वैसे तो मै एक साधारण और सादगीभरी जिंदगी पसंद करती हुँ लेकिन जरूरी तो नहीं है कि कोई शांति से जीने दे। ऐसे ही मेरी लाइफ में भी है जो मुझे शांति से जीने नहीं देते। ऐसा ही मेरा छोटा भाई है वो 12 साल का है उसे ऐसा लगता है कि उसे हमेशा मेरी रक्षा करनी होंगी वरना मैं कैसे रह पाऊँगी इस पापी दुनिया मे। उसे मै कैसे समझाऊ कि मैं 20 साल कि हुँ मुझे उसकी रक्षा कि बिल्कुल जरुरत नहीं है |
सृष्टि - 1
वैसे तो मै एक साधारण और सादगीभरी जिंदगी पसंद करती हुँ लेकिन जरूरी तो नहीं है कि कोई शांति जीने दे। ऐसे ही मेरी लाइफ में भीहै जो मुझे शांति से जीने नहीं देते। ऐसा ही मेरा छोटा भाई है वो 12 साल का है उसे ऐसा लगता है कि उसे हमेशा मेरी रक्षा करनी होंगी वरना मैं कैसे रह पाऊँगी इस पापी दुनिया मे। उसे मै कैसे समझाऊ कि मैं 20 साल कि हुँ मुझे उसकी रक्षा कि बिल्कुल जरुरत नहीं है सुबह कि हल्की हल्की धुप परदे से छीन कर मेरे बिस्तर पर कम्बल कि तरह मुझे ...और पढ़े
सृष्टि - 2
सृष्टि साधारण सी लड़की है जो अपने भाई के साथ शहर मे एक रेंट के घर मे रहती है वो अपनी पढ़ाई कम्पलीट कर सके। उसके माता पिता छोटे से गांव मे रहते है वो कॉलेज के साथ साथ पार्ट टाइम जॉब करके अपना गुजारा करती हैआज उसकी मुलाक़ात मंदिर परिसर मे एक अजनबी से हुई इसके बाद वो अपने घर गयी और बाद मे कॉलेज से सीधा अपने काम कि जगह निकल गयी। सृष्टि एक रेस्टोरेंट मे कॉलेज के बाद वेटर कि जॉब करती है वहां उसे काम करते करते कुछ दिन ही हुए है वहां का मालिक ...और पढ़े