किस्मत का ‘विसर्जन’ और वह अनोखा मेहमान मकान का हाल: बरेली की सबसे तंग गली बरेली के एक पुराने इलाके में, जहाँ गलियाँ इतनी तंग हैं कि दो साइकिलें साथ निकल जाएँ तो जगह कम पड़ जाए, वहीं एक छोटा सा मकान है। इस मकान की दीवारों का रंग कब का उड़ चुका है, और बारिश के दिनों में यहाँ से प्लास्टर ऐसे झड़ता है जैसे किसी बूढ़े आदमी की खाल। घर के एक कोने में एक टॉयलेट है, जिस पर दरवाज़ा लगाने के पैसे नहीं थे, इसलिए एक पुरानी बोरी का पर्दा टांगा गया है। यही टॉयलेट घर का सबसे बड़ा “दुश्मन” है, क्योंकि इसकी बदबू पूरे मोहल्ले में बित्तो के परिवार का पता बता देती है।
Potty Robbers and Me - 1
एपिसोड 1: किस्मत का ‘विसर्जन’ और वह अनोखा मेहमानमकान का हाल: बरेली की सबसे तंग गलीबरेली के एक पुराने में, जहाँ गलियाँ इतनी तंग हैं कि दो साइकिलें साथ निकल जाएँ तो जगह कम पड़ जाए, वहीं एक छोटा सा मकान है।इस मकान की दीवारों का रंग कब का उड़ चुका है, और बारिश के दिनों में यहाँ से प्लास्टर ऐसे झड़ता है जैसे किसी बूढ़े आदमी की खाल।घर के एक कोने में एक टॉयलेट है, जिस पर दरवाज़ा लगाने के पैसे नहीं थे, इसलिए एक पुरानी बोरी का पर्दा टांगा गया है।यही टॉयलेट घर का सबसे बड़ा “दुश्मन” ...और पढ़े
Potty Robbers and Me - 2
एपिसोड 2: सोने की खेती और शाही दावत---सीन 1: गली का माहौल – चुगलियों का बाज़ारबाहर गली में कर्फ्यू माहौल था…लेकिन सन्नाटा नहीं।हर घर की खिड़की से एक-एक गर्दन बाहर लटकी हुई थी।मोहल्ले की “CCTV आंटी” (मिश्राइन) अपने छज्जे से नाली को ऐसे घूर रही थींजैसे वहाँ से मछली नहीं…बल्कि खुद कुबेर भगवान प्रकट होने वाले हों।फुसफुसाहट शुरू—मिश्राइन (धीरे से):“अरे शर्मा जी की बहू, देखा तुमने? सावित्री ने नाली में बोरी क्यों लगाई थी? कहीं सारा सोना तो नहीं समेट लिया?”शर्मा की बहू:“हाय राम! हम तो कचरा समझकर बैठे रहे और वो लॉटरी मार गई? कल देखना, नए झुमके ...और पढ़े