एक एंकर अपनी न्यूज़ रूम में चिल्ला चिल्लाकर लोगों को एक जानकारी दे रही थी।"लोगों को भी सचेत रहना चाहिए, अगर सच्चाई सामने नहीं आती तो किसी बेगुनाह को जिंदगी भर सलाखों के पीछे सडते रहना पडता और इसका जवाब कौन देता। उन पर झूठा आरोप लगाने वाली उस पागल लड़की की दिमागी हालत को देखते हुए अदालत ने उसे मेंटल एसाइलम भेज कर अच्छी ट्रीटमेंट देना का फैसला सुनाया है। और अस्पताल को यह चेतावनी दी है कि इस लड़की से ज्यादा से ज्यादा दूरी रहे, क्योंकि वह काफी खतरनाक बीमारी से ग्रसित है।
Full Novel
Monalisa Smile - 1
मोनालिसा स्माईल.By Sanjay Kamble.एक एंकर अपनी न्यूज़ रूम में चिल्ला चिल्लाकर लोगों को एक जानकारी दे रही थी। लोगों भी सचेत रहना चाहिए, अगर सच्चाई सामने नहीं आती तो किसी बेगुनाह को जिंदगी भर सलाखों के पीछे सडते रहना पडता और इसका जवाब कौन देता। उन पर झूठा आरोप लगाने वाली उस पागल लड़की की दिमागी हालत को देखते हुए अदालत ने उसे मेंटल एसाइलम भेज कर अच्छी ट्रीटमेंट देना का फैसला सुनाया है। और अस्पताल को यह चेतावनी दी है कि इस लड़की से ज्यादा से ज्यादा दूरी रहे, क्योंकि वह काफी खतरनाक बीमारी से ग्रसित है। जो किसी ...और पढ़े
Monalisa Smile - 2
Monalisa smile part 2रात का सन्नाटा पूरे मानसिक अस्पताल पर गहरा चुका था। बारिश की तेज़ बौछारें खिड़कियों से डरावनी ध्वनि पैदा कर रही थीं, और हर कुछ मिनटों में कड़कती बिजली की सफेद चमक, गलियारों की परछाइयों को अस्थिर कर रही थी।सुनीता, अस्पताल की नाइट शिफ्ट कर्मचारी, अपने रूटीन चक्कर पर थी। अंधेरे गलियारों में जलती-मिटती ट्यूबलाइट की झपकती रोशनी माहौल को और भी भयावह बना रही थी। कुछ मरीज गहरी नींद में थे, तो कुछ बड़बड़ाते हुए अपने बिस्तरों पर बैठे झूल रहे थे। दूर किसी कोने में एक बूढ़ी महिला धीमी आवाज़ में कुछ मंत्र बुदबुदा ...और पढ़े
Monalisa Smile - 3
दोनों पुरुष कर्मचारियों ने एक-दूसरे की ओर कुटिल मुस्कान से देखा और मोनालिसा की पर नजर डाली।''आज तो मजा बाहर खडी सुनीता से कहा।" चलो , तुम जाओ हम बाकी का काम संभाल लेंगे "सुनीता भी रुकना नहीं चाहती थी बगैर पीछे मुड़े वह अपने कमरे की तरफ चलने लगी। बाहर तेज होती बारिश और बिजली की चमक दिल में खौफ पैदा कर रही थी। सन्नाटे में डूबे उस मेंटल एसाइलम में किसी मरीज के चिखने की आवाज से वह एकदम से डर जाती। तेजी से कदम बढ़ाते हुए वह अपने कमरे में दाखिल हुई और दरवाजा बंद कर ...और पढ़े
Monalisa Smile - 4
Part 4पहला कर्मचारी तेज कदमों से मोनालिसा के कमरे की तरफ चलने लगा। उसके दिमाग में शैतानी ख्यालों ने कर लिया था। पर यह पहली बार नहीं थाऐ इससे पहले भी वह ऐसे ही कोई महिलाओं को और लड़कियों को अपनी हवस का शिकार बना चुके थे। जिंदा तो जिंदा, पर महिलाओं की लाशों के साथ भी वह लोग घिलौना कृत्य करने में जरा भी नहीं हिचकीचाते थे। मोनालिसा के कमरे के पास पहुंचा और दरवाजे पर लगा लॉक निकाला। कमरे के भीतर दाखिल हुआ तो सुनिता जमीन पर लहुलुहान हालत में पड़ी थी.... उसने बेड पर नजर ...और पढ़े
Monalisa Smile - 5
वह घबराते हुए उठा और स्टोर रूम के दरवाजे की ओर देखा। वह अब आधा खुला था।"ये… ये कैसे सकता है?"उसका दिमाग जैसे सुन्न पड़ गया। खुले दरवाजे से धीरे से भीतर दाखिल हुआ। कमरे के भीतर लाइट नहीं थी। उसने अपना मोबाइल निकाला और टॉर्च शुरू की।" रमेश , कहां है तू.."अपने दोस्त को आवाज लगाते हुए वह एक एक कदम आगे बढ़ने लगा। पूरा स्टोर रूम देख लिया, अब वह स्टोअर रूम के आखिरी छोर तक पहुंच गया था। पर उसका दोस्त कहीं नहीं था तभी उसके कानों पर दरवाजा खुलने की आवाज आई। उसने पीछे मुड़कर ...और पढ़े
Monalisa Smile - Last Part
रह-रहकर उसका शरीर सिहर उठता। तभी झट से दरवाजा खोल कर उसका दोस्त रमेश भीतर दाखिल हुआ और उसे गुस्से से चिल्लाते हुए बोला।"क्यों बे साले मोनालिसा कहां है ? अकेले-अकेले मजा लूटना चाहता है ? तेरी सारी हरकत में डॉक्टर साहब को बता दूंगा। नौकरी चली जाएगी, देख ले।"अजय को सामने देख वो खुशी के मारे पागल हो गया।"अजय तू जिंदा है ? "" जिंदा हूं का क्या मतलब ? मुझे क्या हुआ है ?"" मैं... मैंने अभी-अभी तुझे पोस्टमार्टम रूम में टेबल पर सफेद कपड़े में देखा था।'''' मतलब तूने शराब भी अकेली ही पी ली।"'' नहीं ...और पढ़े