1
इलेक्शन ड्यूटी का हौव्वा
इलेक्शन ड्यूटी का हौव्वाजिस प्रकार अस्पताल और अदालत एक आम आदमी कभी अपने शौक से नहीं, बल्कि मजबूरी में जाता है, ठीक उसी प्रकार चुनाव ड्यूटी भी कोई अधिकारी या कर्मचारी शौक से नहीं, मजबूरी में ही करता है। यदि हम यह कहें कि बहुसंख्यक अधिकारी-कर्मचारी यही एक ऐसी ड्यूटी है, जिसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करते हैं, तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। इस ड्यूटी में वे किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतते हैं, क्योंकि उन्हें भली-भाँति पता होता है कि इसमें उनकी जरा-सी भी लापरवाही उनके निलंबन या बर्खास्तगी का ...और पढ़े