इस कहानी के सभी पात्र काल्पनिक है इसका किसी जीवित, जंतु, मानव संसाधन से कोई लेना देना नही है अगर ऐसा होता है तो ये मात्र एक सयोग होगा ,,, जय हिन्द, इस कहानी को लिखने का उद्देश्य किसी को ठेस पहुंचाना नहीं है ,, मात्र एक संदेश देना है,, । हर किसी को अपने देश अपने राष्ट्र से प्रेम होता है ,हमे भी भारत हिन्दू राष्ट्र से ,,, आज की जो कहानी है वो दो दोस्तो की कहानी है ,, जो भारत देश के अन्दर चल रहे जेहादी सोच को खत्म करने के लिए पड़ोसी देश पाकिस्तान जाते है ,,,,उनका उद्देश पाकिस्तान में बैठे उन आकाओं के मनसूबे को खत्म करना है जो भारत में , ऑनलाइन लव जेहाद और आतंकवादी सोच को बढ़ावा दे रहे है |
रॉ एजेंट सीजन 1 - 1
इस कहानी के सभी पात्र काल्पनिक है इसका किसी जीवित, जंतु, मानव संसाधन से कोई लेना देना नही है ऐसा होता है तो ये मात्र एक सयोग होगा ,,, जय हिन्द, इस कहानी को लिखने का उद्देश्य किसी को ठेस पहुंचाना नहीं है ,, मात्र एक संदेश देना है,, । हर किसी को अपने देश अपने राष्ट्र से प्रेम होता है ,हमे भी भारत हिन्दू राष्ट्र से ,,, आज की जो कहानी है वो दो दोस्तो की कहानी है ,, जो भारत देश के अन्दर चल रहे जेहादी सोच को खत्म करने के लिए पड़ोसी देश पाकिस्तान जाते है ...और पढ़े
रॉ एजेंट सीजन 1 - 2
थाने के अन्दर लड़की और उसके मां बाप दोनों बैठे है ,पास में ही अजय सिंह तोमर बैठा है सामने एक पोलिस ऑफिसर खड़ा है जिसके हाथ में एक पिस्टल है जो की अजय सिंह तोमर की है ,,, पोलिस ऑफिसर ___ हा तो आपके पास इसका लाइसेंस नहीं है ,,मतलब है वो भी घर पर ,,, तभी अजय सिंह तोमर का फोन बज जाता है वो खड़ा हो कर फोन पर बाते करने लगता है ,,,फिर कुछ बाते करने के बाद वो फोन को पोलिस ऑफिसर की तरफ करता हुआ ,,,, एक मिनट सर आप से बात करना ...और पढ़े
रॉ एजेंट सीजन 1 - 3
तोमर हाउससुबह के समयसुबह का समय है , अजय सिंह अपने घर ले बाहर गाड़ी लगा कर घर के पर जाता और बेल बजाता है , दरवाजा एक नोकरानी खोलती है ,,जेसे ही वो अन्दर जाता है उसकी मां की नजर अजय सिंह पर पड़ती है ,,,,अजय सिंह अपनी मां के पैर छूकर आशीर्वाद लेता है ।मां ____खुश रहो,,, मां भवानी का आशीर्वाद बना रहे ,,,,बैग एक तरफ रख देता नौकरानी बैग उठा कर उसके कमरे में चली जाती है ,,,।मां ____ क्या बात है इतनी सुबह सुबह,???अजय सिंह ___हा मां सुबह सुबह,,मां ____बिना फोन कॉल किए तू अचानक ...और पढ़े
रॉ एजेंट सीजन 1 - 4
सारा दिन आराम करने के बाद शाम होते ही अजय सिंह अपने दोस्त विजय डोभाल से मिलने के लिए पड़ा,,।इंद्र लोक पबशाम का समयअजय सिंह ने गाड़ी पार्किंग में लगा दी और सीधा पब के अंदर गया वहा पर बहुत सारी लड़किया थी ,सभी युवा शराब के साथ साथ सबाब के मजे ले रहे थे , अजय सिंह की नजर विजय को ढूंढ रही थीं,आखिर में उसको दिखाई दे गया ,वो ऊपर वाले फ्लोर पर था उसके आस पास चार लड़किया बैठी है सामने टेबल पर बोतल रखी है ।अजय सिंह को अपने सामने देखते ही विजय खड़ा हो ...और पढ़े
रॉ एजेंट सीजन 1 - 5
