शहर की शाम को और भी खूबसूरत बना रही थी।भीगी सड़कों पर स्ट्रीटलाइट्स की रोशनी मोतियों की तरह चमक रही थी।अनुष्का बस स्टॉप पर खड़ी थी—एक हाथ में ऑफिस की फाइलें,दूसरे हाथ में गर्म चाय का कप।आज उसका जन्मदिन था…लेकिन दिल में खुशियों की जगह खालीपन भरा था।क्योंकि आज से दो साल पहले,इसी दिन उसकी ज़िंदगी में आया था Raj—और आज वही उसके पास नहीं था।---दूसरी ओर…Raj अपनी कार में बैठा बाहर की बारिश देख रहा था।

Full Novel

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दिल का रिश्ता - 1

शहर की शाम को और भी खूबसूरत बना रही थी।भीगी सड़कों पर स्ट्रीटलाइट्स की रोशनी मोतियों की तरह चमक थी।अनुष्का बस स्टॉप पर खड़ी थी—एक हाथ में ऑफिस की फाइलें,दूसरे हाथ में गर्म चाय का कप।आज उसका जन्मदिन था…लेकिन दिल में खुशियों की जगह खालीपन भरा था।क्योंकि आज से दो साल पहले,इसी दिन उसकी ज़िंदगी में आया था Raj—और आज वही उसके पास नहीं था।---दूसरी ओर…Raj अपनी कार में बैठा बाहर की बारिश देख रहा था।कांच पर बहती बूंदों को देखते-देखतेउसके मन में अनुष्का की यादें किसी फिल्म की तरह चल रही थीं।उसकी हंसी…उस ...और पढ़े

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दिल का रिश्ता - 2

(Raj & Anushka)बारिश थम चुकी थी,लेकिन उनके दिलों की कशिश अभी भी उसी तरह बह रही थी।Raj और Anushka एक-दूसरे की आँखों में देखकरएक नई शुरुआत की छोटी-सी खामोशी को महसूस किया।लेकिन ज़िंदगी कभी भी सिर्फ़ आसान मोड़ नहीं देती…---अगला दिन — अचानक एक नई चुनौतीसुबह ऑफिस जाते समयAnushka की सहकर्मी रिया ने उसे रोक लिया।“Anushka… एक बात बोलूँ?कल तुम्हें Raj के साथ देखा।ध्यान रखना…”Anushka चौंक गई—“क्यों? क्या हुआ?”रिया ने धीरे से कहा“Raj हाल ही में एक बड़ी प्रोजेक्ट डील हारे हैं।ऑफिस में लोग कह रहे हैं कि वो काफी परेशान है…कहीं वो तुम्हें फिर से चोट ना पहुँचा ...और पढ़े

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दिल का रिश्ता - 3

Raj & Anushka पार्क की उस शाम के बादRaj और Anushka की ज़िंदगी धीरे-धीरे एक नई लय में बहने की कॉल्स,दिन के बीच के छोटे-छोटे मैसेज,और रात को लंबी बातें—सब कुछ फिर से वही पुराना सा लगने लगा,लेकिन इस बार ज़्यादा समझदारी के साथ।---लेकिन ज़िंदगी हमेशा आसान नहीं होती…एक शाम अनुष्का अपने ऑफिस से निकली ही थीकि उसके फोन पर एक अनजान नंबर से कॉल आया।“Hello… Anushka?”आवाज़ जानी-पहचानी थी।अनुष्का का दिल धक से रह गया—“हाँ… आप?”“मैं काव्या हूँ…Raj की होने वाली मंगेतर।”वक़्त जैसे वहीं थम गया।---फोन कट… और सवालों का तूफानअनुष्का के हाथ काँपने लगे।उसने दोबारा कॉल करने की ...और पढ़े

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दिल का रिश्ता - 4

शादी बाद की ज़िंदगी नया घर, नए रिश्ते, और नई शुरुआत शादी की रस्में खत्म हो चुकी थीं,लेकिन Raj Anushka की असली कहानीअब शुरू हो रही थी।पहली सुबह — एक नई दुनियासुबह की हल्की धूपकमरे की खिड़की से अंदर आ रही थी।Anushka की आँख खुली तोसब कुछ बदला-बदला सा लगा।सिंदूर, चूड़ियाँ,और पास सोता हुआ Raj—वो मुस्कुरा उठी।Raj ने नींद में ही कहा—“Good morning, Mrs. Raj…”Anushka शरमा गई—“उठो…सब नीचे इंतज़ार कर रहे होंगे।”Raj ने आँखें खोलीं—“तो क्या हुआ?थोड़ी देर अपने लिए नहीं निकाल सकते?”पहली रसोई — एक यादगार पलरसोईघर मेंAnushka हल्की घबराहट में थी।माँ और सास पास ही खड़ी थीं।“जो ...और पढ़े

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दिल का रिश्ता - 5

एक नाम, जो प्यार से जन्मा सुबह की हल्की धूप अस्पताल के कमरे में फैल रही थी।Anushka गहरी नींद थीऔर Raj पास बैठाअपनी नन्ही-सी बेटी को निहार रहा था।इतनी छोटी…लेकिन उसकी सांसों मेंRaj की पूरी दुनिया बस चुकी थी।---नाम का फैसलाAnushka ने आँखें खोलते हीधीरे से पूछा“Raj…हमारी बेटी का नाम क्या रखें?”Raj मुस्कुराया।उसने बच्ची की छोटी-सी उँगली पकड़ ली।“ये बच्ची मुझेज़मीन से जुड़ी हुई लगती है…मजबूत, सच्ची,और शांत।”Anushka ने प्यार से कहा“अवनी…”Raj की आँखें चमक उठीं।“अवनी…धरती जैसी—जो सबको संभालती है।”दोनों ने एक साथअपनी बेटी को देखा।“हमारी बेटी — अवनी।”---घर वापसीघर फूलों और खुशियों से सजा था।माँ ने अवनी को ...और पढ़े

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