तेरहवा द्वार - 3

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भाग 3बंद कमरा“अब तुम वापस नहीं जा सकते…”कैमरे की स्क्रीन पर लिखे वो शब्द देखकर आरव के हाथ सुन्न पड़ गए।बारिश लगातार तेज़ होती जा रही थी। आसमान में बिजली चमक रही थी, और हर चमक के साथ हवेली का काला चेहरा कुछ सेकंड के लिए साफ दिखाई देता… फिर दोबारा अंधेरे में गायब हो जाता।आरव की साँसें अभी तक सामान्य नहीं हुई थीं।उसका पूरा शरीर काँप रहा था।“ये… ये कोई prank नहीं था…”उसने काँपती आवाज़ में खुद से कहा।वो किसी तरह उठकर बाइक तक पहुँचा। लेकिन जैसे ही उसने पीछे मुड़कर हवेली की तरफ देखा…तीसरी मंज़िल की उसी खिड़की