जगह ___ pokजाली दस्तावेज बना कर अजय सिंह और विजय डोभाल दोनों pok पहुंच गए , नकली नाम नकली नकली नागरिकता प्राप्त करने के बाद दोनो अब पाकिस्तान के pok में आराम कर रहे है दोनो का भेष भी पाकिस्तानी जेसा है ।अजय सिंह ____क्यू ना कुछ खा लिया जाए ।विजय ___ हा ,, भूख तो बहुत लगी है , मेरा मन तो फ्लाइट में भी बहुत कर रहा था । ,,लेकिन ये बता यहां तो सब लोग पता नही कोन कोन सा गोस खाते है हमे केसे पता चलेगा कि कोन सा चिकन मटन खिला रहे है ,, ...और पढ़े
रॉ एजेंट सीजन 1 - 6
नूर ए जन्नत फॉर्म हाउस कराची नूर जहां ___ हा तो आपके घर में कोन कोन है ,आपके अब्बू करते है ??अजय सिंह ( जावेद उस्मानी)____ जी वो खेती करते है घर में अम्मी है और दो बहने है ।नूर जहां ___तो यहां केसे आना हुआ ??अजय सिंह (जावेद उस्मानी) ____जी काम की तलाश में pok से यहां तक आ गए ,,आप तो जानते ही हो pok में क्या हालात है कोई काम नहीं पहले कभी कभी जम्मू चले जाते लेकिन अब तो वहा भी नही जा सकते जब से 370 हटा है ,,,, अजी भारत ने बहुत गलत ...और पढ़े
रॉ एजेंट सीजन 1 - 7
प्यार का पहला संकेतअजय सिंह और विजय डोभाल दोनों अपने रुम से चल कर नूर जहां के रूम में जाते है ,। फातिमा अन्दर जाति है और दोनो के आने की खबर नूर जहां को देती है ,उसके बाद दोनो अंदर जाते है ।जैसे ही दोनो के कदम अन्दर पड़ते है ,। अन्दर का नजारा देखते ही दोनो पागल हो जाते है ,बहुत सुंदर कमरा था चारो तरफ तरह तरह की लाइट से चमक रहा था ,।आलीशान महल जैसा लग रहा था , बड़े बड़े गद्दे थे और एक बड़ी सी LED टीवी लगी हुई थी , ईत्र की ...और पढ़े
रॉ एजेंट सीजन 1 - 8
अब्बू कासिम ___ देहली से कोई खबर नहीं आई अभी तक ,तुम तो बोल रहे थे की हमारे एजेंट के सांसद भवन और भारतीय हेड क्वार्टर से खबर जल्दी ही भेजेंगे,,,और ना ही तुम्हारे बनाए गए जमात के लोगो की कोई खबर आ रही ,,,वो कर क्या रहे भारत में ।भतीजा ____ चाचा जान भारत के सांसद भवन में और आर्मी हेड क्वार्टर में अभी तक हमारा एक भी एजेंट अपनी जगह नही बना पाया ,, वहा पहुंचाना बहुत कठिन हो रहा है ,,,,और रही बात जमात की तो हमारे आदमी अपने अपने काम में लगे हुए है ,,दिल्ली ...और पढ़े
रॉ एजेंट सीजन 1 - 9
सुबह का समय था अजय सिंह और विजय डोभाल दोनों इंतजार कर रहे थे ,तभी अन्दर एक महिला आती उसके पैरो को आवाज सुन कर दोनो खड़े हो जाते है ।महिला ___ चलिए आपको मैडम ने भुलाया है ,दोनो एक दूसरे के मुंह की तरफ देखते है और उस के पीछे पीछे चल देते है ,अजय सिंह (धीरे से) आज शाम को केसे भी करके हमे यहा से बाहर जाना है और सरदार भूपसिंह से मिलना है ।विजय ढोभल ___शाम तो अभी दूर है ,उससे पहले यहां के नाटक तो देख ले , देखे आगे क्या होता है ,, ...और पढ़े
रॉ एजेंट सीजन 1 - 10
