आंध्र प्रदेश का एक दूर-दराज और अलग-थलग गाँव था—पेरीकुलम (Perikulam)। यह गाँव भौगोलिक रूप से एक ऐसी जगह पर फंसा था जहाँ चारों तरफ से संकट घिरा हुआ था। गाँव के दो तरफ ऊंचे-ऊंचे पहाड़ थे और बाकी दो तरफ खतरनाक नल्लामाला (Nallamala) का जंगल फैला हुआ था। वह जंगल इतना भयानक था कि शाम को तो छोड़िए, दिन के वक्त भी लोग वहाँ जाने से कांपते थे। गाँव वालों का पक्का मानना था कि उस जंगल में कुछ ऐसी ताकतें और रहस्य हैं जो आम इंसान के बस की नहीं हैं। पहाड़ों की वजह से गाँव से बाहर निकलने का कोई सीधा रास्ता नहीं था; बाहर जाने का इकलौता जरिया वही खतरनाक जंगल का रास्ता था।

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द मिस्ट्री ऑफ डेथ - 1

(The Mystery of Death) - अध्याय 1आंध्र प्रदेश का एक दूर-दराज और अलग-थलग गाँव था—पेरीकुलम (Perikulam)। यह गाँव भौगोलिक से एक ऐसी जगह पर फंसा था जहाँ चारों तरफ से संकट घिरा हुआ था। गाँव के दो तरफ ऊंचे-ऊंचे पहाड़ थे और बाकी दो तरफ खतरनाक नल्लामाला (Nallamala) का जंगल फैला हुआ था।वह जंगल इतना भयानक था कि शाम को तो छोड़िए, दिन के वक्त भी लोग वहाँ जाने से कांपते थे। गाँव वालों का पक्का मानना था कि उस जंगल में कुछ ऐसी ताकतें और रहस्य हैं जो आम इंसान के बस की नहीं हैं। पहाड़ों की वजह ...और पढ़े

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द मिस्ट्री ऑफ डेथ - 2

अध्याय 2The Mystery of Deathतो पिछले चैप्टर में हमने देखा कि प्रताप रेड्डी का पिता, जो अभी गाँव का था, उसने भी वही गलती की—वह गाँव में डॉक्टर को ले आया। पर क्या उसे यह याद नहीं था कि पिछले मुखिया को इसी वजह से गद्दी से हटाया गया था?जब गाँववालों को पता चला कि मुखिया किसी बाहरी आदमी को गाँव में लेकर आया है, तो सारे गाँववाले गुस्से में उबलते हुए उसके घर के बाहर जमा हो गए। उनका गुस्सा ऐसा था, मानो मुखिया ने किसी की हत्या कर दी हो। सबने चिल्लाकर उसे बाहर बुलाया और गुस्से ...और पढ़े

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द मिस्ट्री ऑफ डेथ - 3

'The Mystery of Death' — अध्याय 3तो दोस्तों, पिछले चैप्टर में हमने देखा कि मुखिया एक बाहर गाँव के मतलब हमारे डॉक्टर श्रीनिवासन राव साहब को गाँव में लेकर आया था। और उसने यह भी बोला था कि, "मैं उसकी हिफाज़त करूँगा।" तो चलो शुरू करते हैं।तो जब सबने यह मान लिया कि डॉक्टर मुखिया के सबसे करीबी हैं, तो उन्होंने कहा कि 'ठीक है' और वो सब वहाँ से चले गए। उन सबके जाने के बाद डॉक्टर ने कहा, "मैं अभी भी घबरा रहा हूँ अंकल।"तो मुखिया बोला कि, "चिंता मत करो, मैं तुम्हारे साथ एक आदमी को ...और पढ़े

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द मिस्ट्री ऑफ डेथ - 4

The Mystery of the - Chapter 4"तो दोस्तों, पिछले चैप्टर में हमने देखा कि डॉक्टर को यह पता चल था कि गाँव वालों ने एक बेगुनाह फैमिली को ज़िंदा जला दिया है। पर प्रॉब्लम यह थी कि डॉक्टर को भी पक्के तौर पर नहीं पता था कि वो फैमिली सच में बेगुनाह थी या नहीं।इसी कारण से डॉक्टर ने गाँव वालों से कहा, 'मैं पुलिस को अभी तो कुछ नहीं बताऊंगा। पर अगर मुझे पता चला कि तुम लोगों ने किसी बेगुनाह फैमिली को मारा है, तो मैं उसी वक़्त यह गाँव छोड़कर चला जाऊंगा।' यह सुनकर गाँव ...और पढ़े

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द मिस्ट्री ऑफ डेथ - 5

अध्याय 5पिछले अध्याय में हमने देखा था कि उस आदमी ने डॉक्टर को बताया था कि वह परिवार बहुत था। वे लोग किसी से ज़्यादा बातचीत नहीं करते थे, किसी के झगड़े में नहीं पड़ते थे और सिर्फ अपनी ज़िंदगी से मतलब रखते थे।लेकिन, जिस आदमी ने उस परिवार के खिलाफ गाँव में अफवाहें फैलाई थीं, वह कोई बाहरी व्यक्ति नहीं था। वह तो मुखिया का ही खास आदमी था। और अब वही आदमी भी रहस्यमय तरीके से मारा जा चुका था। सवाल यह था कि उसकी मौत वास्तव में हुई थी, या फिर उसे जानबूझकर रास्ते से हटाया ...और पढ़े

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