इश्क़ आख़िरी - 4 Harshali द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

इश्क़ आख़िरी - 4

सोनाली से बात कर के अमृता अपने रूम में सोने के लिए चली गई । आधी रात को अमृता की आंख खुली , ये इतनी गर्मी क्यों लग रही है , अमृता ने देखा , स्विच तो ऑन है फिर एसी क्यों नहीं चल रही अमृता ने नींद में ही कहा । उसने लाइट का स्विच ऑन किया तब उसको पता चला कि लाइट गई हुई है । ओ नो इस लाइट को भी अभी जाना था आधी रात को , पानी भी नहीं है बोटल में अभी किचन से लाना होगा । अमृता अपने रूम से बाहर आ जाती है और किचन की और चलने लगती है , इतने बड़े घर में अब बस अमृता की पायल की आवाज क्लियरली सुनाई दे रही थी । वो किचन की और जैसे ही बढ़ रही थी उसको किचन से एक आवाज आ रही थी । अमृता ने सोचा इतने रात को किचन में कौन होगा ? ऊपर से तो आ रही हूं सभी लोक सो रहे है और सभी रूम के दरवाजे भी बंद है । तभी किचन में से एक आवाज आती है ,ये चाकू किधर रखा हुआ है ? मिल नहीं रहा , चाकू नही होगा तो काम कैसे पूरा होगा ? वो अनजान आवाज सुनकर अमृता डर गई और वैसे ही पीछे की और दौड़ने लगी , दौड़ते दौड़ते वो किसी से टकरा गई और अगले ही पल उसने रियलाइफ किया की वो किसी की बाहों में है , अमृता ने बिना ऊपर देखे ही कहा वहा ..वहा किचन में कोई है ,बोल रहा है की चाकू नहीं मिल रहा , चाकू के बिना काम कैसे होगा , आय एम श्योर वो पक्का कोई चोर , लुटेरा है । ये बोलकर अमृता उस लड़के के बाहों से अलग हो गई और अमृता ने उस लड़के के पीछे छुपते हुए अपने हाथ से इशारा करते हुए कहा ," वो देखो वो परछाई एक के हाथ में चाकू है , ये बोलकर अमृता ने उस लड़के की बांह पकड़ ली, जैसे जैसे वो परछाई नजदीक आ रही थी वैसे वैसे अमृता की पकड़ उसके बांह पर और भी मजबूत हो रही थी । तभी सामने से कुछ जानी पहचानी आवाज आती है , " अरे अरे अमृता डरो मत ये हम है मानव और सोनाली " सोनाली ने अमृता के पास जाते हुए कहा । इस सबसे अनजान आकाश ये सब बाते अपने दिमाग में प्रोसेस कर रहा था की क्या हुआ था अभी अभी ! तभी अमृता ने आकाश का हाथ छोड़ दिया और उससे कुछ दूरी बनकर खड़ी हो गई । तभी आकाश ने अमृता की तरफ देखते हुए कहा ," तुम कौन ?? आय मीन दीदी की फ्रेंड हो ? " ,तभी सोनाली बीच में बोल पड़ी "अरे नहीं नही आकाश, ये तो माँ के फ्रेंड की बेटी है अमृता , कुछ महीने हमारे घर रहने वाली है "। तभी आकाश अमृता को मुस्कुराते हुए बोला , "देखो तुम्हे डरने की जरूरत नहीं है , ये दीदी और मानव का रोज का ही है , हमे तो आदत हो चुकी है इसकी , मैगी बना रहे होंगे पक्का" ! तभी अमृता ने कहा ," क्या इतनी रात को मैगी ? वो भी इस अंधेरे में ?" तब मानव भी बोल पड़ा," अरे हा! वो आधी रात को मैगी बनाकर खाने का मजा ही कुछ और होता है , छुप छुप पर मैगी खाना एक टैलेंट होता है पता है , वो भी बिना बर्तन का शोर किए और फिर सारे सभूध भी तो मिटाने पड़ते है ,इसे कहते है मेहनत की रोटी मतलब मेहनत की मैगी । तुम इसके बातों पर ध्यान मत देना कुछ भी बोलता है , वो क्या है सबसे छोटा है ना तो दिमाग भी वैसा ही है आकाश ने मानव को ताना मारते हुए कहा । क्या भाई कम से कम अमृता के सामने तो चुप रहो ना , कहकर मानव ने अपने माथे पर हाथ मार दिया । फिर आकाश ने मानव से कहा , " अरे तुम्हारी वजह से अमृता डर गई थी उसे लगा की कोई चोर आए है घर में " हा वो तुम बात कर रहे थे ना की चाकू नही मिल रहा , चाकू के बिना काम कैसे होगा इसलिए मुझे ऐसा लगा की घर में कोई चोर आया है , मीरा ने झीजकते हुए मानव से कहा । अच्छा वो बात वो सब्जी काटने के लिए चाकू चाहिए था , चाकू के बिना हमारा काम कैसे होता ! मानव ने हंसते हुए कहा । तभी आकाश बोल पड़ा ,"अरे लाइट्स गई है , ये बताने के लिए ही तो मैं नीचे आया था ,शायद फ्यूज का कोई प्रॉब्लम हुआ होगा में देख कर आता हूं " ये कहकर आकाश वहा से चला जाता है । तुम दोनो यह बैठो मैं मैगी बनकर लाती हूं ये बोलकर सोनाली वहा से चली जाती है । फिर मानव बोलता है हमारा ऐसे फॉर्मल इंट्रोडक्शन तो हुआ ही नहीं। हेलो आय एम मानव, हाव आर यू ? अमृता ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया आय एम फाइन , तो मैने सही सुना था तुम्हारे बारे में की , तुम्हारा नेचर मजाकिया है । हां जी अमृता जी आपने बिलकुल सही सुना है हमारे घर वालों से , क्योंकि सीरियस होने में कोई पॉइंट नही है , सीरियस लोग तो हस्पताल में भी मिल जाते है , इंसान को हर सिचुएशन में हंसना आना चाहिए , हर मुश्किल का सामना हस कर करना चाहिए तब सब प्रॉब्लम्स यू सॉल्व हो जाती है मेरा पर्सनल एक्सपीरियंस है बता रहा हूं " , मानव ने अमृता से हस कर कहा । हां, बात तो तुमने सही की, अमृता ने भी अपनी सहमति जताते हुए कहा । तभी आकाश आता है और बोलता है अभी देखना स्विच ऑन करके लाइट्स का प्रॉब्लम सॉल्व हो चुका है । तभी अमृता बोली," अरे नही लाइट्स मत लगाना अभी दी मैगी ला रही है , और मैगी खाने का असली मजा तो अंधेरे में ही आता है ना । अरे वाह! वाह !वाह! तुम तो मेरे पार्टी में आ गई , देखो भाई कुछ सीखो अमृता से , एक दिन भी नहीं हुआ उसको हमारे घर आए और वो देखो मेरे और दी की पार्टी में आ गई , और आप ..आप तो कितने सालों से रह रहे है हमारे साथ फिर भी आप इतने बोरिंग कैसे ? मानव ने फिर से शरारती ठंग से कहा ।



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Have some happiness

Have some happiness 2 महीना पहले

Preeti G

Preeti G 4 महीना पहले

Harshali

Harshali मातृभारती सत्यापित 4 महीना पहले