शाम का समय होता है अजय सिंह और विजय डोभाल दोनों अपनी ड्यूटी खत्म करके अपने रूम में कपड़े रहे होते है ,कुछ समय बाद दोनो फ्रेश हो गए ।अजय सिंह ____ तो चले जनाब।विजय ढोभल ____ नहीं यार मेरा मन नही ,एक काम करो तुम ही चले जाओ आज मैं थक गया हु थोड़ा आराम करना चाहता हु , ओर वैसे भी एक को तो यहां भी होना चाहिए पता नही कब क्या खबर हाथ लग जाए ।अजय सिंह ____ठीक है फिर तू आराम कर मैं चलता हू ,,और हा मेरे जाने के बाद कही उस नवीदा के ...और पढ़े
रॉ एजेंट सीजन 1 - 11
उधर विजय जुनेदा के साथ मस्ती कर रहा था , पास में कई बीयर की बोतल और अन्य खाने सामान रखा था ,तभी अचानक अजय सिंह वहा आ जाता है अजय सिंह देखता है की विजय अपना सर जुनेदा की गोद में रखे हुए था अजय सिंह को देख कर विजय उठ बैठ जाता है जुनेदा शर्म से पानी पानी हो जाती है और अपने कपड़े जल्दी से अपने बदन पर रख लेती है । ओर वहा से जल्दी से बाहर निकल जाती है ।अजय सिंह ____ये सब क्या है ??? मैंने मना किया था नाविजय ____मैन कुछ नही ...और पढ़े
रॉ एजेंट सीजन 1 - 12
पीएमओ ऑफिसअंदर ऑफिस में तीन आदमी बैठे है जिस में खुद पीएम साहब और रक्षा मंत्री और खबर लेकर बुजुर्ग,,तभी बुजुर्ग पानी पीने के बाद अपने जेब से कुछ लिफाफे निकाल कर देता है ।पीएम साहब ___ आपको आने में कोई समस्या तो नही हुई ना,,बुजुर्ग व्यक्ति ____नही सर,,कोई दिक्कत नही हुई लेकिन आपकी सुरक्षा बहुत अच्छी लगी मुझे ,,रक्षा मंत्री जी ____ ये लिफाफा तो ???बुजुर्ग व्यक्ति ____हा,,आप सही समझ रहे हैजब रक्षा मंत्री जी ने लिफाफा खोला और उसको पढ़ने लगे तो एक लंबी लकीर उनके माथे पर साफ नजर आने लगी ।पीएम साहब ____क्या हुआ ,,हमारे ...और पढ़े
रॉ एजेंट सीजन 1 - 13
Raw एजेंसी हेड ऑफिस के गेट पर तीन लोग ड्यूटी दे रहे है , जिस में एक पुराना गार्ड और बाकी के दो नए रंगरूट है ,आज उनका पहला दिन है तीनो की ड्रेस ब्लैक कलर की है तीनो के पास अपने अपने वप्पन है ।आपको तो पता ही है जब कोई अंजान जगह पर एक ही तरह की नौकरी या जॉब करने जाते है या सफर करते है तो एक दूसरे के बारे में बाते करते है ,, । इन तीनो में जो पुराना है उसका नाम हमीद अंसारी है जो यूपी शहर का रहने वाला उसको यहां ...और पढ़े
रॉ एजेंट सीजन 1 - 14
शुक्रवार का दिन था , तीनो गार्ड अपनी अपनी जगह पर तैनात थे , हमीद अंसारी धीरे कदमों से कर उन दोनो के पास आकर खड़ा हो जाता है ,,हामिद अंसारी ____जनाब आज शुक्रवार है वो आज पक्का आएगा ,,और वैसे भी उसके आने का समय हो गया है ,,पहला आदमी _____ एक काम करो ,, तुम ही बात करना ,,वो क्या है की हमे वो जानता नही है ना इस लिएदूसरा आदमी ____नही नहीं,, ऐसा नहीं करना ,,तुम एक काम करना तुम उससे मेरी मुलाकात करवाना बस ,और तुम जायदा मत बोलना ,बाकी मैं संभाल लूंगा,,।हामिद अंसारी _____जैसा ...और पढ़े
रॉ एजेंट सीजन 1 - 15
हाफिज ___मैं सही बोला ना ये आदमी हमारे काम का है आप तो खामा खा परेशान हो रहे थे तो बताओ कितना पैसा है तुम्हारे पास ??पहला आदमी ___ एक मिनट हाफिज,,पहले ये यकीन तो कंप्लीट हो जायेगी की ये हमारी सूचना के लिए सही आदमी है या नही ,,तो बताओ अब कितनी रकम दे सकते हो तुम ,,थेलेवाला ____ सर वो तो ये जानना जरूरी है की कितनी मेहतपूर्ण सूचना है आपकी ,,अगर काम की हुई तो रकम भी भी बड़ी मिलेगी आपको ,, आप ख़बर बताओदूसरा आदमी ___तो सुनो,, हमारी डिमांड है तीन सौ करोड़ वो भी ...और पढ़े
