शाम का समय था। आसमान में काले बादल छाए हुए थे और हल्की-हल्की बारिश पूरे शहर को भिगो रही थी। रेलवे स्टेशन की पुरानी छत से पानी की बूंदें लगातार टपक रही थीं। प्लेटफॉर्म पर लोगों की भीड़ थी, लेकिन हर कोई अपनी दुनिया में खोया हुआ था। कोई फोन पर बात कर रहा था, कोई जल्दी-जल्दी ट्रेन पकड़ने के लिए भाग रहा था, तो कोई चुपचाप बेंच पर बैठा अपने सफर का इंतज़ार कर रहा था।

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दिल की भूल - 1

Episode 1 – पहली मुलाकातशाम का समय था। आसमान में काले बादल छाए हुए थे और हल्की-हल्की बारिश पूरे को भिगो रही थी। रेलवे स्टेशन की पुरानी छत से पानी की बूंदें लगातार टपक रही थीं। प्लेटफॉर्म पर लोगों की भीड़ थी, लेकिन हर कोई अपनी दुनिया में खोया हुआ था। कोई फोन पर बात कर रहा था, कोई जल्दी-जल्दी ट्रेन पकड़ने के लिए भाग रहा था, तो कोई चुपचाप बेंच पर बैठा अपने सफर का इंतज़ार कर रहा था।उसी भीड़ के बीच एक लड़का अकेला खड़ा था — आरव।उसके हाथ में एक पुरानी डायरी थी और कंधे पर ...और पढ़े

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दिल की भूल - 2

रात काफी हो चुकी थी।स्टेशन पर भीड़ धीरे-धीरे कम हो रही थी, लेकिन आरव अब भी उसी बेंच पर था। उसके हाथों में सिया की छोड़ी हुई किताब थी और दिमाग में उसकी आखिरी बात बार-बार घूम रही थी"अगर किस्मत ने चाहा… तो हम फिर मिलेंगे…"आरव ने घड़ी देखी। उसकी ट्रेन आने में सिर्फ दस मिनट बाकी थे।वो चाहता तो किताब वहीं जमा करके चला जाता, लेकिन ना जाने क्यों उसका दिल ऐसा करने को तैयार नहीं था।उसने किताब को अपने बैग में रखा और गहरी सांस ली।“शायद ये सिर्फ एक इत्तेफाक था…” उसने खुद से कहा।लेकिन दिल मानने ...और पढ़े

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दिल की भूल - 3

अस्पताल के सफेद कॉरिडोर में अजीब सी खामोशी थी।चारों तरफ दवाइयों की गंध फैली हुई थी और मशीनों की आवाज माहौल को और भारी बना रही थी।आरव वहीं खड़ा रह गया।उसके कानों में सिर्फ एक ही बात गूंज रही थी —“सिया पिछले तीन दिनों से अस्पताल में है…”उसने घबराकर सामने खड़ी महिला की तरफ देखा।“क्या हुआ है उसे?” उसकी आवाज कांप रही थी।महिला ने गहरी सांस ली।“मैं सिया की मां हूंआरव तुरंत सीधा होकर खड़ा हो गया।“आंटी… सिया ठीक तो है ना?”उनकी आंखें भर आईं।“डॉक्टर कह रहे हैं कि हालत पहले से बेहतर है… लेकिन पिछले कुछ दिन बहुत ...और पढ़े

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