एक छोटा-सा सपना गाँव के किनारे एक छोटा-सा घर था। घर बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन उसमें रहने वाले दो लोगों की दुनिया बहुत बड़ी थी—आरव और उसकी माँ। आरव बारहवीं कक्षा में पढ़ता था। वह पढ़ाई में अच्छा था और हमेशा अच्छे अंक लाता था। उसके पिता कई साल पहले गुजर चुके थे। उसके बाद उसकी माँ ने ही उसे पाल-पोसकर बड़ा किया था। आरव की माँ सिलाई का काम करती थी। सुबह से शाम तक वह कपड़े सिलती और उसी कमाई से घर का खर्च चलाती। घर में ज्यादा सुविधाएँ नहीं थीं, लेकिन माँ ने कभी आरव को किसी चीज की कमी महसूस नहीं होने दी।
आखिरी कोशिश - 1
आखिरी कोशिशEpisode 1 — एक छोटा-सा सपनागाँव के किनारे एक छोटा-सा घर था। घर बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन रहने वाले दो लोगों की दुनिया बहुत बड़ी थी—आरव और उसकी माँ।आरव बारहवीं कक्षा में पढ़ता था। वह पढ़ाई में अच्छा था और हमेशा अच्छे अंक लाता था। उसके पिता कई साल पहले गुजर चुके थे। उसके बाद उसकी माँ ने ही उसे पाल-पोसकर बड़ा किया था।आरव की माँ सिलाई का काम करती थी। सुबह से शाम तक वह कपड़े सिलती और उसी कमाई से घर का खर्च चलाती। घर में ज्यादा सुविधाएँ नहीं थीं, लेकिन माँ ने कभी ...और पढ़े