वर्ष 4999 की बाद है, जब मानवता ने अपनी मानवता खो चुका था और मॉडर्न टेक्नोलॉजी की ताकत की नशे में चूर इंसानों ने खुद को भगवान से कमतर नही आक रहे थे और तभी इंसानों की हाथ लगा एक रहस्यमय ताक़त जिसको पा कर इंसानों ने खुद को भगवान ही समझने लगे। और उस ताक़त को हासिल करने के लिए इंसानों ने पूरी जाति को दांव पर लगा दिया। यह कहानी जब कलयुग चरम सीमा पर थी और इंसानों ने पूरे पृथ्वी पर हाहाकार हाहाकार मचा हुआ था और इंसान एक पर ही एटॉमिक बम से एक दूसरे पर ही हमला कर रहा था। उसी पल कुछ प्राइवेट आर्गेनाईजेशन को अंटार्टिका में कुछ रहस्यमय शाक्तियाँ के बारे पता चला और उस शाक्तियाँ को हासिल करने के लिए पूरी दुनियां प्राइवेट ऑर्गनाइजेशन अंटार्टिका में क़दम रखे और उस शाक्तियाँ को हासिल करने के लिए एक दूसरे के ग्रुप पर हमला करने लगा। इसी बीच किसी एक गुट के लोगो ने उस रहस्यमय ताक़त को अपने मुट्ठी में कर लिया और चिल्लाते हुए बोला "तुम लड़ना बंद करो और मुझे अपना स्वामी मान लो??"
नया युग - 1
वर्ष 4999 की बाद है, जब मानवता ने अपनी मानवता खो चुका था और मॉडर्न टेक्नोलॉजी की ताकत की में चूर इंसानों ने खुद को भगवान से कमतर नही आक रहे थे और तभी इंसानों की हाथ लगा एक रहस्यमय ताक़त जिसको पा कर इंसानों ने खुद को भगवान ही समझने लगे। और उस ताक़त को हासिल करने के लिए इंसानों ने पूरी जाति को दांव पर लगा दिया।यह कहानी जब कलयुग चरम सीमा पर थी और इंसानों ने पूरे पृथ्वी पर हाहाकार हाहाकार मचा हुआ था और इंसान एक पर ही एटॉमिक बम से एक दूसरे पर ही ...और पढ़े
नया युग - 2
जादुई भेड़ियाँ को हारने ने बाद रुद्र काफी थक चुका और घायल भी था। इसीलिए गाँव जाने से पहले कुछ देर आराम करना चाहता था।कुछ घंटे के बाद रुद्र वपास गांव आते ही गांव का मुखियाँ से मिलने चला गया और जादुई भेड़ियाँ और अपने बीच हुआ लड़ाई के बारे में बता हुआ अपने इनाम का 500 सोने के सिक्के ले लेता।रुद्र काफी भोला था, इसीलिए उस खूंखार जादुई से लड़ने के लिए 500 सोने के सिक्के में मान गया। असलियत में जादुई भेड़ियाँ B grade लेवल का जानवर था, जो काफी ज्यादा ताकतवर था। भला रुद्र ये सब ...और पढ़े