहते हैं जिंदगी एक रहस्य से भरा हुआ है एक पजल की तरह जिंदगी हर मोड़ हर रास्ता है जिसे सुलझाना आसान नहीं और जिंदगी की कहानी एक पजल है हमें नहीं पता कि किन्हे जिंदगी सौगात में क्या देता है पर जिंदगी सौगात मै एक चीज देती है जो शगुन से भरी होती है एक लंबी नींद एक लंबा सपना पर सपना क्या है और उसके रहस्य क्या है जो दुनिया में अब तक तरह तरह की सवाल है कहते हैं सपना अपने दिमाग की उलझन से पैदा होते हैं और दिमाग तो उलझने के लिए ही होते हैं ना पर आज ऐसे सपना के बारे में नहीं जानेंगे कहानी के बारे में जो जिंदगी को फिर से जिंदगी कहने पर मजबूर करदेंगे और मौत को भी जिंदगी कहने पर मजबूरकर देंगे ...और पढ़े
जिंदगी की दूसरे किनारा - 2
जिंदगी की दूसरा किनारापार्ट 2औरवही डॉक्टर उस लड़की को देखते हुएअपने दोनों हाथों को नीचे टेबल पर रख देता अपनी बातों को आगे बढ़ते हुए मुस्कुराते हुए कहता हैकभी मत सोचो कि तुम मरने वाली होयह सोचो कि तुम जिंदा दिल होऔर तुम्हें बस इस पल में जीना हैडॉक्टर जानता है कि वह लड़की दुखी हैपर वह सोच रहा हैना उम्मीदें जिंदगी से अच्छा हैकि कोई उम्मीद हो बस लोग इस पल को काटना सीखेजिंदगी अपने आप कट जाएगीऔरडॉक्टर उसे समझाने की कोशिश करता हैजीने का नजरिया बदलने की कोशिश करता हैपर वही लड़की में उम्मीद ना के बराबर ...और पढ़े
जिंदगी की दूसरे किनारा - 3
जिंदगी के दूसरे किनारा पार्ट 3अब समय शाम के वक्त हैऔर वही लड़की अपने दोस्तों के साथ शाम केशहर गई हैवह शहर में है आसपास चीज बिक रही है कुछ गाड़ियां हैआती जाती बाइक कार साइकिलऔर आसपास लगे हुए बहुत सारे रेस्टोहैंटशाम की तकरीबन सात बच के हैंलाइट से दिखती हूं उजालाऔर चेहरे परउन्हें बीच वह लड़कीउसके दोस्त के साथ वह सड़कों पर टहलते हुएआगे शहर घूमते हुए जा रही हैउसके 2 चार दोस्त में हंस रही हैऔर बातें कर रही हैउसमें एक दोस्त मुस्कुराते हुए आगे देखते हैं कहती है और हमें आगे जाना चाहिएहै नाक्या कहते हैंउसके ...और पढ़े
जिंदगी की दूसरे किनारा - 4
जिंदगी की दसरे किनारा पार्ट 4वही है अब आधी रात के समयमेघाना बेचैन है एक हाथ सर पर रखते सोच में डूबी हुई हैछत की तरफ देखते हुएसायद उसेसदमा लगा हैउन अविश्वासी घटना काउसने जो सड़कों पे देखाउसका दिमाग वही अटक गया हैवह भरम में है उसे समझ में नहीं आ रहा हैकि वह क्या था इसीलिएवो अब तिलक जाकरअपने बिस्तर पे लेटे हुएउसकी छोटी सी कैमराजिसमें कोई भी चीज़ अपनी जगह पर नहीं हैकपड़े यहां वहांखाने की चीज यहां वहांऔर यहां तक की काम की चीज यहां वहां पसरा हुआ हैऔर तभी वह पैनिंग करते हुएअपने सर पर ...और पढ़े
जिंदगी की दूसरे किनारा - 5
