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मौत का खेल - भाग- 31
द्वारा Kumar Rahman

सरप्राइज गिफ्ट अबीर की कुर्सी को ऊपर जाते हुए राजेश शरबतिया ने देख लिया था। उसने भी यही समझा था कि ये खेल का हिस्सा है। म्यूजिक फिर शुरू ...

मौत का खेल - भाग- 30
द्वारा Kumar Rahman

कातिल ऑरेंज कलर की इस छोटी सी पर्ची पर कातिल लिखा हुआ था। सार्जेंट सलीम को कुछ समझ में नहीं आया कि आखिर इस का मतलब क्या है? उसने ...

मौत का खेल - भाग- 29
द्वारा Kumar Rahman

वनिता “मैं उस लड़की की बात कर रहा हूं, जिसने थर्टी फर्स्ट की पार्टी में डॉ. वरुण वीरानी के कपड़ों पर वाइन गिरा दी थी।” सोहराब ने कहा। “ओह ...

मौत का खेल - भाग- 28
द्वारा Kumar Rahman

स्विमिंग सिंड्रेला और सलीम आपस में पीठ जोड़े हुए बैठे थे। सिंड्रेला हाथों में फूल लिए उन की पंखुड़ियों को एक-एक कर के तोड़ रही थी। मानो कोई विश ...

मौत का खेल - भाग- 27
द्वारा Kumar Rahman

प्रिंस ऑफ बंबेबो टेबल क्लॉक का अलार्म कई बार बजकर शांत हो चुका था। सार्जेंट सलीम अभी तक सोया हुआ था। सोहराब कोठी पर नहीं था, वरना अब तक ...

मौत का खेल - भाग- 26
द्वारा Kumar Rahman

गंजू धमकी का तुरंत असर हुआ और घबराहट में कार के एक्सीलेटर पर पांव का दबाव बढ़ गया और नतीजे में कार की स्पीड अचानक तेज हो गई। “आराम ...

मौत का खेल - भाग-25
द्वारा Kumar Rahman

मेंबरशिप अबीर फंटूश रोड पर कार में बैठे-बैठे उकता गया था। उसने मेजर विश्वजीत को एक भद्दी सी गाली दी और कार को स्टार्ट कर दिया। वह यहां तक ...

मौत का खेल - भाग-24
द्वारा Kumar Rahman

अहम सुराग सोहराब और सलीम पर पीछे की कार से किए गए दोनों ही फायर बेकार साबित हुए थे। दोनों गाड़ियों के बीच की दूरी पचास मीटर से ज्यादा ...

मौत का खेल - भाग-23
द्वारा Kumar Rahman

सिंड्रेला इंस्पेक्टर कुमार सोहराब ने जब बूढ़े को मोबाइल पर कपड़े की तस्वीर दिखाई तो उसने उस पर एक नजर डालते हुए कहा, “हमारे लिए यह बता पाना बहुत ...

मौत का खेल - भाग-22
द्वारा Kumar Rahman

फन टू सन क्लब यह एक विदेशी ओपेन कार थी। इसे एक मिस्री लड़की ड्राइव कर रही थी। उसका नाम शीना था। शक्लो सूरत में बहुत खूबसूरत थी। लंबे ...

मौत का खेल - भाग-21
द्वारा Kumar Rahman

ड्रोन सदर अस्पताल दस मंजिला था और लाशघर पांचवी मंजिल पर था।  लिफ्ट तेजी से ऊपर चली जा रही थी। न वह छठे फ्लोर पर रुकी थी और न ...

मौत का खेल - भाग-20
द्वारा Kumar Rahman

वापसी राजेश शरबतिया की वाइफ नाइट गाउन में उन दोनों की तरफ चली आ रही थी। उसे देखते ही रायना ने पूछा, “आप अभी तक यहीं रह रही हैं। ...

अनजान कातिल - 5
द्वारा V Dhruva

भाग 5 दोनो अमन सहगल की ऑफिस पहुंचते है। वहां पर रिसेप्शन पर बैठा लड़का पुलिस को देखकर थोड़ा घबरा जाता है। तावड़े उसे पूछता है - तुम्हारे बड़े ...

मौत का खेल - भाग-19
द्वारा Kumar Rahman

लाश की वापसी शरबतिया हाउस में लाश वैसे ही रखी हुई थी और रायना शव को लेने के लिए तैयार नहीं थी। कोतवाली इंचार्ज मनीष ने रायना को समझाते ...

