शहर में शाम धीरे-धीरे उतर रही थी। सड़क पर गाड़ियों की आवाज़, दुकानों की रोशनी और लोगों की भीड़ के बीच आरव अपने हाथ में कुछ किताबें लिए तेज़ी से चल रहा था। उसे आज कॉलेज की एक जरूरी assignment जमा करनी थी। तभी अचानक— धड़ाम! किसी से टकराने के कारण उसकी सारी किताबें नीचे गिर गईं। आरव ने तुरंत नीचे देखा।
अधूरी मोहब्बत - 1
अधूरी मोहब्बतEpisode 1 — पहली मुलाकातPage 1शहर में शाम धीरे-धीरे उतर रही थी।सड़क पर गाड़ियों की आवाज़, दुकानों की और लोगों की भीड़ के बीच आरव अपने हाथ में कुछ किताबें लिए तेज़ी से चल रहा था।उसे आज कॉलेज की एक जरूरी assignment जमा करनी थी।तभी अचानक—धड़ाम!किसी से टकराने के कारण उसकी सारी किताबें नीचे गिर गईं।आरव ने तुरंत नीचे देखा।“Sorry!”सामने एक लड़की खड़ी थी।उसके हाथ में भी कुछ किताबें थीं और चेहरे पर हल्की घबराहट।“Actually… मेरी गलती थी,” लड़की ने कहा।आरव कुछ सेकंड उसे देखता रहा।फिर बोला—“कोई बात नहीं।”लड़की नीचे बैठकर किताबें उठाने लगी।आरव भी उसकी मदद करने ...और पढ़े
अधूरी मोहब्बत - 2
Part 2 — वो राज़Page 1अगली सुबह आरव पूरी रात सो नहीं पाया था।काव्या का आखिरी message बार-बार उसके आ रहा था—“हमें कुछ समय के लिए एक-दूसरे से दूर रहना चाहिए।”आरव ने आखिर तय किया कि वह काव्या से सामने मिलकर बात करेगा।कॉलेज पहुँचते ही उसकी नजर काव्या पर पड़ी।वह अकेली खड़ी थी।आरव उसके पास गया।“काव्या, मुझसे बात करो।”काव्या ने उसकी तरफ देखा।“आरव… बात करने से कुछ नहीं बदलेगा।”“लेकिन मुझे जानने का हक है कि हुआ क्या है।”काव्या चुप रही।---Page 2आरव ने पूछा—“क्या मेरे परिवार की वजह से तुम मुझसे दूर हो रही हो?”काव्या ने नजरें झुका लीं।आरव समझ ...और पढ़े