रॉ एजेंट सीजन 1 - 16
रक्षा मंत्रालयएक बंद कमरे में कई लोग खड़े है जिन में दो युवक है और उनके सामने कुर्सी पर आदमी बैठे है ।रक्षा मंत्री _____ आपने जैसा कहा हो गया ,,इन दोनो ने पता लगा लिया ,हमारे बीच से ही कोई हमारे देश की महतपूर्ण सूचनाएं पाकिस्तानी एजेंट को देने की कोशिश में था ,,और वो एजेंट भी अब जाल में फस गया है और ये सब हुआ हमारे इन दो बहादुर ऑफिसर की वजह से ।आपकी जानकारी के लिए बता देता हु जो गेट पर ड्यूटी दे रहे थे वो दोनो ...और पढ़े
रॉ एजेंट सीजन 1 - 17
अब्बू कासिम _ देहली से कोई खबर नहीं आई अभी तक ,तुम तो बोल रहे थे की हमारे एजेंट के सांसद भवन और भारतीय हेड क्वार्टर से खबर जल्दी ही भेजेंगे,,,और ना ही तुम्हारे बनाए गए जमात के लोगो की कोई खबर आ रही ,,,वो कर क्या रहे भारत में ।भतीजा ____ चाचा जान भारत के सांसद भवन में और आर्मी हेड क्वार्टर में अभी तक हमारा एक भी एजेंट अपनी जगह नही बना पाया ,, वहा पहुंचाना बहुत कठिन हो रहा है ,,,,और रही बात जमात की तो हमारे आदमी अपने अपने काम में लगे हुए है ,,दिल्ली ...और पढ़े
रॉ एजेंट सीजन 1 - 18
सुबह का समय था अजय सिंह और विजय डोभाल दोनों इंतजार कर रहे थे ,तभी अन्दर एक महिला आती उसके पैरो को आवाज सुन कर दोनो खड़े हो जाते है ।महिला ___ चलिए आपको मैडम ने भुलाया है ,दोनो एक दूसरे के मुंह की तरफ देखते है और उस के पीछे पीछे चल देते है ,अजय सिंह (धीरे से) ___आज शाम को केसे भी करके हमे यहा से बाहर जाना है और सरदार भूपसिंह से मिलना है ।विजय ढोभल ___शाम तो अभी दूर है ,उससे पहले यहां के नाटक तो देख ले , देखे आगे क्या होता है ,, ...और पढ़े
रॉ एजेंट सीजन 1 - 19
शाम का समय होता है अजय सिंह और विजय डोभाल दोनों अपनी ड्यूटी खत्म करके अपने रूम में कपड़े रहे होते है ,कुछ समय बाद दोनो फ्रेश हो गए ।अजय सिंह ____ तो चले जनाब।विजय ढोभल ____ नहीं यार मेरा मन नही ,एक काम करो तुम ही चले जाओ आज मैं थक गया हु थोड़ा आराम करना चाहता हु , ओर वैसे भी एक को तो यहां भी होना चाहिए पता नही कब क्या खबर हाथ लग जाए ।अजय सिंह ____ठीक है फिर तू आराम कर मैं चलता हू ,,और हा मेरे जाने के बाद कही उस नवीदा के ...और पढ़े
रॉ एजेंट सीजन 1 - 20
अविनाश मेहरा और दिग्विजय चौटाला दोनो अपनी ड्यूटी पर जाने के लिए तैयार हो रहे थे , अविनाश मेहरा फोन पर एक नोटिफिकेशन आया ,,उसने उसको ओपन करके देखा ,तो उसकी आंखे उस ख़बर को देखती ही रही ,,,।दिग्विजय,,, देख क्या ख़बर आ रही है ,, लगता है ठोकने का काम शुरू भी हो गया है और एक हम है की इंतजार कर रहे है ।दिग्विजय चौटाला ____हुआ क्या ,,, कोन ढोक रहा है ,,दिखा ।दोनो मोबाइल पर न्यूज देखने लगते है ,,,, आज किसी अनजान आदमी ने मुंबई हमले के मास्टर माइंड रह चुका , हाफिज मोहम्मद अली ...और पढ़े
