रेशमाई शहजादों - अग्नि परी

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Part 1: श्रापित गांव ~ साल था 1826। जगह थी - *राजस्थान का गांव "धू-धू"*। पिछले 100 साल से यहां बारिश नहीं हुई। कुएं सूखे। खेत बंजर। लोग भूखे। बूढ़े कहते थे: "ये गांव श्रापित है। यहां कभी एक जादूगरनी को जिंदा जलाया था। तब से देवी नाराज है।" उस रात आसमान काला। बिजली कड़की। गांव के किनारे झोपड़ी में आग लग गई। अंदर से चीख: "बचाओ!" जब लोग पहुंचे तो सब राख। सिर्फ बीच में एक पलंग। और उस पर... एक नवजात बच्ची। बाल एकदम लंबे, रेशम जैसे, जमीन तक। आंखें नीली, जैसे समंदर। बदन से हल्की सुनहरी रोशनी।

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रेशमाई शहजादों - अग्नि परी - 1

---*नॉवेल: "रेशमाई शहजादी - अग्नि परी"**Chapter 1: आग में पैदा हुई परी ~*Part 1: श्रापित गांव ~साल था 1826। थी - *राजस्थान का गांव "धू-धू"*।पिछले 100 साल से यहां बारिश नहीं हुई। कुएं सूखे। खेत बंजर। लोग भूखे।बूढ़े कहते थे: "ये गांव श्रापित है। यहां कभी एक जादूगरनी को जिंदा जलाया था। तब से देवी नाराज है।"उस रात आसमान काला। बिजली कड़की।गांव के किनारे झोपड़ी में आग लग गई।अंदर से चीख: "बचाओ!"जब लोग पहुंचे तो सब राख। सिर्फ बीच में एक पलंग। और उस पर...एक नवजात बच्ची।बाल एकदम लंबे, रेशम जैसे, जमीन तक। आंखें नीली, जैसे समंदर। बदन से ...और पढ़े

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रेशमाई शहजादों - अग्नि परी - 2

---*Chapter 2: पानी वाली शक्ति ~ 1200 शब्द*जंगल। रात। चांद पूरा।अर्जुन की तलवार रेशमा की गर्दन पर थी।"आत्मसमर्पण करो।"रेशमा "राजकुमार, तलवार से आग नहीं बुझती।"तभी बादल गरजे। बारिश शुरू।रेशमा की आंखों से आंसू नहीं, पानी की धारा निकली।*सपक!*जमीन से पानी का फव्वारा निकला। अर्जुन 10 फीट पीछे उड़ गया।रेशमा: "ये मेरी दूसरी शक्ति है। आग के बाद पानी।"अर्जुन उठा। भीग गया। "तुम... तुम इंसान नहीं हो।"रेशमा: "और तुम इंसान होकर भी पत्थर हो।"तभी 5 सिपाही आए। "पकड़ो इसे!"रेशमा ने हाथ घुमाया। हवा + पानी मिलकर बवंडर बना।सब उड़ गए।बूढ़ी औरत: "बेटी भाग। तेरी तीसरी शक्ति अभी जागनी बाकी है।"रेशमा ...और पढ़े

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रेशमाई शहजादों - अग्नि परी - 3

---*Chapter 6: भागते-भागते प्यार ~आग के पंखों से उड़कर रेशमा और अर्जुन "नील पर्वत" की गुफा में आए।पीछे राजा सेना। मशालें। घोड़े।अर्जुन की छाती से खून: "तुम ठीक हो?"रेशमा: "हां। पर तुम?"उसने हाथ रखा। आंसू गिरे। जख्म भर गया। *चौथी शक्ति - हीलिंग*3 दिन गुफा में। बातें। दर्द। और पास आना।अर्जुन: "मैंने धोखा दिया था। माफ कर दो।"रेशमा: "अब गलती की तो जला दूंगी।" दोनों हंसे।रात को राजा आया। "बाहर आओ!"रेशमा अकेली लड़ी। राजा को हराया।तभी तीर आया। अर्जुन बीच में आ गया।रेशमा चीखी। उसकी चीख से तीनों शक्ति + चौथी शक्ति जाग गई। सफेद रोशनी।पूरी सेना उड़ गई।रेशमा: ...और पढ़े

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रेशमाई शहजादों - अग्नि परी - 4

---*Chapter 11: 3 दुनियाओं का दरवाजा ~जंग के 1 महीने बाद।रेशमा और अर्जुन की शादी हो गई। पूरे राज्य जश्न।रेशमा अब रानी थी। पर चेहरे पर सुकून नहीं।रात को उसे सपना आया। 3 दरवाजे। लाल, नीला, सफेद।एक आवाज: "तेरी 4 शक्ति अधूरी है। 3 दुनिया बचानी है।"सुबह बूढ़ी आई: "शहजादी, तुम्हारी वजह से 3 लोक का बैलेंस बिगड़ गया है।""कौन से 3 लोक?""अग्नि लोक, जल लोक, वायु लोक। वहां के राजा तुमसे बदला लेना चाहते हैं।"तभी महल हिला। छत से आग गिरी।बाहर 3 राक्षस। 30 फीट लंबे।पहला - *अग्नि दानव*। दूसरा - *जल दैत्य*। तीसरा - *वायु असुर*।अर्जुन तलवार ...और पढ़े

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