मौत का खेल - भाग-18
द्वारा Kumar Rahman

क्रिमनल साइकोलॉजी घोस्ट बहुत तेजी से भागी चली जा रही थी। शहर काफी पीछे छूट गया था। सड़क पर इस वक्त ज्यादा गाड़ियां नहीं थीं। वन वे होने की ...

मौत का खेल - भाग-17
द्वारा Kumar Rahman

रूमाल होटल सिनेरियो के सुइट में अबीर सोफे पर बैठा हुआ था और रायना उस पर बुरी तरह से बिफरी हुई थी। वह उसके सामने खड़ी कह रही थी, ...

अनोखा जुर्म - भाग-9
द्वारा Kumar Rahman

सलाम नमस्ते, ‘मौत का खेल’ उपन्यास पहले लिखना शुरू किया था. इस बीच मन में ‘अनोखा जुर्म’ का प्लाट भी तैयार हो गया. इसलिए उसे भी लिखना शुरू कर दिया. ...

मौत का खेल - भाग-16
द्वारा Kumar Rahman

लाश का डीएनए इंस्पेक्टर सोहराब लाश को बड़े ध्यान से देख रहा था। लाश के चेहरे की हालत देख कर उसने यह अंदाजा तो लगा ही लिया था कि ...

अनजान कातिल - 4
द्वारा V Dhruva

भाग 4 ------आगे हमने देखा कि इं। मिश्रा होटल के दो बैरो से अमन सहगल के बारे में पूछताछ कर रहा था। अमन की कोई बात उन्हें मालूम हो ...

मौत का खेल - भाग-15
द्वारा Kumar Rahman

पुतला  मेजर विश्वजीत की पार्टी में खलल पड़ गया था। उसका मूड बुरी तरह से ऑफ था। राजेश शरबतिया उसे शांत करने की कोशिश कर रहा था। उसने मेजर ...

अनोखा जुर्म - भाग-8
द्वारा Kumar Rahman

फायरिंग  गेट से अंदर पहुंचते ही सार्जेंट सलीम ठिठक कर रुक गया। अंदर एक लाश रखी हुई थी। वहां तमाम लोग बैठे हुए थे। कुछ महिलाएं जारो कतार रो ...

मौत का खेल - भाग-14
द्वारा Kumar Rahman

दलाल रायना ने मेजर विश्वजीत को निराश नहीं किया। वह पलट कर शरबतिया के पास गई और वाइन की बोतल को गले से सटा कर शराब गिराने लगी। शराब ...

अनजान कातिल - 3
द्वारा V Dhruva

आगे आपने पढा कि अमन सहगल की कार का एक्सीडेंट हो जाता है। एक्सीडेंट में ही उसकी मौत हो जाती है और इं. मिश्रा तहकीकात कर के अमन की ...

मौत का खेल - भाग-13
द्वारा Kumar Rahman

गुमशुदगी की रिपोर्ट सिगार सुलगाने के बाद सोहराब ने दो-तीन कश लिए। उस के बाद उस ने किसी का फोन मिला दिया। दूसरी तरफ से फोन रिसीव होने पर ...

अनोखा जुर्म - भाग-7
द्वारा Kumar Rahman

पीछा सार्जेंट सलीम ने कुछ देर इधर-उधर की बातें करने के बाद हाशना से पूछा, “यह वाकिया कब हुआ था?” “लगभग तीन साल पहले।” हाशना ने बताया। इसके बाद ...

मौत का खेल - भाग -12
द्वारा Kumar Rahman

तफ्तीश इंस्पेक्टर कुमार सोहराब और सार्जेंट सलीम के बीच अभी बातें हो ही रही थीं कि तभी सोहराब के फोन की घंटी बजी। दूसरी तरफ से राजेश शरबतिया की ...

मौत का खेल - भाग-11
द्वारा Kumar Rahman

कौन था वह सलीम ने आज जम कर मेहनत की थी। उसे यकीन था कि उस की जानकारी सोहराब को खुश कर देगी। जब वह कोठी पर पहुंचा तो ...

अनोखा जुर्म - भाग- 6
द्वारा Kumar Rahman

कॉकरोच शाम को सलीम ऑफिस से निकल कर सीधे गीतिका के घर के सामने वाले चायखाने पर ही आ कर रुका था। गीतिका के दरवाजे पर ताला नहीं लटक ...