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अनजाने लक्ष्य की यात्रा पे - 8
by Mirza Hafiz Baig
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पिछले भाग से-"लगता है, वे हमारी बलि चढ़ाने ले जारहे हैं।" गेरिक ने कहा।"तुम सही कह रहे हो मित्र," मैंने कहा, "लगता है, हमारे विदाई की बेला आ चुकी ...

डोर – रिश्तों का बंधन - 10
by Ankita Bhargava verified
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अगले दिन नयना और चिंटू सुबह सुबह ही पूर्वी की मोसी के घर जनकपुरी पहुंच गए। बस चाय के साथ बिस्कुट ही लिए थे दोनों ने, शनिवार को लीलाधर ...

मुक्ति.
by Pritpal Kaur verified
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“तुम जिंदा क्यों हो? मर क्यों नहीं जाते? मर जाओ...” उसकी तरफ से यह सलाह अनायास नहीं आयी थी. कई दिनों से देख रहा था, वह मुझसे ऊब चली थी. ...

रात और दिन की संधि
by Seema Saxena verified
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If there are images in this attachment, they will not be displayed.   Download the original attachmentसीमा असीम की कवितायें ०९५५७९२९३६५   संग्रह की कवितायेँ अँधेरी रात में सोचती हूँअँधियाराहाँ ...

लाइफ़ @ ट्विस्ट एन्ड टर्न. कॉम - 19
by Neelam Kulshreshtha
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ज़िंदगी हर कदम एक नई जंग है ---सच, दामिनी ने इस जंग को खूब बहादुरी से लड़ा है आदमी की बाहरी जंग तो सबको दिखाई देती है ...

फिर भी शेष - 18
by Raj Kamal verified
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तमाम ऊबड़—खाबड़ रास्तों से गुजर कर अब रितुपर्णा की गाड़ी पटरी पर आ गई थी। देश के सबसे उन्नत औद्योगिक मेट्रो शहर के हाइवे पर वह रफ्तार ले रही ...

somewhat लव - 6
by Yayawargi (Divangi Joshi)
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Somewhat nothingतीन साल वेसे तो काफी लंबा अरसा है किसी को भुला ने के लिए... कहते है के नई आदते बनने मे 21 दिन लगते है ३६ महीने तो बोहोत ...

बिटिया! बदल गई तुम
by VIRENDER VEER MEHTA
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बिटिया! बदल गई तुम मेरी प्यारी बिटिया, ढेरों प्रेम भरा स्नेह और आशीर्वाद। जानता हूँ अपने मेल बॉक्स में मेरी मेल देखकर तुम हैरान अवश्य हो रही होगी, क्योंकि ...

इंद्रधनुष सतरंगा - 20
by Mohd Arshad Khan
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‘‘क्या हुआ पुंतुलु, भाई? इतना परेशान क्यों दिख रहे हैं?’’ आतिश जी ने खिड़की से झाँककर पूछा। ‘‘नहीं-नहीं, ऐसी कोई बात नहीं है।’’ पुंतुलु मुस्कराने का असफल प्रयास करते हुए ...

अधूरी हवस - 9
by Balak lakhani verified
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(9) (आगे आप सब ने कहानी मे देखा कि मिताली राज के साथ रिश्ता रखने वाली लड़की से बात करती हैं और उसे दुनिया की एक कड़वी सच्चाई सामने ...

एकता दिवस
by JYOTI PRAKASH RAI
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आज दिनांक ३१ अक्टूबर है, हम और आप आज के दिन को एकता दिवस के रूप में मना रहे है! एकता क्या है और इसका क्या अर्थ है यह ...

आखर चौरासी - 21
by Kamal
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‘‘बाहर बड़ी देर लगा दी ?’’ भीतर घुसते ही उनकी पत्नी ने पूछा। ‘‘हाँ, वो सामने वाले अम्बिका बाबू बातें करने लग गए थे। नेताजी के बारे में कह रहे ...

अफसर का अभिनन्दन - 26
by Yashvant Kothari verified
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 प्रभु !हमें कॉमेडी से बचाओं                                यशवंत कोठारी इस कलि का ल में वर्षा का तो अकाल है मगर कॉमेडी की बारिश हर जगह हो रही हैं ,क्या अख़बार ...

बड़ी बाई साब - 4
by vandana A dubey
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ाशाह रवैया नहीं अपनाया या ऐसा फ़ैसला जिसे ग़लत ठहराया जा सके, लिया भी नहीं. गौरी की शादी के वक़्त जब बड़ी बाईसाब खुद बारात में आईं, तो लोगों ...

किस्मत - 1
by Akshay jain
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किस्मत नाम कि वस्तु से आप सभी परिचित ही होंगे। आज के समय में अनेक लोग अपनी किस्मत पर ही टिके हुए हैं।अनेक लोग अपनी किस्मत को आजमाते रहते ...

