हिंदी यात्रा विशेष कहानियाँ मुफ्त में पढ़ेंंऔर PDF डाउनलोड करें

उज्जैन के महाकाल:- एक अद्भुत अनुभव
द्वारा RISHABH PANDEY

बात आज से कुछ  वर्ष 2012-13 की है प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हुए मुझे बहुत अधिक समय व्यतीत हो चुका था। मैं अब तैयारी के उस मुकाम पर ...

ऊटी ( साउथ गुजरात से साउथ इंडिया तक्)
द्वारा Yayawargi (Divangi Joshi)

 ये कहानी है तीन साल पेहले की 2017 की... यायावर चला था एक नये सफ़र मे जिसकी दास्ता आपको बतानी है... गुजरात कि एक लडकी निकली थी अपने माता-पिता ...

वंचित
द्वारा rajendra shrivastava

कहानी--   वंचित राजेन्‍द्र कुमार श्रवास्‍तव,                   ‘’यही ऑफिस है.......शायद कॉलोनाइजर का!’’             ‘’हेल्‍लो, दानेश्‍वरजी।‘’             ‘’हॉं.....। आपको मेरा नाम?’’             ‘’बड़े साहब ने बताया,......आप ही का ...

सुहाना सफर बाली का
द्वारा Uddhav Bhaiwal

                                                                                                                                  ...

यूँ ही राह चलते चलते - 31 - अंतिम भाग
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -31- आज यात्रा अपने किनारे पर आ चुकी थी, सब को वापस जाना था । अन्तिम रात्रि को फेयरवेल डिनर था जहाँ सब की ...

यूँ ही राह चलते चलते - 30
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -30- सुमित ने मेट्रो ट्रेन और स्टेशन तक जाने का रास्ता बता दिया और सबको स्वतंत्र कर दिया घूमने के लिये। अर्चिता ने यशील ...

यूँ ही राह चलते चलते - 29
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -29- यात्रा अपने अंतिम पड़ाव पर आ गयी थी अब उस देश को जाना था जिसका राज्य कभी इतनी दूर तक विस्तृत था कि ...

यूँ ही राह चलते चलते - 28
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -28- नीदरलैण्ड मात्र अपनी प्राकृतिक सुन्दरता और यहाँ के लोगों के कलात्मक रुचि के लिये ही नहीं जाना जाता है वरन् ईश्वर ने इस ...

यूँ ही राह चलते चलते - 27
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -27- यात्रा लगभग पूरी होने को थी अगला पड़ाव नीदरलैंड था।वहाँ की राजधानी एम्स्टर्डम जाने के मार्ग में कतार में पवन चक्कियाँ दिखायी पड़ ...

यूँ ही राह चलते चलते - 26
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -26- आज सब बेल्जियम की राजधानी ब्रूसेल्स में थे । ‘‘सर यहाँ की भाषा क्या है’’ चंदन ने पूछा। ‘‘फ्रेंच इंगलिश और फ्लेमिश भाषा ...

यूँ ही राह चलते चलते - 25
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -25- उसके बाद उनका काफिला पेरिस के नेशनल म्यूजियम गया जो विश्व में सबसे बड़ा है और यू आकार का है । इसके अतिरिक्त ...

बरसात की एक रात
द्वारा Medha Jha

बरसात की एक रात 'हरी हरी वसुंधरा पे नीला नीला ये गगन कि जिसपे बादलो की पालकी उड़ा रहा पवन दिशाएं देखो रंग भरी, चमक रहीं उमंग भरी ये ...

यूँ ही राह चलते चलते - 24
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -24- सब टावर के सिक्योरिटी गेट तक पहुँच गये थे। सिक्योरिटी चेक के बाद लोग लिफ्ट से ऊपर गये टावर के केवल दो तल ...

यूँ ही राह चलते चलते - 23
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -23- यात्रा का अगला लक्ष्य था फ्रांस और फ्रांस में भी सपनों का शहर पेरिस। कल की बहस के बाद आज जब सुमित बोलने ...

सफर और Suffer
द्वारा Narendra Rajput

सफर और Suffer यह कहानी गुजरात के एक व्यापारी के सफर से शुरु होती है। व्यापारी का नाम था करसनदास, वह जब भी विमान यात्रा करते भगवान से प्रार्थना ...

