'नक्षत्र यात्री: हिमालय की कलाकृति' (सम्पूर्ण कहानी)अध्याय 1: एक साहसी पुरातत्ववेत्ता Pl l एक प्राचीन, भूरे पत्थर का मुहाना था—भगवान शिव से जुड़ी एक रहस्यमय कलाकृति को ढूंढने का पहला कदम। गुफा का प्रवेश द्वार संकरा था। जैसे ही उसने पहला कदम भीतर रखा, गुफा के अंदर एक अजीब, तेज़ गूँज उठने लगी। यह गूँज इतनी तीव्र थी कि सिर में दर्द होने लगा, और ऐसा लगा जैसे गुफा उसे भीतर जाने से मना कर रही हो। गुफा की दीवार पर प्राकृत भाषा में एक शिलालेख दिखा, जिसे माया ने तुरंत पढ़ लिया: "शांत रहो, यात्री। जब मन स्थिर होगा, तब ही मार्ग खुलेगा।"
नक्षत्र यात्री - 1
'नक्षत्र यात्री: हिमालय की कलाकृति' (सम्पूर्ण कहानी)अध्याय 1: एक साहसी पुरातत्ववेत्ता एक प्राचीन, भूरे पत्थर का मुहाना था—भगवान शिव जुड़ी एक रहस्यमय कलाकृति को ढूंढने का पहला कदम।गुफा का प्रवेश द्वार संकरा था। जैसे ही उसने पहला कदम भीतर रखा, गुफा के अंदर एक अजीब, तेज़ गूँज उठने लगी। यह गूँज इतनी तीव्र थी कि सिर में दर्द होने लगा, और ऐसा लगा जैसे गुफा उसे भीतर जाने से मना कर रही हो।गुफा की दीवार पर प्राकृत भाषा में एक शिलालेख दिखा, जिसे माया ने तुरंत पढ़ लिया: शांत रहो, यात्री। जब मन ...और पढ़े