लंबे बाल, गोरा रंग, बड़ी-बड़ी आखें... एक अजीब सी खामोशी। शादी के एक फंक्शनम में राज ने उसे पहली बार देखा था। बस एक नजर... और उस नजर ने सब कुछ बदल दिया था। उसे नजर ने राज की पूरी दुनिया ही बदल दी थी। "शहर लड़की कुछ अलग है।"रज ने अपने दोस्त से कहा। "वह पागल हो रहा था उसके लिए।"उसने कहा, "हां, यह मेरी है। वक्त बदला।"अनु और राज अब एक ही स्कूल में थे। अनु ने 11वीं कक्षा में एडमिशन लिया, और थोड़े ही दिनों बाद राज भी उसी क्लास में आ गया।
काला गुलाब - भाग 1
भाग1: काला गुलाब। लंबे बाल, गोरा रंग, बड़ी-बड़ी आखें... एक अजीब सी खामोशी। शादी के एक फंक्शनम में राज ने उसे पहली बार देखा था। बस एक नजर... और उस नजर ने सब कुछ बदल दिया था। उसे नजर ने राज की पूरी दुनिया ही बदल दी थी। "शहर लड़की कुछ अलग है।"रज ने अपने दोस्त से कहा। "वह पागल हो रहा था उसके लिए।"उसने कहा, "हां, यह मेरी है। वक्त बदला।"अनु और राज अब ...और पढ़े
काला गुलाब - भाग 2
भाग 1: वीर राज को घर छोड़कर आया था। राज अपने कमरे में गया और उदास होकर बैठ गया। उसके कमरे में गोरी जी आई। उन्होंने रोज का सिर अपनी गोदी में रखा और प्यार से बोलीं _ "बेटा, क्या हआ? राज कीआखें भर आई। उसने कहा_"मां... अनु मेरे प्यार को क्यों नहीं समझती? में उसे कितना प्यार करता हूं।"गोरी जी थोड़ी उदास होकर बोली_"बेटा, एक दिन जरूर अनु तुम्हारे को समझेगी। मैं जानती हूं... अनु भी तुमसे बहुत ज्यादा प्यार करती है।"गोरी जी ने राज को सुला दिया और कमरे से बाहर चली गई। उधर राज अचानक उठ ...और पढ़े
काला गुलाब - भाग 3
भाग3: अनु ने गहरी सांस ली और खामोश हो गई। उसकी आंखों में सवाल तैर रहे थे, लेकिन जवाब की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी। ट्रेन अपनी रफ्तार से पहाड़ों की तरफ बढ रही थी। बाहर का नजारा बदल चुका था। हरी _भरी घाटिया धुंध से ढकी हुई थी। लेकिन अनू का दिल का भोज कम होने का नाम ही नहीं ले रहा था। उसने मन ही मन सोचा_"क्या सच में... मैं राज को बुला नहीं पा रही हुं ? ट्रेन अपनी पूरी रफ्तार से चल रही थी। सूरज धीरे-धीरे ढल रहा था। और खिड़की से आती सुनहरी ...और पढ़े