दोस्ती थी... लेकिन प्यार नहीं। शादी थी... मगर असली नहीं। आख़िर क्यों करनी पड़ी शौबो को एक नकली शादी? क्या था राज़ जिमी और शौबो के बीच? और कौन था वो... जिसके आने से सब कुछ बदल गया? जब सच्चाई सामने आएगी, तब केवल दिल नहीं, ज़िंदगी भी टूटेगी। हर पल एक रहस्य, हर मोड़ पर एक नया झटका... तैयार हो जाइए — क्योंकि ये कहानी है दोस्ती, धोखा और... एक अंधेरे सच की। अगर आपको रुची है तो जरुर पढे

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Love or Love - 1

दोस्ती थी... लेकिन प्यार नहीं। शादी थी... मगर असली नहीं। आख़िर क्यों करनी पड़ी शौबो को एक नकली शादी? क्या था राज़ और शौबो के बीच? और कौन था वो... जिसके आने से सब कुछ बदल गया? जब सच्चाई सामने आएगी, तब केवल दिल नहीं, ज़िंदगी भी टूटेगी। हर पल एक रहस्य, हर मोड़ पर एक नया झटका... तैयार हो जाइए — क्योंकि ये कहानी है दोस्ती, धोखा और... एक अंधेरे सच की। अगर आपको रुची है तो जरुर पढे ...और पढ़े

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Love or Love - 2

मिन ने शाओबो के सिर पर गन लगा दी और कहा, "अगर तुमने मेरी बात नहीं मानी, तो मैं मार दूंगा!" शाओबो कांपती आवाज़ में बोली, "मैं तुम्हारी बात नहीं मानूंगी। तुम बहुत बुरे हो!" मिन का गुस्सा चरम पर था — उसने ट्रिगर दबा दिया... लेकिन गोली शाओबो की तरफ नहीं, आसमान में चली। गन की तेज़ आवाज़ सुनकर शाओबो डर से कांप गई और बेहोश होकर ज़मीन पर गिर पड़ी।दूसरी तरफ... जिमी बेहद परेशान था। उसने हर जगह शाओबो को ढूंढा, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। आख़िरकार, उसने शाओबो के पापा को कॉल किया और सारी ...और पढ़े

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Love or Love - 3

"मिन ने कहा कि ये सब तुम्हारे पापा ने किया, तुम्हारे पापा ने तुम्हारी माँ का कत्ल किया और माँ को फँसा दिया!" शाओबो गुस्से से चिल्लाई, "ऐसा तुम कैसे कह सकते हो! तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई! मेरे पापा ऐसा नहीं कर सकते, वो तो मेरी माँ से बहुत प्यार करते थे!" मिन ने कहा, "अच्छा? तो फिर बताओ क्या तुम्हें पता है वो कैसे मरी?" शाओबो ने कहा, "मुझे नहीं पता, पर इसका मतलब ये नहीं कि तुम मेरे पापा पर झूठा इल्ज़ाम लगाओ! चले जाओ यहाँ से! निकल जाओ!" मिन कहता है, "तुम्हें यक़ीन करना होगा, क्योंकि ...और पढ़े

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Love or Love - 4

जिमी आखिरकार मिन्न की बात मान जाता है और उसके साथ शौबो के कमरे की ओर जाता है। जैसे वे दोनों शौबो के कमरे में दाखिल होते हैं, शौबो रो रही होती है। जिमी को देखते ही वह दौड़कर उसके गले लग जाती है और जोर-जोर से रोने लगती है। जिमी उसे गले लगाकर चुप कराता है, उसके आँसू पोछता है। मिन्न कुछ कहने ही वाला होता है, शायद शौबो से उसके पापा के बारे में पूछने के लिए कि क्या उसे सब कुछ याद आ गया, लेकिन तभी जिमी इशारे से मिन्न को रोक देता है। वह शौबो ...और पढ़े

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Love or Love - 5

जिमी सिमी को गले लगाकर रोते हुए कहता है, “मुझे माफ़ कर दो, सिमी। मैं अपना वादा नहीं पूरा पाया। मैंने तुम्हें अकेला छोड़ दिया था, मुझे माफ़ कर दो।”सिमी कहती है, “इसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं है। ये सब उस नीच इंसान की वजह से हुआ है। और हम दोनों मिलकर उससे बदला लेंगे।”जिमी कहता है, “क्या तुम्हारे अंदर इतनी हिम्मत है कि तुम अपने खुद के पिता को तकलीफ दो?”सिमी कहती है, “उसे मेरा पिता मत कहो, वो मेरे लिए उसी दिन मर गए थे जब उन्होंने मेरी माँ का कत्ल मेरे आंखों के सामने किया और ...और पढ़े

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Love or Love - 6

यहां आपका कहानी का भाग अच्छे से हिंदी में लिखा गया है:शुबो ने बताया कि वह कोमा में चली थी और ये सुनकर मिन उसे गले लगा लेता है और कहता है, "मुझे माफ कर दो, मेरी वजह से तुम्हें इतनी तकलीफ हुई।" शुबो कहती है, "तुम्हारी कोई गलती नहीं है और तुम्हें पता है, मुझे ऐसा दिखाना पड़ा था कोमा से उठने के बाद कि मुझे कुछ याद नहीं है, क्योंकि अगर पापा को पता चल जाता तो वह मुझे भी मार देते शायद।"फिर मिन का आदमी उससे बोलता है, "सर, हमने उसे पकड़ लिया है।" मिन कहता ...और पढ़े

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Love or Love - 7

जैसे ही मिन ने शाओबो के पापा की तरफ गुस्से में बंदूक उठाई, उस पल में बस बदले की जल रही थी। लेकिन उसी वक्त, शाओबो के पापा ने भी बंदूक निकाल ली और दोनों तरफ से गोली चल गई।मिन की गोली ने सीधा निशाना साधा, लेकिन अचानक एक और गोली की आवाज़ आई — और वो सीधा शाओबो को जा लगी।वो पल जैसे थम गया। शाओबो की चीख नहीं, बस उसकी देह लहूलुहान होती ज़मीन पर गिर गई।"शाओबो!" मिन चीख पड़ा।मिन के हाथ काँप रहे थे। आँखों में डर, पछतावा और ग़ुस्सा — सब एक साथ उमड़ आए ...और पढ़े

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