राधा का बचपन किसी धुंधली सुबह जैसा था, जहाँ रोशनी तो थी पर गर्माहट नहीं। सात भाई-बहनों के उस बड़े और गरीब परिवार में राधा तीसरे नंबर पर थी। उसका बचपन खेल-कूद में नहीं, बल्कि चूल्हे की आग और घर के कामों में बीता। राधा बाकी बहनों से अलग थी—शांत और सहमी हुई। उसके हाथ में हमेशा एक पुराना सा तावीज़ बंधा रहता, जो उसकी माँ ने उसे "उन सायों" से बचाने के लिए पहनाया था जो राधा के बचपन से ही उसके इर्द-गिर्द मंडराते रहते थे। राधा को हमेशा लगता कि कोई अदृश्य दुख उसका पीछा कर रहा है।
एक अधूरी मां - 1
राधा का बचपन किसी धुंधली सुबह जैसा था, जहाँ रोशनी तो थी पर गर्माहट नहीं। सात भाई-बहनों के उस और गरीब परिवार में राधा तीसरे नंबर पर थी। उसका बचपन खेल-कूद में नहीं, बल्कि चूल्हे की आग और घर के कामों में बीता। राधा बाकी बहनों से अलग थी—शांत और सहमी हुई। उसके हाथ में हमेशा एक पुराना सा तावीज़ बंधा रहता, जो उसकी माँ ने उसे "उन सायों" से बचाने के लिए पहनाया था जो राधा के बचपन से ही उसके इर्द-गिर्द मंडराते रहते थे। राधा को हमेशा लगता कि कोई अदृश्य दुख उसका पीछा कर रहा है।जब ...और पढ़े
एक अधूरी मां - 2
संघर्ष और ममता की परीक्षाराधा की ज़िंदगी अब एक नए मोड़ पर थी। सूरज ने अपनी पिछली पत्नियों के से राधा को बचाने के लिए ज़मीन-आसमान एक कर दिया। वह राधा को कई मंदिरों में ले गया, झाड़-फूँक करवाई और ढेरों मन्नतें माँगी। सूरज अब राधा को अपनी पत्नी के रूप में अपनाने लगा था क्योंकि वह चाहता था कि उसका घर-संसार फिर से खुशियों से भर जाए। धीरे-धीरे वे साये कम होने लगे, मानो किसी शक्ति ने उन्हें बांध दिया हो। घर में कुछ समय के लिए सुख-शांति लौट आई।शादी के कुछ साल बीतने के बाद, राधा की ...और पढ़े
एक अधूरी मां - 3
ममता की बँटती राहेंसमय अपनी गति से चलता रहा, पर राधा के घर की हवाएँ अभी भी भारी थीं। के बेटे, 'आर्यन' के आने से घर में रौनक तो आई, पर साथ ही दूरियाँ भी बढ़ गईं। सूरज के चार पुराने बच्चे—जो अब किशोर (teenagers) हो रहे थे—उनके मन में यह बात घर कर गई थी कि अब इस घर में उनका हक कम हो गया है।राधा का पूरा दिन छोटे आर्यन की देखभाल में बीतता। कभी उसकी मालिश, कभी उसे लोरी सुनाना, तो कभी उसकी छोटी-छोटी बीमारियों की चिंता। सूरज जब काम से आता, तो उसकी नज़रें सबसे ...और पढ़े
एक अधूरी मां - 4
नियति का क्रूर प्रहारसमय के साथ घर का माहौल थोड़ा शांत हुआ था। सूरज और राधा के बीच के कम होने लगे थे। सूरज ने महसूस किया कि राधा न केवल उसके बच्चों को संभाल रही है, बल्कि घर को भी एक सूत्र में बांधे हुए है। इसी शांति के बीच सूरज ने एक बार फिर इच्छा जताई, "राधा, आर्यन को एक छोटा भाई या बहन मिलना चाहिए। हमारा परिवार और भी खुशहाल हो जाएगा।"राधा डरी हुई थी, पर सूरज के बदलते व्यवहार और प्यार ने उसे हिम्मत दी। कुछ समय बाद, राधा की गोद में एक और नन्हा ...और पढ़े