(बैकग्राउंड में हल्की बारिश की आवाज़, धीरे-धीरे एक उदास पियानो म्यूजिक शुरू होता है) नरेटर (गहरी और शांत आवाज़): "इंसान की ज़िंदगी में कुछ लम्हे ऐसे आते हैं, जहाँ वो हार मान लेता है। उसे लगता है कि अब सब कुछ खत्म हो गया है। पर क्या आप जानते हैं कि वही हताशा, वही अकेलापन, कभी-कभी हमें ऐसी गलियों में ले जाता है जहाँ से वापसी का कोई रास्ता नहीं होता। आज हम एक ऐसे ही सफर की शुरुआत कर रहे हैं... कहानी बियर की।"
Full Novel
अनकहा जुनूँ - 1
(बैकग्राउंड में हल्की बारिश की आवाज़, धीरे-धीरे एक उदास पियानो म्यूजिक शुरू होता है)नरेटर (गहरी और शांत आवाज़): "इंसान ज़िंदगी में कुछ लम्हे ऐसे आते हैं, जहाँ वो हार मान लेता है। उसे लगता है कि अब सब कुछ खत्म हो गया है। पर क्या आप जानते हैं कि वही हताशा, वही अकेलापन, कभी-कभी हमें ऐसी गलियों में ले जाता है जहाँ से वापसी का कोई रास्ता नहीं होता। आज हम एक ऐसे ही सफर की शुरुआत कर रहे हैं... कहानी बियर की।"(साउंड: दरवाज़ा खुलने की आवाज, दुकान की घंटी बजती है)बियर: (थोड़ा थका हुआ) "फिर से वही... वही ...और पढ़े
अनकहा जुनूँ - 2
(भारी बारिश की आवाज़, जो धीमी होती है। फिर सन्नाटा। अचानक बियर के फोन की टोन बजती है—निकी की फोन की स्क्रीन पर निकी का नाम चमक रहा था। कल रात, बियर ने जो दुआ मांगी थी, वो हकीकत बनकर उसके सामने खड़ी थी। निकी की आवाज़ में वो ठंडी, अधिकार भरी गंभीरता अब भी थी—"तुम कहीं नहीं जाओगे। हम साथ रहेंगे। हमेशा के लिए।" बियर ने कांपते हाथों से फोन काट दिया, लेकिन उसका दिल जोर-जोर से धड़क रहा था। वो दुआ कुबूल तो हो गई थी, लेकिन उसने एक ऐसी डोर को खींच लिया था जिसे अब ...और पढ़े
अनकहा जुनूँ - 3
(साउंड: घड़ी की टिक-टिक की आवाज़, जो धीरे-धीरे दिल की धड़कन में बदल जाती है। बाहर बारिश की धीमी रात के चार बज रहे थे। बियर अपनी खिड़की के पास बैठा, बाहर उस साये को घूर रहा था जो घंटों से वहीं खड़ा था—निकी। वो बिल्कुल नहीं हिली थी। बियर की आँखों में थकान थी, पर डर ने उसे सोने नहीं दिया था। अचानक, निकी ने खिड़की की तरफ अपना हाथ बढ़ाया और कांच पर एक उंगली से कुछ लिखा। बियर ने गौर से देखा—उसने कांच पर अपना नाम नहीं, बल्कि बियर का नाम लिखा था, और उसके नीचे ...और पढ़े
अनकहा जुनूँ - 4
(तेज़ हवाओं का शोर, पुरानी हवेली या बंद घर की अजीब सी खड़खड़ाहट। बियर की तेज़ सांसें सुनाई दे हैं)नरेटर: निकी का घर... खाली? ये सच बियर के दिलो-दिमाग पर किसी हथौड़े की तरह लगा। वो निकी, जिसका स्पर्श उसे महसूस हुआ था, जिसकी आवाज़ उसने सुनी थी, वो एक मरे हुए इंसान की यादें थीं? या फिर उससे भी कुछ ज़्यादा डरावना? बियर ने कांपते हाथों से अपनी जेब से निकी की एक पुरानी तस्वीर निकाली, जो उसने कई साल पहले खींची थी। वो तस्वीर धुंधली थी, और अब... अब उसे लग रहा था कि तस्वीर में मौजूद ...और पढ़े
अनकहा जुनूँ - 5
(तेज़, धड़कते हुए दिल की आवाज़। रात की खामोशी और खिड़की के बाहर से आती हुई अजीब सी खरोंचने आवाज़)नरेटर: निकी के घर के खाली होने का सच बियर के लिए किसी वज्रपात जैसा था। जिस लड़की के साथ उसने पिछले तीन दिनों में कॉफी पी थी, जिसके साथ वह हंसा था, और जिसका स्पर्श उसे अभी भी अपनी बाहों में महसूस हो रहा था, वह हकीकत में सालों पहले मर चुकी थी? यह सवाल बियर की सोच को पूरी तरह झकझोर कर रख देने वाला था। वह अपने घर के कोने में दुबका बैठा था, जबकि उसकी अपनी ...और पढ़े
अनकहा जुनूँ - 6
(धड़कते हुए दिल की आवाज़ जो धीरे-धीरे एक भारी सन्नाटे में बदल जाती है। बियर के भारी सांस लेने आवाज़)नरेटर: बियर के कमरे का तापमान अचानक शून्य से नीचे गिर गया। उसने अपने शरीर पर अपनी उंगलियों को चलते हुए महसूस किया, लेकिन उन उंगलियों पर उसका कोई नियंत्रण नहीं था। वो निकी की उंगलियां थीं, जो अब बियर की त्वचा का इस्तेमाल करके अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही थीं। बियर की रूह अपने ही शरीर के अंदर एक कोने में सिमट गई थी, जैसे कोई कैदी अपनी कोठरी की खिड़की से बाहर की दुनिया को देख रहा हो। ...और पढ़े
अनकहा जुनूँ - 7
(घड़ी की सुई की टिक-टिक, धीरे-धीरे मद्धम होती हुई। कमरा पूरी तरह शांत, लेकिन एक अजीब सी भारीपन महसूस रहा है)नरेटर: खिलौना टूट चुका था, लेकिन घर के हर कोने में अभी भी निकी की मौजूदगी का एहसास बाकी था। बियर ने फर्श पर बिखरे खिलौने के टुकड़ों को अपनी आँखों से घूरा। वो टुकड़े मरे हुए नहीं लग रहे थे, बल्कि उनमें अभी भी एक अजीब सी धड़कन थी। बियर उठकर खड़ा हुआ। उसका शरीर कांप रहा था। उसने खिड़की की ओर देखा, बाहर अब उजाला होने वाला था, लेकिन वो अंधेरा जो उसके अंदर घर कर गया ...और पढ़े