ये कहानी शुरू होती हैं अस्पताल से....जहां मोहन अपने होने वाले बच्चे के लिए चिंतित हैं। ऑपरेशन रूम से आती दर्द भरी चीखों ने उसे परेशान कर दिया हैं चिंता ने उसके बच्चे पैदा होने की खुशी को छोटा कर दिया था। फिर ऑपरेशन रूम में शांति हुई और डॉक्टर ने बाहर आ कर मोहन जी को बधाई दी। ओर कहा मुबारक हो...आपको लड़का हुआ है।मोहन जल्दी से अपनी पत्नी विद्या के पास गया और उसकी आंखे अपने बच्चे को ढूंढ रही थी।....मोहन ने बच्चे को देखा और उसे स्नेह के साथ अपनी गोद में ले लिया।
मॉडर्न साधु - 1
ये कहानी शुरू होती हैं अस्पताल से....जहां मोहन अपने होने वाले बच्चे के लिए चिंतित हैं। ऑपरेशन रूम से दर्द भरी चीखों ने उसे परेशान कर दिया हैं चिंता ने उसके बच्चे पैदा होने की खुशी को छोटा कर दिया था। फिर ऑपरेशन रूम में शांति हुई और डॉक्टर ने बाहर आ कर मोहन जी को बधाई दी। ओर कहा मुबारक हो...आपको लड़का हुआ है।मोहन जल्दी से अपनी पत्नी विद्या के पास गया और उसकी आंखे अपने बच्चे को ढूंढ रही थी।....मोहन ने बच्चे को देखा और उसे स्नेह के साथ अपनी गोद में ले लिया। मन की उथल-पुथल ...और पढ़े
मॉडर्न साधु - 2
अमन को अपने दोस्तों के साथ खेलना और उनके साथ स्कूल जाना अच्छा लगता था। अमन,विक्रम,अब्दुल और मीरा चारों अच्छी मित्रता थी। उस जगह के लोग भी एकता और भाईचारे के साथ रहना पसंद करते थे दूसरों के अच्छे पलो में उनके साथ हंसते और दुख में उनकी हिम्मत बन जाते। सब कुछ अच्छा चल रहा था फिर जब अमन पंद्रह साल का हुआ तब उसके पापा का तबादला किसी दूसरे शहर में हो गया वह इस बात से काफी दुखी था वह अपने दोस्तों और लोगों से दूर नहीं जाना चाहता था उसने अपने पापा से कहा.....क्या हमें ...और पढ़े
मॉडर्न साधु - 3
अगली सुबह अमन की मां उठ गई और कही जाने के लिए तैयार होने लगी वह अमन के कमरे ओर गई और दरवाजा खोलकर अमन को जगाने लगी।मां....अमन उठो बेटा आज हमें मंदिर जाना है।अमन.....आज हमें मंदिर जाना है?मां......हां उठो और जल्दी से तैयार हो जाओअमन जल्दी से तैयार हुआ और अपनी मां के साथ मंदिर की ओर चला गया वे दोनों आपस में बात करते हुए जा रहे थे।मां......तो अमन तुम्हारे स्कूल का पहला दिन कैसा था?अमन...... शुरू में तो में थोड़ा डरा हुआ था कुछ लड़कों ने मुझसे दोस्ती नहीं की और अपनी बेंच से भी हटने ...और पढ़े