रॉ एजेंट सीजन 1 - 21
रशीद मसूद ____ भाई जान Dell कर रहा हु ,कोई धोखा नहीं ,, पैसे तो मैंने दो दिन पहले मागा लिए थे ,,, ( अपने छोटे भाई को इशारा करते हुए ) बस इंतजार था आपकी खबर का ,, हमारे काम में देरी नही होती पैसे की , फंडिंग बहुत मिलती है ख़बर पक्की और सही है तो आगे भी हमारा रिश्ता बना रहेगा ,,,।तभी हामिद मसूद पैसे के भरे चार बैंग लेकर आता है और एक एक करके ओपन कर देता है इतने सारे पैसे देख कर हाफिज के मुंह में पानी आ जाता है और बैंग में ...और पढ़े
रॉ एजेंट सीजन 1 - 22
हाफिज ___(काम ना बनते देख) ये क्या कर रहे हो पगल हो गए हो क्या ,,पैसे मिल गए ना चलो,, रशीद भाई जान पिस्टल नीचे करो,,हाफिज को इस तरह बोलते देख अविनाश मेहरा और दिग्विजय चौटाला एक दूसरे के मुंह की तरफ देखते है ,,।अविनाश मेहरा ____ एक बात तो पक्की हो गई ,, ये ख़बर भारत देश की है और pok जो की एक विवादित एरिया है तो पक्का ये ख़बर आतंकवादी संगठन के मुखिया, हाफिज सईद तक जरूर पहुंचेगी, और तुम हाफिज सईद आतंकवादी संगठन जो की मुंबई बम ब्लास्ट का मास्टर माइंड था उसके लिए काम ...और पढ़े
रॉ एजेंट सीजन 1 - 23
कमरे में हल्की-सी पीली रोशनी जल रही थी।दीवारों पर पुराने पोस्टर टंगे थे और खिड़की के बाहर अंधेरे में मवेशियों की घंटियों की आवाज़ सुनाई दे रही थी।कमरे में एक कोने में बैठा विजय बोतल से शराब का घूंट भरता है और सामने चारपाई पर बैठे अजय सिंह को घूरता है।विजय ने लंबी सांस ली।विजय –"आज यहां आए हमें पूरा एक महीना हो गया अजय…सच कहूं तो तूने मुझे ऐश-आराम की जिंदगी से उठाकर यहां चपरासी बना दिया है।"वो खिड़की की तरफ देखता है।"चारों तरफ बस भैंस… गाय… ऊंट… और उनके गोश्त की बदबू।यार… कैसी लाइफ बना दी है ...और पढ़े
रॉ एजेंट सीजन 1 - 24
कमरे में गूंजती हंसी धीरे-धीरे अंधेरे में खो गई।विजय बोतल मेज़ पर रखते हुए हंस पड़ा।विजय –"हा क्यों नहीं… एक और टीवी चैनलों के लिए सनसनीखेज खबर तैयार करते हैं।वैसे भी भारत में इन खबरों से बाजार बड़ा गर्म रहता है।"अजय सिंह ने हल्की मुस्कान के साथ अपना बैग उठाया।दोनों ने एक-दूसरे की तरफ देखा… और बिना कुछ बोले दरवाज़ा खोलकर बाहर निकल गए।रात की ठंडी हवा चल रही थी…और अंधेरे में दो परछाइयां चुपचाप गायब हो गईं।दो दिन बादभारत के एक बड़े न्यूज़ चैनल पर तेज़ संगीत के साथ ब्रेकिंग न्यूज़ चल रही थी।न्यूज़ एंकर (गंभीर आवाज़ में) ...और पढ़े
रॉ एजेंट सीजन 1 - 25
कमरे में हल्की रोशनी थी।टेबल पर नक्शे फैले हुए थे, कुछ जगहों पर लाल गोले बने हुए… और एक में रखी बोतल आधी खाली हो चुकी थी।बाहर से आती ठंडी हवा परदे को हिला रही थी…और अंदर बैठे अजय सिंह की आंखें किसी गहरी सोच में डूबी हुई थीं।वहीं सामने कुर्सी पर बैठा विजय डोभाल एक और पैग बनाता है… और बिना सोचे समझे एक ही सांस में गटक जाता है।विजय (हल्की नशे में)"हां तो… तू कुछ कह रहा था…"अजय उसकी तरफ देखता है… फिर धीरे से बोलता है।अजय सिंह –"मैंने कहा था ना… नूर जहां के प्लेस में ...और पढ़े