बेजुबान इश्क - (सीजन 2)

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जब खामोशी ने सवाल पूछा पाँच साल बाद…मुंबई अब भी वही थी—भागती हुई, शोर से भरी हुई।लेकिन आदित्य और अन्या की ज़िंदगीअब एक नई लय में चल रही थी।Silent Voice Foundationआज एक बड़ा नाम बन चुका था।सैकड़ों ऐसे लोगजो बोल नहीं सकते थे,आज अपने सपनों को आवाज़ दे रहे थे।नई सुबहसुबह की धूपबालकनी में रखे पौधों पर पड़ रही थी।अन्या कॉफी बनाते हुए बोली—“आज बहुत बड़ा दिन है…

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बेजुबान इश्क - (सीजन 2)

जब खामोशी ने सवाल पूछा पाँच साल बाद…मुंबई अब भी वही थी—भागती हुई, शोर से भरी हुई।लेकिन आदित्य और की ज़िंदगीअब एक नई लय में चल रही थी।Silent Voice Foundationआज एक बड़ा नाम बन चुका था।सैकड़ों ऐसे लोगजो बोल नहीं सकते थे,आज अपने सपनों को आवाज़ दे रहे थे।नई सुबहसुबह की धूपबालकनी में रखे पौधों पर पड़ रही थी।अन्या कॉफी बनाते हुए बोली—“आज बहुत बड़ा दिन है…फाउंडेशन की नई ब्रांच का उद्घाटन।”आदित्य ने मुस्कुराकरउसकी हथेली पर लिखा—“हमने बहुत दूर तक सफ़र किया है।”अन्या ने उसकी तरफ देखा—वो गर्व से भरा था ...और पढ़े

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