सुबह के 6:30 बजे थे। हवा में हल्की ठंडक थी, सूरज अभी-अभी आसमान में उभर रहा था। सड़क पर कम गाड़ियाँ थीं और पक्षियों की आवाज़ें शहर को एक अलग ही सुकून दे रही थीं। रोहन ने हमेशा की तरह अपनी बाइक स्टार्ट की और हेलमेट पहनते हुए एक लंबी सांस ली। ऑफिस की भागदड़ वाली ज़िंदगी उसके लिए नई नहीं थी, लेकिन आज… आज उसके चेहरे पर एक अजीब सी चमक थी। और उसका कारण था — सिमी। ? हर सुबह जब वह काम पर जाता, रास्ते में एक मकान पड़ता था। उस घर की छत पर एक लड़की उसे दिखाई देती । कोमल चेहरे वाली, हवा में उड़ते बालों के साथ… और मुस्कान ऐसी कि जैसे बादलों के बीच से अचानक सूरज की किरण निकल आए।
Full Novel
अनकही मोहब्बत - 1
Part 1 —सुबह के 6:30 बजे थे। हवा में हल्की ठंडक थी, सूरज अभी-अभी आसमान में उभर रहा था। पर कम गाड़ियाँ थीं और पक्षियों की आवाज़ें शहर को एक अलग ही सुकून दे रही थीं।रोहन ने हमेशा की तरह अपनी बाइक स्टार्ट की और हेलमेट पहनते हुए एक लंबी सांस ली। ऑफिस की भागदड़ वाली ज़िंदगी उसके लिए नई नहीं थी, लेकिन आज… आज उसके चेहरे पर एक अजीब सी चमक थी।और उसका कारण था — सिमी। हर सुबह जब वह काम पर जाता, रास्ते में एक मकान पड़ता था। उस घर की छत पर एक लड़की उसे ...और पढ़े
अनकही मोहब्बत - 2
Part 2 —अगली सुबह सूरज अपनी रोशनी लेकर फिर आसमान में उभर आया था, पर आज ना हवा में ताजगी थी और ना ही रोहन के चेहरे पर वो चमक। वो अपने मन में एक खालीपन लिए बाइक पर बैठा, जैसे उसके दिन का सबसे खूबसूरत हिस्सा उससे छिन गया हो।आज वह रास्ते में उस घर के पास पहुँचा तो उसने ऊपर देखने की हिम्मत नहीं की। वो डर रहा था—"क्या पता आज भी वह ना दिखाई दे?"पर दिल तो दिल होता है…चाहे जितना समझाओ, उम्मीद में फिर भी जान बाकी रहती है।एक पल उसने नज़र उठाई—और…इस बार सिमी ...और पढ़े
अनकही मोहब्बत - 3
Part 3 — पहली डेट… पहला एहसास पहली मुलाक़ात के बाद दोनों के बीच बातों का सिलसिला और तेज़ गया था।अब सुबह उठते ही उनका पहला काम था — एक-दूसरे का मैसेज देखना।और रात को सोने से पहले आख़िरी काम — एक-दूसरे को गुड नाइट बोलना।हर चैट, हर हंसी, हर इमोजी उनके दिलों के बीच का फासला कम कर रही थी। वो दोनों दोस्त थे… लेकिन दिलों में कुछ और ही चल रहा था।एक शाम रोहन ने मैसेज किया: "Simmi… weekend free हो?"सिमी ने तुरंत टाइप किया— "शायद… क्यों?"रोहन — "क्योंकि… मैं तुम्हें कॉफ़ी पर ले जाना चाहता हूँ।" ...और पढ़े
अनकही मोहब्बत - 4
Part 4 :-कुछ हफ़्तों तक रोहन और सिमी की दुनिया प्यार, हँसी और उम्मीदों से भरी रही।हर शाम उनके में इमोजी होते—️हर सुबह एक-दूसरे के "Good Morning" से शुरू होती और रात "Good Night, Take care" पर खत्म।अब उन्हें एक-दूसरे के बिना दिन अधूरा लगता था।उनकी ज़िंदगी में एक खूबसूरत रिदम बन चुका था…लेकिन…किस्मत जब प्यार देती है तो उसे आज़माती भी है।और वह दिन आ गया—जिसने सबकुछ बदल दिया। उस शाम…सिमी कॉलेज से लौटी, और जैसे ही घर में कदम रखा—डाइनिंग टेबल पर बैठे लोग दिखे।रिश्तेदार।अजनबी चेहरे।मुस्कानें…और उसके पापा की सख़्त आँखें।उसके दिल में जैसे किसी ने चाकू ...और पढ़े
