खामोश मुलाकात "जिंदगी में कभी-कभी ऐसा मोड़ आता है जब कोई शख्स पहली नजर में ही दिल के तार छेड़ देता है। मेरे साथ भी आज कुछ वैसा ही हुआ। आज मैंने उसे देखा... उसके घर में मेरा पहला दिन था, और दिल की धड़कनें थोड़ी तेज़ थीं। वह बिल्कुल वैसा ही है जैसा मेरे ख्यालों में होता था—सांवला रंग, लंबा कद और एक गहरी खामोशी। लोग कहते हैं बोलना एक हुनर है, पर मुझे तो मनीष का यह 'कम बोलना' ही सबसे प्यारा लगा। एक दिलचस्प मंज़र तब हुआ जब वह आईने के सामने खड़ा अपने आप को निहार रहा था। उधर मनीष खुद को देख रहा था, और इधर रोशनी की नज़रें उस पर टिकी थीं। मेरे ज़ेहन में बस एक ही सवाल घूम रहा था—आखिर मैं उसे इतनी शिद्दत से क्यों देख रही हूँ? पर जवाब साफ़ था: वह मुझे पसंद आ गया है, सच में।
First Love - 1
खामोश मुलाकात"जिंदगी में कभी-कभी ऐसा मोड़ आता है जब कोई शख्स पहली नजर में ही दिल के तार छेड़ है। मेरे साथ भी आज कुछ वैसा ही हुआ। आज मैंने उसे देखा... उसके घर में मेरा पहला दिन था, और दिल की धड़कनें थोड़ी तेज़ थीं।वह बिल्कुल वैसा ही है जैसा मेरे ख्यालों में होता था—सांवला रंग, लंबा कद और एक गहरी खामोशी। लोग कहते हैं बोलना एक हुनर है, पर मुझे तो मनीष का यह 'कम बोलना' ही सबसे प्यारा लगा। एक दिलचस्प मंज़र तब हुआ जब वह आईने के सामने खड़ा अपने आप को निहार रहा था। ...और पढ़े