वो रात जब सब बदल गया.

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कुछ कहानियाँ मोहब्बत से नहीं शुरू होतीं...शुरू होती हैं एक ऐसे फैसले से, जिसे आप कभी बदल नहीं सकते। लाल रंग का भारी दुल्हन का लहंगा।आईने के सामने खड़ी मेहर ने खुद को देखा। गहनों की इस छन-छनाहट में एक दुल्हन की खुशी होनी चाहिए थी...पर उसके चेहरे पर सिर्फ एक गहरा, अनकहा खौफ था। बाहर शहनाई और ढोल की आवाज़ गूँज रही थी।पर मेहर के टूटते दिल के लिए...यह संगीत किसी मातम की धुन जैसा लग रहा था।

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वो रात जब सब बदल गया - 1

कुछ कहानियाँ मोहब्बत से नहीं शुरू होतीं...शुरू होती हैं एक ऐसे फैसले से, जिसे आप कभी बदल नहीं सकते।लाल का भारी दुल्हन का लहंगा।आईने के सामने खड़ी मेहर ने खुद को देखा।गहनों की इस छन-छनाहट में एक दुल्हन की खुशी होनी चाहिए थी...पर उसके चेहरे पर सिर्फ एक गहरा, अनकहा खौफ था।बाहर शहनाई और ढोल की आवाज़ गूँज रही थी।पर मेहर के टूटते दिल के लिए...यह संगीत किसी मातम की धुन जैसा लग रहा था।उसका बाप बेहद ज़िद्दी और बेरहम था।जो उसकी शादी जबरदस्ती अद्वय से करवा रहा था।सिर्फ अपने व्यापार के फायदे के लिए।वह अपनी ही बेटी का ...और पढ़े

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वो रात जब सब बदल गया - 2

काली गाडी का इंजन एक बहरे जानवर की तरह गरज रहा था, जो उस अँधेरी, घुमावदार बडी सडक को हुए आगे बढ रही थी. गति मापक की सुई खतरनाक तरीके से ऊपर चढ रही थी, पर रेयांश खन्ना को इस बात की कोई परवाह नहीं थी. स्टीयरिंग व्हील पर उसके हाथ की उँगलियाँ सफेद पड चुकी थीं और गुस्से के मारे उसकी जबडा इतनी सख्त थी कि उसकी गर्दन की नसें साफ फूल रही थीं. उसका पूरा ध्यान सामने खाली सडक पर था, और उसकी आँखों में एक ऐसी बेरहमी और नफरत थी जो किसी को भी खौफ से ...और पढ़े

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