अनकही मोहब्बत - 5
Part 5 —रोहन अब पहले जैसा नहीं रहा था।जिस लड़के की आँखों में कभी चमक थी… अब उनमें थकान थी।जिसकी हंसी बिंदास थी… अब उस हंसी में दर्द छुपा होता था।सिमी के बिना उसकी दुनिया बिखर चुकी थी,लेकिन बाहर से वो ख़ुद को मज़बूत दिखा रहा था।क्योंकि अब रोना—उसकी आदत बन चुका था। ऑफिस में नया दौरप्रमोशन के बाद जिम्मेदारियाँ बढ़ गई थीं।अब अक्सर देर रात तक काम करना पड़ता था।इन्हीं व्यस्त घंटों में एक चेहरा धीरे–धीरे उसके पास आने लगा —टीना।टीना बहुत अलग थी—खुलकर बोलने वाली, हंसने वाली, आत्मविश्वासी और लोगों को समझने वाली।उसने पहली ही हफ़्ते ...और पढ़े
अनकही मोहब्बत - 6
Part 6 —Simmi के घर अब शादी की तैयारियाँ शुरू हो चुकी थीं।घर में रौनक थी… पर उसके दिल बस सन्नाटा।जहां बाकी लोग हँस रहे थे,Simmi चुप थी… टूट चुकी थी…और हर साँस में बस एक ही नाम था—"Rohan…"उस रात Muskaan उसके कमरे में आई,उसकी आँखों में अब भी बेचैनी थी।Simmi धीरे से बोली —“अगर वो किसी और के साथ खुश है… तो क्या मुझे हार मान लेनी चाहिए…?”Muskaan ने उसकी आँखों में देखते हुए कहा —“प्यार, हार मानने के लिए नहीं होता Simmi…लेकिन कभी-कभी प्यार में छोड़ना भी पड़ता है।”Simmi बस रो पड़ी…क्योंकि वह न उसे भूल ...और पढ़े
अनकही मोहब्बत - 7
Part 7 -Simmi के पास अब बस कुछ ही दिन बचे थे शादी के।घर में हँसी, हल्दी, मेहंदी शादी की तैयारियों का शोर था—पर उसके दिल में बस खामोशी थी।जहाँ बाकी लोग खुश थे,वहाँ उसकी मुस्कान नकली थी।उसे बस एक ही बात परेशान कर रही थी— "क्या Rohan ने मुझे सच्चे दिल से चाहा था…या सिर्फ़ एक खूबसूरत इत्तेफाक था?"उसने फैसला किया—वह Rohan से आखिरी बार बात करेगी। दूसरी तरफ Rohan…Rohan अब हर चीज़ में खोया-सा रहने लगा था।Tina समझ रही थी कि उसके और Rohan के बीचकोई दीवार है जिसे वह कभी नहीं तोड़ पाएगी।एक दिन उसने ...और पढ़े
अनकही मोहब्बत - 8 (अंतिम भाग)
Last part ...8Simmi दुल्हन के लिबास में सड़क पर भाग रही थी।लाल लहंगा मिट्टी में घिस रहा था,पैरों में आ रही थीं,पर उसके लिए दर्द सिर्फ एक ही था— “Rohan को कुछ नहीं होना चाहिए।”उसकी आँखों में बस Rohan का चेहरा था,वो मुस्कान, वो नजरें, वो खामोशीजिसमें उसने दुनिया छुपा रखी थी।Auto रोका, पर सब भरे हुए थे।आँसुओं के साथ वह चिल्लाई—“किसी को रोकिए… PLEASE!मुझे हॉस्पिटल जाना है!”एक बाइक वाले लड़के ने उसे पहचान लिया।वह बोला—“आपको हॉस्पिटल ले चलता हूँ।”Simmi पीछे बैठी, पल्लू कसकर पकड़ाऔर हवा के धक्कों के बीच उसका दिलबार-बार कह रहा था—“Rohan… तुम मुझे छोड़ नहीं ...और पढ़े