धधक (भाग-3) नादान लेखिका द्वारा महिला विशेष में हिंदी पीडीएफ

धधक (भाग-3)

रात को जब वो घर पहुंची तो उसे गुदगुदी सी हो रही थी। बार-बार अपने और अमान के बारे में सोच-सोचकर उसका बदन सिहर उठता। अमान को वो पिछले दस सालों से जानती थी। अमान एक कम्पनी में स्क्रिप्ट राइटर था और ज़ोया भी किसी कम्पनी के लिए न्यूज़ एडिटिंग का काम करती थी। एक केस के सिलसिले में दोनो की पहली मुलाकात हुई। और उसके बाद तो ये मुलाकात बढ़ती ही चली गयी। कितना खूबसूरत पल था वो ज़ोया के लिए.... जब अमान ने उसे डरते-डरते प्रपोज किया था। ज़ोया ने उसे इतने गुस्से में घूरकर देखा था की अमान को लगा आज वो ज़ोया की आंखों के तेज से भस्म ही हो जाएगा। वो जैसे ही वापस जाने लगा, ज़ोया ने भागकर उसे गले लगाते हुए अपनी स्वीकृति दे दी।


अमान ने उसका बहुत साथ दिया था। हर तरह की परेशानियों में उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहा हमेशा।


ज़ोया ने कबर्ड से अपनी टू पीस नाइटी निकालकर बेड पर पटकी और बाथरॉब लेकर नहाने चली गयी। नहाने से उसे काफी हल्का महसूस हो रहा था, मानो दिनभर की थकान दूर हो गयी हो। उसने बाथरोब निकालकर ज़मीन पर पटक दिया और बिना कपड़ों को आईने के सामने जाकर खड़ी हो गयी। उसने एक नज़र नीचे से ऊपर तक खुद को निहारा आईने में। झुरझुरी सी दौड़ गयी समूचे बदन में। उसकी छरहरी काया किसी को भी अपनी ओर आकर्षित करने के लिए काफी थी। सिर्फ लड़को का ही नही, लड़कियों का भी काफी ध्यान रहता था उसके फिगर पर। वो इतरा उठी। इस वक़्त उसे अमान की बहुत याद आ रही थी। उसने आंखे बंद की और सोचने लगी.... अगर अमान इस वक़्त यहां होता तो क्या करता उसके साथ?? बन्द आंखों के पीछे कल्पना की दुनिया से अमान का एक अक्स निकलकर बाहर आया। ज़ोया ने आंखे खोलकर उसे देखा। वो अक्स अपलक उसकी ओर निहार रहा था। ज़ोया ने पलकें झुका ली। अमान के अक्स ने टेबल पर रखे वास में से एक फूल निकाला और ज़ोया के करीब आया.... उस फूल को उस अक्स ने ज़ोया के होंठो से लगाया और वो उसकी ओर झुका ही था की मोबाइल घनघना उठा। ज़ोया ख्यालों की दुनिया से बाहर आई, उसने देखा अमान का वीडियो कॉल आ रहा था। लेकिन इस समय वो वीडियो कॉल लेने की हालत में नही थी.... इसलिए उसने कॉल रिसिव कर मोबाइल बेड पर ही पड़ा रहने दिया।


उधर से अमान की आवाज़ आई,"मोहतरमा कहाँ है आप?? आज हमारे सीने में आग लगाकर, हमसे दूर चली आई। अच्छा नही किया आपने।"


अमान की आवाज़ में अब भी वही शौखी और थोड़ी नाराज़गी थी। ज़ोया फिर से सिहर उठी। उसने जल्दी से अपनी ड्रेस पहनी और मोबाइल उठा लिया। उसे देखते ही अमान ने कहा,"कहाँ थी??"


"ड्रेस चेंज कर रही थी।" ज़ोया ने जवाब दिया।


"इतना टाइम लगता है। ऐसी कौन सी ड्रेस पहन रही थी?" अमान ने नाराजगी जताई। अगर कोई और दिन होता तो शायद ज़ोया उसे बातो में टाल देती.... लेकिन शाम को ही वो अमान के साथ इतने रूमानी पल बिताकर आई थी, जिनकी महक अब तक मौजूद थी उसके सीने में। ऐसे में वो फिर से बहकने लगी थी। उसने मोबाइल का कैमरा थोड़ा दूर किया और इस तरह से दिखाया.... जिससे अमान को वो पूरी नज़र आ सके। अमान की आंखों में नशा सा छा गया ज़ोया को ऐसे देख। टू पीस नाइटी के ऊपर ट्रांसपेरेंट श्रग से उसका गौरा बदन बाहर झांक रहा था। अमान को उसके शरीर को ऐसे निहारते देख, ज़ोया का दिल धड़क उठा। अमान मदभरी आवाज़ में बोला,"आ जाऊं क्या??"


