अदृश्य: कालचक्र का रक्षक

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मौत का दस्तक ​बनारस की उस रात में गंगा के घाटों पर सन्नाटा नहीं, बल्कि एक अजीब सी बेचैनी थी। शाम की आरती के बाद जो शांति छा जानी चाहिए थी, वह आज कहीं खो गई थी। मणिकर्णिका घाट पर जलती चिताओं की लपटें हवा के साथ ऐसे नाच रही थीं, मानो वे किसी अनहोनी का संकेत दे रही हों। ​आर्यन अपनी काली रॉयल एनफील्ड को घाट की ढलान पर खड़ा करके नीचे उतरा। उसने अपने जैकेट की चेन ऊपर तक चढ़ाई और एक गहरी सांस ली। उसके चेहरे पर चोट का एक पुराना निशान था, जो उसकी आंखों की गहराई को और ज्यादा रहस्यमयी बना देता था। वह कोई साधारण लड़का नहीं था, लेकिन यह बात वह खुद भी पूरी तरह नहीं जानता था।

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अदृश्य: कालचक्र का रक्षक - 1

मौत का दस्तक​बनारस की उस रात में गंगा के घाटों पर सन्नाटा नहीं, बल्कि एक अजीब सी बेचैनी थी। की आरती के बाद जो शांति छा जानी चाहिए थी, वह आज कहीं खो गई थी। मणिकर्णिका घाट पर जलती चिताओं की लपटें हवा के साथ ऐसे नाच रही थीं, मानो वे किसी अनहोनी का संकेत दे रही हों।​आर्यन अपनी काली रॉयल एनफील्ड को घाट की ढलान पर खड़ा करके नीचे उतरा। उसने अपने जैकेट की चेन ऊपर तक चढ़ाई और एक गहरी सांस ली। उसके चेहरे पर चोट का एक पुराना निशान था, जो उसकी आंखों की गहराई को ...और पढ़े

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अदृश्य: कालचक्र का रक्षक - 2

बनारस की तंग गलियां रात के सन्नाटे में किसी अजगर की तरह फुसफुसा रही थीं। आर्यन की रॉयल एनफील्ड आवाज़ उन खामोश दीवारों से टकराकर वापस आ रही थी। ठंडी हवा के झोंके उसके चेहरे पर सुइयों की तरह चुभ रहे थे, लेकिन उसके शरीर से पसीना बह रहा था। उसके गले में लटका वह रहस्यमयी लॉकेट अब कोयले की तरह गरम हो रहा था, मानो उसके अंदर कोई ज्वालामुखी फटने को बेताब हो।​अचानक, उसकी बाइक का इंजन एक झटके के साथ बंद हो गया। हेडलाइट की रोशनी धीरे-धीरे मद्धम पड़ी और फिर पूरी तरह अंधेरा छा गया।​"नहीं, अभी ...और पढ़े

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अदृश्य: कालचक्र का रक्षक - 3

अंधेरा इतना अभेद्य और घना था कि आर्यन को अपनी आँखों के सामने अपनी ही हथेलियाँ दिखाई नहीं दे थीं। बनारस की वे संकरी गलियाँ, जो कुछ मिनट पहले तक उसके लिए जानी-पहचानी थीं, अब किसी पराई और खौफनाक दुनिया की भूलभुलैया जैसी महसूस हो रही थीं। सन्नाटा इतना गहरा था कि उसे अपने ही कानों में अपने खून के दौड़ने की और दिल की बेकाबू धड़कनों की आवाज़ साफ़ सुनाई दे रही थी। हवा जैसे थम सी गई थी, और वातावरण में एक अजीब सी भारीपन व्याप्त था।अचानक, उसके गले में लटका वह रहस्यमयी लॉकेट, जो अभी कुछ ...और पढ़े

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अदृश्य: कालचक्र का रक्षक - 4

अंधेरा इतना गहरा था कि वह आर्यन के वजूद को निगल जाने को उतारू था। उसके गले में लटका रहस्यमयी लॉकेट, जो अब तक शांत था, अचानक एक मद्धम नीली रोशनी से थरथराने लगा। वह रोशनी आर्यन की छाती पर पड़ रही थी, जैसे कोई सोता हुआ दानव अपनी आँखें खोल रहा हो।​आर्यन ने कांपते हाथों से उस लॉकेट को छुआ। लॉकेट से निकलती गर्मी उसकी उंगलियों को झुलसा रही थी। तभी उसे महसूस हुआ कि बनारस की वे गलियाँ, जो अब तक खामोश थीं, फुसफुसाने लगी हैं। वह आवाज़ें इंसानी नहीं थीं; वे हवा के साथ रगड़ खाती ...और पढ़े

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अदृश्य: कालचक्र का रक्षक - 5

अंधेरा इतना गहरा था कि ऐसा लग रहा था मानो समय खुद थम गया है। आर्यन के कानों में भी उसके पिता की वह चीख गूँज रही थी, जो किसी गहरे कुएं से आई हुई प्रतीत होती थी। जब उसकी आँखें खुलीं, तो वह बनारस की उन तंग गलियों में नहीं था, न ही उस विशाल गुंबद के नीचे जहाँ घड़ियाँ उल्टी चल रही थीं।​वह एक ऐसी जगह था जहाँ ज़मीन नाम की कोई चीज़ नहीं थी। वह हवा में तैरते हुए पत्थर के बड़े-बड़े टुकड़ों पर लेटा था। उसके चारों ओर अंतहीन अंतरिक्ष था, लेकिन ताराहीन। सिर्फ एक ...और पढ़े

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