(ऐक बेवफा पत्नि द्वारा अनेकों प्रकार से अपने सीधे सादे पति को धोखा देना लेकिन फिर एक दिन जब उसके षड्यंत्र का पर्दाफाश होता है तब ....) समर्पण : भगवान शिव के श्री चरणों में समर्पित यह पुष्प भूमिका : मित्रों “सुनहरा धोखा“, यह अत्यंत सनसनीखेज कहानी उस बेवफा पत्नी की बेवफाई कहती है जो अपने सीधे सादे पति को तरह तरह के षड्यंत्र करके धोखा देती है | वह तरह तरह से बहाने बनाकर छिप छिपकर अपने प्रेमी के साथ गुलछर्रे उड़ाती है किन्तु देर सबेर जब एक दिन उसके कुकर्मों का भांडा जब फूटता है तब..... दिल दिमाग को सन्न कर देने वाली रोमांचक कहानी पढिये

Full Novel

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सुनहरा धोखा - 1

लेखक : ब्रजमोहन शर्मा (ऐक बेवफा पत्नि द्वारा अनेकों प्रकार से अपने सीधे सादे पति को धोखा देना लेकिन एक दिन जब उसके षड्यंत्र का पर्दाफाश होता है तब ....) समर्पण : भगवान शिव के श्री चरणों में समर्पित यह पुष्प भूमिका : मित्रों “सुनहरा धोखा“, यह अत्यंत सनसनीखेज कहानी उस बेवफा पत्नी की बेवफाई कहती है जो अपने सीधे सादे पति को तरह तरह के षड्यंत्र करके धोखा देती है | वह तरह तरह से बहाने बनाकर छिप छिपकर अपने प्रेमी के साथ गुलछर्रे उड़ाती है किन्तु देर सबेर जब एक दिन उसके कुकर्मों का भांडा जब फूटता ...और पढ़े

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सुनहरा धोखा - 2

2 धोखा टीवी एक दिन शीला ने मोहन से कहा-‘देखोजी ! घर का टीवी खराब हो गया है| उसे लाइये | मोहन ने कहा- ‘ शीला मुझे फुर्सत नही है | पास मे बहुत दुकाने है, तुम खुद जाकर सुधरवा लाओ |” इस पर शीला पास मे एक दुकान पर गई | वह इलेक्ट्रानिक्स की एक बड़ी दुकान थी | वहां का मालिक एक युवक था | शीला को देखते ही वह स्तब्ध रह गया| उसने ऐसी सुंदर युवती इससे पहले शहर मे कभी न देखी थी| उसने शीला से कहा-‘ आइये, मै आपकी क्या सेवा कर सकता हूं ...और पढ़े

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सुनहरा धोखा - 3

3 (अवैध सम्बन्ध पकडे गए) शंका 2 मां ने अनेक बार मोहन को शीला की शंकास्पद गतिविधियों के विषय बताने की कोशिस की किन्तु वह कुछ सुनने समझने को तैयार नही था| उस रात मोहन बहुत देर रात मे घर लौटा | उसने देखा घर के सब लोग घोर चिंता मे मग्न बैठे हुए थे| मां ने उसे ऐक ओर ले जाते हुए कहा -‘ मोहन ध्यान से सुन,गोपाल क्या कहता है| ’ गोपाल जो उसका ममेरा भाई था बोला- ‘ भैया आज मै भाभी के साथ विशाल इलेक्ट्रानिक गया| वह विशाल के साथ डार्क रूम मे चली गई ...और पढ़े

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सुनहरा धोखा - 4

4 (हत्या का प्रयास) शिमला मोहन अपने प्लान के अनुसार गर्मियों की छुटृी मे शीला व अपने पुत्र पप्पू शिमला की यात्रा कराने ले गया | बे चंडीगढ़ होते हुए शिमला की और चले | बस का रास्ता बड़ा खतरनाक किन्तु बड़ा ही मनोहारी द्रश्यों से पूर्ण था| शिमला में मनोहारी द्रश्यों को देखने के लिए वे एकांत मे कुछ दूरी पर घूमने निकल गए | वहाँ बड़ी खतरनाक घाटी थी | नीचे नदी बड़ी तेजी से बह रही थी| वे नदी के किनारे चल रहे थे | बहुत ठंडी हवा बह रही थी| एक जगह मोहन ने अनजान ...और पढ़े

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सुनहरा धोखा - 5 - अंतिम भाग

5 (तलाक) शीला के जाने के बाद मोहन जैसे दुख के समुद्र में डूब गया | उसकी की जिंदगी तरह तबाह हो चुकी थी | उसके पास कुछ नहीं बचा था | उसका परिवार पूरी तरह उजड़ चुका था | वह इस ब्ड़ी दुनिया में नितांत अकेला था | उसका दिन तो जैसे तैसे गुजर जाता था किन्तु रात में उसका दुख कई गुना बढ़ जाता था | वह अपने मासूम बच्चे को याद करके रात भर रोया करता था| उसका गम बांटने वाला अब कोई बचा नहीं था| उसे अपनी करनी पर भारी पश्चाताप हो रहा था | ...और पढ़े

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