आज थाने में बड़ा शोर था। एक मासूम सी,, लगभग 23 साल की एक औरत थी। "औरत तो क्या बोले वो उम्र से " एक लडकी ही थी। बदन पर पुरानी सी साड़ी और रंग साफ़,,,, मगर हाथ एक मजदूर के जैसे होने के स्थान पर बिल्कुल किसी राजकुमारी की तरह थे। मगर कोमल की जगह शख्त हाथ थे।,,, उसे जैसे ही धक्का देके जेल में डाला गया। तो उस जेल में पहले से बंद औरतों के चेहरे पर एक चिंता की लकीर झलक आई। भले ही वह लड़की गुनहगार थी। लेकिन फिर वह सभी चिंता में पड़ गई।
Full Novel
मासूम चेहरा - गीता - 1
आज थाने में बड़ा शोर था।एक मासूम सी,, लगभग 23 साल की एक औरत थी। "औरत तो क्या बोले उम्र से " एक लडकी ही थी। बदन पर पुरानी सी साड़ी और रंग साफ़,,,, मगर हाथ एक मजदूर के जैसे होने के स्थान पर बिल्कुल किसी राजकुमारी की तरह थे।मगर कोमल की जगह शख्त हाथ थे।,,, उसे जैसे ही धक्का देके जेल में डाला गया। तो उस जेल में पहले से बंद औरतों के चेहरे पर एक चिंता की लकीर झलक आई।भले ही वह लड़की गुनहगार थी। लेकिन फिर वह सभी चिंता में पड़ गई।वो मन ही मन सोचने ...और पढ़े
मासूम चेहरा - गीता - 2
वह औरत गीता के बारे में सोचते सोचते अतीत (चार साल पहले)में चली जाती है "अरी ओ काकी हो" पानी कब आता है यहां।तब गीता नई ब्याह के आई थी और यहां के आबो हवा का जायजा ले रही थी। उसके लिए यह सब कुछ नया था।गीता के पति के पास बस यहां एक रहने लायक खोली थी उसके अलावा यहां कुछ ना था।यहां तक की जिस साधन (घर का जरुरी सामान)से वो अपना जीवन व्यतीत कर पाए वो भी नहीं था।गीता अपनी ज़िंदगी का नया सफ़र शूरु करने के इरादे से इस इंसान से शादी करने ...और पढ़े
मासूम चेहरा - गीता - 3
लड़की चाहे मध्यम वर्ग के परिवार की हो गरीब की या फिर किसी अमीर बाप की शहजादी क्यों ना सब की इच्छा होती ही है की उनकी लाइफ में कोई आए जो उनका ज़िंदगी के हर मोड़ पर साथ देबिना पूछे दिल की हर बात जान ले।कहे बिना हर दर्द भांप ले।हर लडकी ही जीवन में ऐसा जीवन साथी चाहती है। जो उसे सही से समझे।गीता का पति शुरुआत से इतना जुआरी या शराबी ना था। छोटा सा घर और वह अकेला। लोगों का उसकी शादी से पहले बस एक ही अनुमान था । की अरे इसकी शादी करदो ...और पढ़े
मासूम चेहरा - गीता - 4
सगाई के बाद शादी की बात निर्धारित की जाती है।गीता यह सोचते- सोचते मंत्र मुग्ध हो रही थी। की उसकी भी शादी होगी। हर किसी की तरह उसकी भी एक एक रस्म बडी धूम धूम धाम से होगी। रिश्तेदारों का आना जाना लगा रहेगा। ओर बिछड़े उन सभी लोगों से मिलने का मोका मिलेगा। जो आज तक नहीं मिले है।ओर कहीं न कहीं ये बात सही भी है। एक बार को लोग लड़के की शादी छोड़ देते है मगर ""अगर लडकी की शादी का रिश्ता मीलों दूर से भी आया होता है सभी लोग जाकर ही रहते है। ओर ...और पढ़े
मासूम चेहरा - गीता - 5
सभी रस्म बारी बारी से पुरी की जा रहीं थीं। आस पड़ोस की औरतों का गाना बजाना। ओर गीता हस खेल कर बाते करना। लग रा था गीता मन ही मन बहुत ज्यादा खुश है।वक्त का पता भी नहीं लग रहा था कहा भागे जा रहा था। मगर गीता अब भी अचरज में थी। की शादी का माहोल है मगर यह बस घर ही घर में है। आस पड़ोस की इन चार औरतों के अलावा किसी को कानों कान खबर क्यू नहीं हैं।मगर जो भी हो गीता अब खुश थी। कम से कम उसकी शादी अब थोड़ी शादी सी ...और पढ़े