इश्क़ आख़िरी - 1 Harshali द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

इश्क़ आख़िरी - 1

आकाश के कदम अपने आप ही अमृता के कमरे की और बढ़ने लगे , उसने कुछ सेकेंड्स तक अमृता को बड़े प्यार से देखा फिर आकाश ने हल्के से अमृता की बालों की वो लट जो उसकी आंखों पर थी उसको पीछे कर दिया। यहां से शुरुवात होती है आकाश और अमृता की प्रेम कहानी की । दोनो भी एक दूसरे से बेहद प्यार करते थे । आकाश का मानना था की सभी लड़कियां बस पैसों पर मरती है लेकिन अमृता ने उसकी वो सोच पूरी तरह से बदल दी ।

फिर एक दिन आकाश को बिजनेस मैं इतना बड़ा लॉस होता है की आकाश के पास रहने के लिए एक घर के अलावा और कुछ भी नही बचता । तभी अमृता जिसने उससे बेहद प्यार किया था जिसने उससे प्यार करना सिखाया था , साथ देना और साथ निभाना सिखाया था , उसी अमृता ने किसी मजबूरी मैं आकर आकाश के साथ शादी करने से मना कर दिया । खैर ! अमृता ने जो कुछ भी किया था वो आकाश के भले के लिए ही किया था !अमृता आकाश को बचाने के लिए अपने ही प्यार की कुर्बानी देने चली थी । तो किसकी थी ये साजिश ? आखिर वो कौनसी वजह थी जिस के कारण अमृता ने आकाश से शादी करने से मना कर दिया ? कौन था इसके पीछे जो अमृता और आकाश को अलग करना चाहता था ? क्या आकाश ये राझ सही वक्त पर जान पाएगा ? जानने के लिए पढ़ते रहिए "तुझे कितना चाहने लगे हम" सिर्फ पॉकेट नॉवेल पर ।

"हे दुर्गा माँ मेरी भी लाइफ मैं कोई अच्छा लड़का भेज दो ना , जो मुझ से बहुत ज्यादा प्यार करे , जो में जैसी हूं वैसे ही मुझे एक्सेप्ट करे , जो मेरी खुद से भी ज्यादा केयर करे और मेरा आदर करें , अब और लव स्टोरीज पढ़कर थक गई हूं मैं । मेरे सपनों में जैसा लाइफ पार्टनर है वैसे ही रियल लाइफ मैं भी भेज दो ना , जल्दी से मुलाकात करवादो माँ " अमृता ने दुर्गा माँ के मंदिर में प्रार्थना करते हुए कहा । तभी मंदिर में उपस्थित पंडित जी ने कहा , "येलो बेटा प्रशाद खालो " अमृता ने प्रशाद खाया और पंडित जी से पूछा " माँ सबकी इच्छा पूरी करती है ना ? पंडित जी ने हां मैं जवाब दिया तभी अमृता बोली, तो फिर मेरी इच्छा क्यों नही पूरी कर रही ? में कई दिनों से .....तभी पंडित जी ने अमृता की बात को काटते हुए कहा ," बिटिया हर एक की इच्छा माँ पूरी करती है लेकिन उसके लिए भी एक समय आना जरूरी है, एक माँ को पता होता है की अपने बच्चे को कौनसी चीज़ कब देनी है , तुम्हारे भी इच्छा पूरी हो जायेगी माँ पर विश्वास रखना । हां विश्वास तो है। अब मैं चलती हूं देर हो रही है अमृता ने पंडित जी से कहा और मंदिर से घर के लिए निकल गई ।

( अमृता राव हमारी कहानी की लीड कैरेक्टर , अमृता का खुद का एक ब्यूटी पार्लर है सिवाय उसका बिजनेस मैं भी इंटरेस्ट है उसने एमबीए भी किया है ,लेकिन फाइनेंशियल कंडीशन के कारण वो बिजनेस स्टार्ट नहीं कर सकती )