जिंदगी के दूसरे किनारापार्ट 4औरतभी वह लड़की मेघना को देखती हैऔर मुस्कुरा कर हल्की लहजे में कहती हैगुड मॉर्निंग तभी उस लड़की की बातें सुनते हीमेघनाउस लड़की को देखते हुएअपने चेहरा गंभीर बना लेती हैऔर फिर हल्के से सर हिलाती हैबिना बोले गुड मॉर्निंग कहते हुएऔर तभी वह लड़की मेघना को देखते हुएहल्के तिरछे पलते हुए दक्षिण की ओर आगे बढ़ जाती हैअपने होठों पर फीकी मुस्कान लिएवह लड़की समझ जाती है कि मेघनाको उस की वार्ताओं पसंद नहीं आयाऔर वही मेघना के चेहरे पर साफ देखा जा सकता हैकि उसे वह लड़की बिल्कुल पसंद नहीं हैऔर तभी वो ...और पढ़े
जिंदगी की दूसरे किनारा - 6
जिंदगी के दूसरे किनारा पार्ट 6और तभी आरती दिखाते हुएवह लेडी अपने हाथ रोक लेती हैऔर ठहरते हुएहल्की झुकती अपने बाएं हाथों में पकड़े हुएघंटी कोपूजा स्थल पर रखती हैऔर फिर सीधे खड़ी होती हैऔर फिर मुड़ते हुएअपनी बेटी के तरफ अपने कदम बढ़ती हैऔर हल्की आवाज में कहती हैचिंता मतकरोऔर वही रिया ठहरते हुएअपनी मां के तरफ देखते हैंऔर वही वह लेडी अपनी बेटी के पास आते हीआरती की थाली दाऐ हाथें बढ़ाते हुएबाएं हाथ में लेती हैऔर फिर आरती की थाली देखते हुएअपनी दाऐ हाथ आरती की थाली में बड़ाते हुएउन से हाथों हाथों में प्रसाद उठाते ...और पढ़े
जिंदगी की दूसरे किनारा - 7
जिंदगी के दूसरे किनारा पार्ट 7और वही मेघना सरकारी कर्मचारियों कोयह करते देखऔर अपने हल्के से होठ खोलती हुईऔर होकर अपने चेहरे को सिकोड़ करअपने हाथों को नीचे करते हुएअचानक से सर उठाते हुएउस कर्मचारियों के चेहरे देखती हैऔर रिएक्ट करते हुएहल्की तेज आवाज में कहती हैसरऔर वही आते जाते एक पोस्ट ऑफिस के कर्मचारी रुकते हुए मेघना और उसे ऑफिसर की तरफ देखने लगता हैऔरतभी वह कर्मचारी फाइल पर नजर गिरते हुएतीखे शब्दों में मेघना से कहता हैचुप रहोपहले मुझे फाइल देखने दोऔर वही मेघना इतना सुनते हीथोड़ी डर जाती हैऔर मन में सोचते हैं क्योंऔर उस आदमी ...और पढ़े
जिंदगी की दूसरे किनारा - 8
जिंदगी के दूसरे किनारा पाठ 8और अब कुछ समय बादवह अपने बिस्तर पर रोते हुएवह नॉर्मल होकरअपने आगे की देखते हुएऔर बहुत देर तक वैसे ही उदासीपन से बैठी हैऔर फिर कुछ देर बाद अपने पलके झपकाते हुएवह खुद को संभालते हुए होश में आती हैऔर अचानक मूर्ति हुएऔर फिर अपने बिस्तर पर रखे हुएलैपटॉप को अपने हाथ बढ़ाते हुएअपने हाथों में लेते उठाकर आगे लाते हुएअपनी पीठ और सर को झुकते हुएलैपटॉप की तरफ झुक जाती हैऔर दोनों हाथ लगाते हुएलैपटॉप की कीबोर्ड पर कुछ सर्च करने लगता हैमेघना अब तिलक अपनी सेविंग के पैसे खर्च कर रही ...और पढ़े
जिंदगी की दूसरे किनारा - 9
जिंदगी की दूसरे किनारा पार्ट 9और फिर कुछ घंटे के बाद मेघना अस्पताल के ग्राउंड फाइल के लोभी में दाएं हाथ में प्लास्टर लगा हुआ हैऔर वहधीरे-धीरे कदम बढ़ाते हैंआगे जाते हुए घूम रही हैआसपास नजरे दोहराते हुएऔर वहीं अस्पताल के बाहर तेज बारिश हो रही हैऔर तेज हवा भी चल रही हैऔर वहीं कुछ लोग अस्पताल में लोभी में ब्रांच पर बैठे हुए हैंअपनी फैमिली मेंबर की वेट करते हुएओ वही कुछ नर्स और डॉक्टर आ जा रहे हैंऔर वही मेघना चलते हुए इधर-उधर नजर दोराते हुऐलोभी के साइड फ्लोर के किनारे में खंभे के पास बाहर बारिश ...और पढ़े