(जयपुर, सरकारी दफ़्तर। दोपहर 3:00 बजे) अन्वेषा पट्टनायक (25) अपने दफ़्तर की खिड़की के पास खड़ी थी। बाहर राजस्थान की तेज़ धूप और धूल उड़ रही थी। उसने हल्की नीली कॉटन की साड़ी पहनी थी—सिंपल, पर उसकी ईमानदारी उसके कपड़ों में भी दिखती थी। वह अभी-अभी ओडिशा से अपनी नई पोस्टिंग पर आई थी। मेज पर एक सरकारी फ़ाइल रखी थी: 'विकास संकल्प योजना'। यह राजस्थान सरकार का सबसे बड़ा और सबसे ज़्यादा विवादित प्रोजेक्ट था। अन्वेषा (मन ही मन सोचती है): "ओडिशा का समुद्र भले ही दूर हो, पर मेरे नियम यहाँ भी नहीं बदलेंगे। विकास ज़रूरी है, पर ईमानदारी से। राठौड़ जी की ताक़त बहुत बड़ी है, पर मेरी ड्यूटी (कर्तव्य) उससे भी बड़ी है।"
सफ़र-ए-दिल - जब नफ़रत जुनून में बदल जाए.. - 1
एपिसोड 1:पूर्व की शान और पश्चिम का दंभ(जयपुर, सरकारी दफ़्तर। दोपहर 3:00 बजे)अन्वेषा पट्टनायक (25) अपने दफ़्तर की खिड़की पास खड़ी थी। बाहर राजस्थान की तेज़ धूप और धूल उड़ रही थी। उसने हल्की नीली कॉटन की साड़ी पहनी थी—सिंपल, पर उसकी ईमानदारी उसके कपड़ों में भी दिखती थी। वह अभी-अभी ओडिशा से अपनी नई पोस्टिंग पर आई थी।मेज पर एक सरकारी फ़ाइल रखी थी: 'विकास संकल्प योजना'। यह राजस्थान सरकार का सबसे बड़ा और सबसे ज़्यादा विवादित प्रोजेक्ट था।अन्वेषा (मन ही मन सोचती है): "ओडिशा का समुद्र भले ही दूर हो, पर मेरे नियम यहाँ भी नहीं बदलेंगे। ...और पढ़े
सफ़र-ए-दिल - जब नफ़रत जुनून में बदल जाए.. - 2
EPISODE 2(ज़ोरदार टकराव)जब अभिमान अपनी बात कहकर बैठ जाता है, तो अन्वेषा खड़ी होती है। उसने फ़ाइल का एक उठाया।अन्वेषा (शांत, पर आवाज़ में दम): "राठौड़ जी, आपकी भावनाएँ समझती हूँ। पर मेरी रिपोर्ट के हिसाब से, इस योजना के क़ानूनी दस्तावेज़ों में बड़ी कमियाँ हैं। कुछ ज़मीन अधिग्रहण और पर्यावरण की मंज़ूरी में नियमों को ज़ाहिर तौर पर नज़रअंदाज़ किया गया है।"पूरा कमरा एकदम शांत हो जाता है। सरकारी अफ़सरों के चेहरे पीले पड़ जाते हैं।अन्वेषा (आवाज़ में सख़्ती): "मैं इस प्रोजेक्ट को पास नहीं कर सकती। मुझे हर दस्तावेज़ को पूरी ईमानदारी से जाँचने के लिए दस ...और पढ़े