ज़ोया की आंखे बड़ी हो गयी। दोनो ही शाम के वाकये के बाद से बहके हुए जज्बात लिए घर लौटे थे। ऐसे में उनका खुद पर सब्र पाना मुश्किल हो रहा था। उसने शर्म से सिर झुका लिया। अमान उसे ऐसे शर्माते देख,"ज़ोया, शादी कर लें?"


ज़ोया ने झटके से सिर उठाकर उसकी ओर देखा। उसकी आंखों में चमक आ गयी। अमान बोला,"तुमसे दूर रहना दिन ब दिन मुश्किल होता जा रहा है।"


ज़ोया के होंठो की स्माइल और भी चौड़ी हो गयी। उसने कहा,"कल सुबह जिया की फ्लाइट इंडिया में लैंड हो जाएगी। उसके बाद तय कर लेंगे सब।" उसने भी स्वीकृति दे दी।


अमान खुशी से उछल पड़ा। वो कब से ज़ोया को मना रहा था शादी के लिए। लेकिन ज़ोया को पहले अपनी कम्पनी जमानी थी, फिर बहन के वहां रहने तक के लिए ठोस इन्तेज़ामात करने थे। लेकिन अब जब जिया वापस यहीं लौटकर आ रही है तो शादी और आगे बढाने का कोई मतलब ही नही था। दोनो एकदूसरे से बात करते करते नींद के आगोश में चले गए।


सुबह-सुबह दोनो साथ मे एयरपोर्ट पहुंच गए जिया को रिसीव करने। जिया ने बाहर आते हुए जैसे ही ज़ोया को देख, चहकते हुए वहीं से हाथ लहरा दिया हवा में। ज़ोया ने उसके लिए अपनी बाहें खोल दी। जिया भागकर आकर उसमे समा गई। बहुत देर तक वो उसके गले लगी रही। जब मन थोड़ा भर गया तब दोनो अलग हुई और ज़ोया ने अमान से जिया को इंट्रोड्यूस किया,"ये है अमान।"


जिया ने अमान की ओर रुख किया। वो ताज्जुब कर गयी। इससे पहले उसने हमेशा ही अमान को वीडियो चैट के दौरान देखा था ज़ोया के साथ। वो बस हायहेलो करके दूर हट जाता था। अपने रूबरू देखना का मौका उसे आज पहली बार मिला था। जिया ने उसे भी हग किया। अमान और ज़ोया दोनो चौंक गए। पश्चिम देश मे ये आम बात है, लेकिन इंडिया में नही।


उन दोनों की शक्ल देखकर जिया ने चिल मारते हुए कहा,"ओ कमॉन यार। ये सब वहां बहुत नॉर्मल है। ऐसे एक्सप्रेशन मत दीजिये जैसे मैंने कोई बहुत बड़ा क्राइम कर दिया हो।"


ज़ोया जानती थी, इतने सालों से जिया वहां रह रही है, इसलिए वहां के परिवेश का उसपर असर होना लाजमी था। उसने भी सीरियसली नही लिया और आंखों ही आंखों में अमान को बि शांत रहने का इशारा किया।


अमान ज़ोया के पीछे जाकर खड़ा हो गया। जिया उसे छेड़ते हुए बोली,"क्या बात है जीजू.... आप तो ज़ोया से बड़ा डरते हैं।"


अमान और ज़ोया के माथे बल पड़ गए। दोनो समझे नही जिया की बातों का मतलब। जिया ने कहा,"अरे, अब मेरे डर से आप ज़ोया के पीछे जाकर खड़े हो गए। चिंता मत कीजिये... सिर्फ देखने मे खतरनाक हूँ मैं।"


जिया की बचकानी बात पर ज़ोया हंस दी। अमान ने दोनो को घर छोड़ा और कुछ जरूरी काम है बोलकर दरवाज़े से ही बाहर निकल गया। जिया ने घर मे घुसते ही सवाल दागा,"तुम तो कह रही थी अमान तुमसे आठ साल बड़े हैं। लेकिन इन्हें देखकर कौन कहेगा? कितना फिट रखा है यार खुद को। मानना पड़ेगा।" जिया अमान को देखकर इसलिए चौंकी थी। उसे लगा वेवकेम से किसी को देखकर अंदाज़ा नही लगाया जा सकता कि वो वास्तव में कैसा है?


लेकिन अमान तो वीडियो में जितना अच्छा दिखता था, हकीकत में उससे भी ज्यादा सॉलिड निकला।



क्रमशः

आपकी नादान सी लेखिका

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Indu Talati

Indu Talati 2 महीना पहले

Bhayani Alkesh

Bhayani Alkesh मातृभारती सत्यापित 3 महीना पहले

Sayma

Sayma 3 महीना पहले