बेटे की परीक्षा समाप्त हो गई थी। श्रीश भी जिद करने लगा मम्मी कहीं बाहर घुमाकर लाओ। मेरी भाभी जम्मू रहती हैं पिछले पाँच साल से। लेकिन कभी जम्मू जाना नहीं हुआ। एक तो दिल्ली से बहुत दूर है, दस-बारह घंटे का सफर। मुझे तो सोचकर ही थकान होने लगती है। घूमने का शौक तो मुझे भी है पर अब थाइराइड की वजह से थकान रहती है सारा दिन, कहीं जाने को मन ही नहीं करता। हमारे समाज में सभी लोग थाइराइड को सामान्य बीमारी समझते हैं, । कहते हैं कोई बड़ी बीमारी नहीं बस एक गोली रोज सुबह खानी है। "जिसके पैर न फटे बिवाई वो क्या जाने पीर पराई"। अब ये कितनी खतरनाक बीमारी है ये तो पीड़ित व्यक्ति ही जानता है। थाइराइड को हल्के में न लें।

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मेरी जम्मू यात्रा - 1

संस्मरण - मेरी जम्मू यात्राबेटे की परीक्षा समाप्त हो गई थी। श्रीश भी जिद करने लगा मम्मी कहीं बाहर लाओ। मेरी भाभी जम्मू रहती हैं पिछले पाँच साल से। लेकिन कभी जम्मू जाना नहींहुआ। एक तो दिल्ली से बहुत दूर है, दस-बारह घंटे का सफर। मुझे तो सोचकर ही थकान होने लगती है। घूमने का शौक तो मुझे भी है पर अब थाइराइड की वजह से थकानरहती है सारा दिन, कहीं जाने को मन ही नहीं करता। हमारे समाज में सभी लोग थाइराइड को सामान्य बीमारी समझते हैं, । कहते हैं कोई बड़ी बीमारी नहीं बस एक गोली रोज ...और पढ़े

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मेरी जम्मू यात्रा - 2

---मेरे बेटे को नींद आने लगी थी। थोड़ा चलते ही रोने लगा। "मम्मी मुझसे नहीं चला जा रहा। थोड़ी सोने दो। बस पांच मिनट सोने दो। बिना सोए कैसे चलूंगा, उल्टी आ जाएगी।" हम दोनों की भी हालत खराब हो रही थी लेकिन वहां रुकने की बैठने की कोई जगह नहीं थी। जगह-जगह खच्चर का गोबर पड़ा था। सड़क बहुत गंदी थी। पांच मिनटहम रेलिंग के सहारे खड़े होकर सुस्ताए। फिर पुनः हिम्मत की और एक-दूसरे का जोश बढ़ाया और फिर चलने लगे। जबकि तीनों के पैर दर्द कर रहे थे। मेरा बेटा तो रोने लगा - "अब कभी ...और पढ़े

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