आचार्य गंधर्व ने करीब १९ साल के युवा राजकुमार के हाथ मे तलवार थमाते हुए अपने ऊपर प्रहार करने का आदेश दिया। वो युवा था यज्वपाल राजघराने का सदस्य, तनिष्क यज्वपाल जो सामने खड़े आचार्य के बार बार ललकारने के बावजूद अपनी जगह पर हाथ मे तलवार थामे कांपता हुआ खड़ा रहा।बगल में खड़े यज्वपाल राजघराने के दूसरे सदस्य जो कि शारिरिक बनावट और बल में तनिष्क से कई गुना बेहतर थे, तनिष्क को देखकर मन ही मन तरस खा रहे थे।
Rajkumar - 1
आचार्य गंधर्व ने करीब १९ साल के युवा राजकुमार के हाथ मे तलवार थमाते हुए अपने ऊपर प्रहार करने आदेश दिया। वो युवा था यज्वपाल राजघराने का सदस्य, तनिष्क यज्वपाल जो सामने खड़े आचार्य के बार बार ललकारने के बावजूद अपनी जगह पर हाथ मे तलवार थामे कांपता हुआ खड़ा रहा।बगल में खड़े यज्वपाल राजघराने के दूसरे सदस्य जो कि शारिरिक बनावट और बल में तनिष्क से कई गुना बेहतर थे, तनिष्क को देखकर मन ही मन तरस खा रहे थे।आचार्य गंधर्व ने तनिष्क की तरफ चिल्लाते हुए कहा, तनिष्क, तुम खुद तलवार नही चलाओगे तो अब मेरे प्रहार ...और पढ़े
Rajkumar - 2
विक्रम और टीना, कबीर के इस बदले हुए अंदाज़ को देखकर दंग रह गए। उनकी यादों में कबीर हमेशा और शांत रहने वाला लड़का था, जो खासकर विक्रम के सामने आते ही सहम जाता था। आखिर स्कूल में बड़े-बड़े पहलवान भी सिंघानिया खानदान के वारिस से पंगा लेने की हिम्मत नहीं करते थे।लेकिन अब, कबीर बिल्कुल अलग इंसान लग रहा था। उसकी आवाज़ में बेरुखी थी और उसकी आँखों में एक रहस्यमयी शांति।विक्रम ने कबीर की आँखों में अपने लिए तिरस्कार देखा, तो उसका खून खौल उठा। वह उपहास उड़ाते हुए बोला, "छह महीने बाद देख रहा हूँ तुझे, ...और पढ़े