मेंरी प्रेम कहानी-मेड फॉर ईच अदर
by राजीव तनेजा
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"मेरी प्रेम कहानी-मेड फॉर ईच अदर""हैलो"... "मे आई स्पीक टू मिस्टर राजीव तनेजा?" "यैस!...स्पीकिंग" "सर!..मैं'रिया' बोल रही हूँ 'फ्लाना एण्ड ढीमका' बैंक से"  "हाँ जी!...बोलिए"  "सर!...वी आर प्रोवाईडिंग होम लोन ऐट वैरी रीज़नेबल रेटस"  "सॉरी ...

‘मरजावां’ - फिल्म रिव्यू - हाय, मैं मर जावां…    
by Mayur Patel verified
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भारत में फिल्म शुरु होने से पहेले सिनेमा होल में ‘मुकेश’ के दर्शन अवश्य होते है. वो मुकेश जो सिगरेट पी पी कर केन्सर से मर गया था. उस ...

बड़ी दीदी - 1
by Sarat Chandra Chattopadhyay verified
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इस धरती पर एक विशिष्ट प्रकार के लोग भी वसते है। यह फूस की आग की तरह होते हैं। वह झट से जल उठते हैं और फिर चटपट बुझ ...

समझोते
by Upasna Siag
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माँ ! आज आप सुरभि आंटी के पास जरूर जा कर आना ! मानसी ने मुझसे कहा। अब सुरभि क्या करेगी ? पढाई तुमने करनी है। जिसमें रूचि हो ...

डॉमनिक की वापसी - 21
by Vivek Mishra verified
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शिमोर्ग के मंच पर जाते ही विश्वमोहन रूम में आए. बिना कुछ कहे दीपांश के सामने बैठ गए. फिर जैसे अपने से ही बात करते हुए बोले ‘बहुत अच्छा ...

गुमशुदा की तलाश - 27
by Ashish Kumar Trivedi verified
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                                         गुमशुदा की तलाश               ...

आसपास से गुजरते हुए - 20
by Jayanti Ranganathan verified
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आई को इस उम्र में यह जिम्मेदारी सौंपना मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा था। इससे तो अच्छा होता, मैं दिल्ली चली जाती। वहां मैं अकेली संभाल लेती, पर ...

शौकीलाल जी का खत चोर जी के नाम - 2
by Krishna manu
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 मैं शौकीलाल जी के निवास पर जा धमका। उस वक़्त जनाब बाथरूम का आनंद उठा रहे थे। बाथरूम से आ रही गुनगुनाने की स्वर लहरी उनके आनंद मग्न होने ...

प्रायष्चित
by Rajesh Maheshwari verified
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                                             प्रायष्चित   नर्मदा नदी के किनारे पर बसे रामपुर नामक गाँव में रामदास नाम का एक संपन्न कृषक अपने दो पुत्रों के साथ रहता था। उसकी पत्नी का ...

शॉपिंग की बीमारी
by r k lal verified
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शॉपिंग की बीमारीआर 0 के 0 लाल"चलो तैयार हो जाओ।  तुम्हारा सामान लेकर आते हैं। ध्यान रहे हार बार की तरह फालतू सामान लेने की जरूरत नहीं है। लिस्ट ...

इंद्रजाल
by Shailendra Chauhan
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शैलेन्द्र चौहान उनके हाथों में जब-तब एक लॉलीपॉप रहता।अक्सर तो वे अपने हाथों का उपयोग कुछ लेने के लिए ही करते थे परंतु जब भी वे अपने आसपास किसी ...

अनुराधा - 7 - अंतिम भाग
by Sarat Chandra Chattopadhyay verified
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कुमार नही आया, यह सुनकर विजय की मां मारे भय के कांप उठी ‘यह केसी बात है रे? जिसके साथ लडाई है उसी के पाक लड़के को छोड़ आया?’ विजय ...

डोर – रिश्तों का बंधन - 9
by Ankita Bhargava verified
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पूर्वी अपने मम्मी पापा के साथ अपने घर चली गई थी, रिन्नी दीदी तो उन लोगों से पहले ही निकल गई थी बोलीं, 'मां और दीपक भैया दोनों की ...

मर्दानी आँख
by Pritpal Kaur verified
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हलके गुलाबी रंग के कुरते में गहरे रंग की प्रिन्ट दार पाइपिंग से सजी किनारी वाली कुर्ती उसकी गोरी रंगत पर फब रही थी. उसके चेहरे पर मासूमियत की ...

उधड़े ज़ख्म - 7
by Junaid Chaudhary
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      अंदर सुम्मी के पास उसकी और मेरी अम्मी बैठी हुई थी,अम्मी ने मेरे पास आकर कहा इसे बहुत तेज़ प्यास लग रही है,गीली पट्टी इसके होंटो पर ...