कुछ देर बाद अमृता घर पहुंच जाती है । तभी अमृता की माँ उसको अचानक बताती है कि , देख तुझे बनारस जाना है और मेरी वहा एक फ्रेंड है उसके घर कुछ महीने रहना है । अमृता चौक कर बोलती है ," क्या ? लेकिन क्यों ? आपसे दूर आप मुझे वहा क्यों भेज रहे है ? और मेरे पार्लर का क्या होगा ? और उस अनजाने घर में कैसी रहूंगी मैं ? अमृता सवाल पे सवाल किए जा रही थी । तभी उसके पापा ने बीच में कहा, देखो अपने आई बाबा पर विश्वास है ना तुझे ?तभी अमृता बोली हां बाबा कैसी बाते कर रहे हो मुझे खुद से भी ज्यादा विश्वास है आप दोनों पर । मैं और तुम्हारी आई बाहर गांव जा रहे है, तो हम जब तक वापस नहीं आ जाते तब तक तुम उनके घर रहोगी बनारस में । "रहा सवाल घर में एडजस्ट होने का तो वहा तुझे कुछ एडजस्ट नही करना पड़ेगा , वहा के लोग बहुत अच्छे है तुझे बहुत प्यार देंगे , खयाल भी रखेंगे और तू वहा कंफर्टेबल भी फील करेगी , वो मेरी बहुत अच्छी दोस्त है , इसलिए तो तुझे अकेले वहा भेज रहे है रहने के लिए " , अमृता की माँ ने अमृता से कहा । तभी अमृता बोली ठीक है माँ में रहे लुंगी उनके घर लेकिन आप दोनों जा कहा रहे हो ? तभी अमृता के पापा ने कहा बेटा समय आने पर तुम्हे सारी बाते पता चल जायेगी और हां उनका एक बहुत बड़ा बिजनेस भी है तो तुम्हे बिजनेस रिलेटेड सब कुछ सीखने को भी मिलेगा । ठीक है बाबा तो कब जाना है मुझे बनारस ? आज ही , आज शाम को ही हम बनारस के लिए निकल रहे है तुझे वहा छोड़ेंगे और हम बाहर गांव के लिए निकल जायेंगे । ठीक है बाबा मैं पैकिंग करती हूं बोलकर अमृता अपने रूम में चली गई ।

तभी अमृता के पापा मनीष ने कहा " सुमन तूने राधा को कॉल करके बता दिया है ना की हम अमृता को ले कर बनारस आ रहे है ? तभी अमृता की माँ सुमन ने कहा , हां मनीष बता दिया है । और हम कहा और क्यों जा रहे है वो भी बता दिया है , डोंट वरी।

(वही दूर बनारस में रॉयल मेंशन मैं )

राधा ने कहा , "अरे गोविंद मुझे तुमसे कुछ जरूरी बात करनी है , आज सुमन का कॉल आया था अमृता को लेकर वो आज शाम आ रहे है । वो सुमन और मनीष बाहर गांव जा रहे है , अब बाहर गांव मतलब समझ जाओ किसलिए जा रहे है "। तभी गोविंद ने सोच कर कहा , "हां बिचारी वो लड़की अमृता उसको तो इस सब के बारे मैं कुछ अंदाजा तक नही होगा । पता नही आगे सब क्या होगा ? मेरी शाम को एक मीटिंग है इसलिए मैं शाम को घर नही हूं , तो सुमन और मनीष से कहना की अगर किसी भी चीज की जरूरत हो तो हमे इनफॉर्म करदे" । और आज अमृता आ रही है तो उसके लिए कुछ अच्छा बनाना रात के खाने मैं , में रात को डिनर करने घर आ जाऊंगा । हां आप यहाँ की चिंता मत करना मैं यहा सब संभाल लूंगी , राधा ने एक स्माइल के साथ अपने पति गोविंद से कहा । अच्छा मैं अब चलती हूं माँ के दवाई का वक्त हो गया है और माँ को भी तो बताना है ना, की अमृता आ रही है , ये बोल कर राधा वहा से चली जाती है ।

( क्यों अमृता के माँ पापा अमृता को बनारस भेज रहे है ? क्या है अमृता का पास्ट ? जिससे अमृता के माँ पापा उसको अपने से दूर भेज रहे है ?आखिर क्या है वो राझ? क्या बनारस से ही अमृता की किस्मत जुड़ी हुई है ? क्या यही से अमृता की लव स्टोरी की शुरूवात होगी ? क्या लगता है आपको ! ! आगे सभी सवालों के जवाब मिलेंगे जुड़े रहिए कहानी के साथ )

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Bijal Patel

Bijal Patel 2 महीना पहले

Have some happiness

Have some happiness 2 महीना पहले

dev

dev 3 महीना पहले

Mahesh

Mahesh 4 महीना पहले

Preeti G

Preeti G 5 महीना पहले