यूँ ही राह चलते चलते - 22
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -22- महिम ने सुमित से पूछा ’’ मैं ने सुना है कि यहाँ के गर्म झरने स्पा के लिये, ढलान विन्टर खेलों के लिये ...

यूँ ही राह चलते चलते - 21
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -21- आज उन्हें स्विटजरलैंड से आगे के सफर के लिये निकलना था चार दिन रह कर भी मन नहीं भरा था। उनका वश चलता ...

बादलों की धुंध में.
द्वारा Lalit Rathod

बादलों में बनी हुई आकृति उसे नकाब पहनी हुई लगती है। नकाब हमें नया बना देता है। जिसे लोगों ने कभी नहीं देखा। उसी तरह जब वह स्कूल में कृिश ...

यूँ ही राह चलते चलते - 20
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -20- अगले दिन सबको 10000 फीट की ऊँचाई पर माउंट टिटलिस जाना था । सब मना रहे थे कि आज बर्फबारी न हो और ...

दो दिन
द्वारा Lalit Rathod

बच्चे रोड़ से नीचे नहर में छलांग लगाने लगे। नीचे पानी में जाते ही गिरने की आवाज आती और बच्चे कहीं गायब हो जाते। वह रूक कर पानी ...

यूँ ही राह चलते चलते - 19
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -19- तभी संजना ने आवाज दी ‘‘आंटी इधर आइये देखिये कितना अद्भुत दृश्य है ।’’ चारों फोटोग्राफी छोड़ कर उस गैलरी से बाहर खुले ...

यूँ ही राह चलते चलते - 18
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते - 18 - सुबह-सुबह सब लोग ठीक आठ बजे सर्दी का सामना करने के लिये पूरी तरह लैस हो कर तैयार थे। सभी ने ...

यूँ ही राह चलते चलते - 17
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -17- ’’ अरे भाई मैडम आप भी आ जाओ आपकी फोटो लें ले नहीं तो कहोगी कि एक महिम है मान्या की इतनी फोटो ...

यूँ ही राह चलते चलते - 16
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -16- ज्यूरिख से सब एंजलबर्ग गये । राह में सुमित ने सदा की तरह अपना माइक पकड़ा और उन जगहों के इतिहास भूगोल से ...

यूँ ही राह चलते चलते - 15
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -15- रजत तो बस के बाहर के अप्रतिम सौंदर्य में खोये थे, यह अस्वाभाविक भी नहीं था चारों ओर दूर दूर तक फैली ऊँची ...

यूँ ही राह चलते चलते - 14
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -14- कारवाँ चल पड़ा धरती के स्वर्ग स्विटजरलैंड । सुबह ठीक आठ बजे ही सब उपस्थित थे ब्रेकफास्ट करने के लिये, मानो स्विट्जरलैंड में ...

यूँ ही राह चलते चलते - 13
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -13- यशील सप्रयास वान्या से दूर रहने का प्रयास कर रहा था और इस परिवर्तन को अर्चिता अनुभव कर रही थी । अवश्य संकेत ...

पहली हवाई यात्रा - 2
द्वारा Lalit Rathod

मुम्बई टू रायपुर- भाग दो खिड़की वाली जगह पाकर जितनी खुशी हुई थी, उतनी दो घंटे में मुंम्बई पहुंचने पर भी नही हुई...मन कह रहा था थोड़ी देर ऊपर से ...

यूँ ही राह चलते चलते - 12
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -12- वहीं पर एक टाइलोरियन पिलर था।मीना श्रेष्ठ जिन्होंने काफी समय से अपने ज्ञान का ढिंढोरा नही पीटा था कहा ’’सुमित मुझे पता है ...

यूँ ही राह चलते चलते - 11
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -11- सुबह ग्रुप के काफी लोग लाबी में एकत्र हो गए थे सुमित ने कहा ‘‘ आज हमारे ग्रुप में एक सदस्य और जुड़ ...

यूँ ही राह चलते चलते - 10
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -10- लौटते में सब को सुमित वेनिस की एक गली में ले गये, वह एक सँकरी पर साफ-सुथरी गली थी । वहाँ सुमित ने ...

यूँ ही राह चलते चलते - 9
द्वारा Alka Pramod

यूँ ही राह चलते चलते -9- आज का लक्ष्य वेनिस था, वही वेनिस जिसे शेक्सपियर के बहुचर्चित उपन्यास ’मर्चेन्ट आफ वेनिस‘ ने लोकप्रिय बना दिया था। पानी पर बसा ...